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Saharanpur News: खाकी पर दाग, जांच में 44 दोषी करार, कटघरे में 68 पुलिसकर्मी
Sat, 08 Nov 2025 12:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 08 Nov 2025 12:26 AM IST
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सहारनपुर। आपराधिक मामलों और शिकायतों की जांच में लापरवाही कर पुलिसकर्मियों ने खाकी पर दाग लगाने का काम किया है। किसी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं तो कोई विवेचना में लापरवाही कर रहा है। इसका फायदा आरोपियों को मिलता है। एसएसपी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर 44 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जबकि जिले के अलग-अलग थानों, चौकियों में तैनात 68 पुलिसकर्मी अब भी जांच के दायरे में हैं।
जिले में 22 थाने, एक साइबर थाना, एक एएचटीयू और 100 से अधिक पुलिस चौकियां हैं। इनके अलावा कई सेल और प्रकोष्ठ भी हैं, जहां 4,900 पुलिसकर्मी तैनात हैं। प्रतिदिन एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी देहात के पास किसी न किसी पुलिसकर्मी की शिकायत पहुंचती हैं। 68 पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जिनकी किसी न किसी मामले में जांच चल रही हैं। इनमें इंस्पेक्टर से लेकर सब इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल तक शामिल हैं। विवेचना में लापरवाही, ड्यूटी से गैरहाजिर, मारपीट करने, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने की जांच में 44 पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। इन सभी पर कार्रवाई की गई है। इसके बाद भी पुलिसकर्मी नहीं सुधर रहे हैं।
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-- बच्चे को ढूंढने का नहीं किया प्रयास
पीड़ित सतेंद्र पाल सिंह ने बेटे वेदांश आर्य की गुमशुदगी संबंधित थाने में दर्ज कराई थी। मामले की जांच उप निरीक्षक मोहम्मद जहांगीर को दी गई। आरोप है कि गुमशुदगी के तथ्यों के संबंध में अवगत होने पर भी उप निरीक्षक ने कोई प्रयास नहीं किया। जांच में आरोप सही मिलने पर एसएसपी ने कार्रवाई की।
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-- पांच हजार की रिश्वत लेने पर किया निलंबित
एसएसपी ने कोतवाली मंडी में तैनात उप निरीक्षक अमित कुमार को सत्यापन के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में निलंबित किया था। आरोप था कि भारतीय सेना में शिक्षक सूबेदार के पद पर चयन होने के बाद उनसे चरित्र सत्यापन की एवज में पांच हजार रुपये मांगे गए थे। फिलहाल इनकी जांच नकुड़ सीओ कर रहे हैं।
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-- वर्जन
पुलिसकर्मियों से संबंधित मिलने वाली शिकायतों की जांच कराई जाती है। 44 पुलिसकर्मियों पर जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की गई है। 68 पुलिसकर्मियों की जांच चल रही है। सबसे ज्यादा शिकायत विवेचना में लापरवाही, ड्यूटी से गैरहाजिर की मिलती हैं। पुलिसकर्मियों को मीटिंग कर समझाया जाता है कि वह लोगों के प्रति व्यवस्था अच्छा रखें।
- आशीष तिवारी, एसएसपी
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जिले में 22 थाने, एक साइबर थाना, एक एएचटीयू और 100 से अधिक पुलिस चौकियां हैं। इनके अलावा कई सेल और प्रकोष्ठ भी हैं, जहां 4,900 पुलिसकर्मी तैनात हैं। प्रतिदिन एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी देहात के पास किसी न किसी पुलिसकर्मी की शिकायत पहुंचती हैं। 68 पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जिनकी किसी न किसी मामले में जांच चल रही हैं। इनमें इंस्पेक्टर से लेकर सब इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल तक शामिल हैं। विवेचना में लापरवाही, ड्यूटी से गैरहाजिर, मारपीट करने, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने की जांच में 44 पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। इन सभी पर कार्रवाई की गई है। इसके बाद भी पुलिसकर्मी नहीं सुधर रहे हैं।
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पीड़ित सतेंद्र पाल सिंह ने बेटे वेदांश आर्य की गुमशुदगी संबंधित थाने में दर्ज कराई थी। मामले की जांच उप निरीक्षक मोहम्मद जहांगीर को दी गई। आरोप है कि गुमशुदगी के तथ्यों के संबंध में अवगत होने पर भी उप निरीक्षक ने कोई प्रयास नहीं किया। जांच में आरोप सही मिलने पर एसएसपी ने कार्रवाई की।
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एसएसपी ने कोतवाली मंडी में तैनात उप निरीक्षक अमित कुमार को सत्यापन के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में निलंबित किया था। आरोप था कि भारतीय सेना में शिक्षक सूबेदार के पद पर चयन होने के बाद उनसे चरित्र सत्यापन की एवज में पांच हजार रुपये मांगे गए थे। फिलहाल इनकी जांच नकुड़ सीओ कर रहे हैं।
पुलिसकर्मियों से संबंधित मिलने वाली शिकायतों की जांच कराई जाती है। 44 पुलिसकर्मियों पर जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की गई है। 68 पुलिसकर्मियों की जांच चल रही है। सबसे ज्यादा शिकायत विवेचना में लापरवाही, ड्यूटी से गैरहाजिर की मिलती हैं। पुलिसकर्मियों को मीटिंग कर समझाया जाता है कि वह लोगों के प्रति व्यवस्था अच्छा रखें।
- आशीष तिवारी, एसएसपी