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अंबाला से शामली तक बनेगा नया एक्सप्रेस-वे
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आनंद प्रकाश
सहारनपुर। भारतमाला परियोजना के तहत एक नया एक्सप्रेस-वे बनने जा रहा है। यह एक्सप्रेस-वे अंबाला से शामली के बीच बनेगा, जिसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की तरफ से डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह एक्सप्रेस वे अंबाला से शामली तक करीब 110 किलोमीटर लंबाई का होगा। इसका आरओडब्ल्यू (राइट ऑफ वे) करीब 60 मीटर होगा। एनएचएआई के पीआईयू अंबाला द्वारा इसकी डीपीआर तैयार कराई जा रही है। यह दिल्ली से देहरादून तक बन रहे इकनॉमिक कॉरिडोर का इंटर कॉरिडोर होगा। यह सहारनपुर जिले की नकुड़ तहसील के गांवों और रामपुर मनिहारान के कुछ गांवों से होकर गुजरेगा और पूरी तरह ग्रीन कॉरिडोर होगा। इसका निर्माण होने पर जिले को एक और नया एक्सप्रेस मिल जाएगा, जिससे शामली की तरफ से सहारनपुर के रास्ते अंबाला जाने का रास्ता और सुगम हो जाएगा।
वन विभाग से मांगी जानकारी
एनएचएआई के अंबाला पीआईयू से जनरल मैनेजर (तकनीकी) एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह ने इस संबंध में जिला वनाधिकारी से जानकारी मांगी है कि नकुड़ और रामपुर मनिहारान तहसील क्षेत्र में कहां कहां पर वन विभाग का वन क्षेत्र है। यह इसलिए पूछा जा रहा है, ताकि एक्सप्रेस-वे का एलाइनमेंट वन क्षेत्र से हटाकर तैयार किया जा सके।
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अगले वर्षों में पूरे होंगे यह अहम प्रोजेक्ट
-- दिल्ली सहारनपुर हाईवे
- 155.125 किलोमीटर लंबाई के इस हाईवे में शामली बाईपास से सहारनपुर तक करीब 62.779 लंबाई का फोरलेन हाईवे बन रहा है। सहारनपुर जिले में नानौता और रामपुर मनिहारान के बीच 85 प्रतिशत कार्य हो चुका है। रामपुर मनिहारान में अतिक्रमण हटने पर कार्य शुरू हुआ है। जंधेड़ी और रामपुर मनिहारान में रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनने बाकी हैं। जिसके लिए पाइल टेस्टिंग हो चुकी है। अप्रैल 2022 तक निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
इकनॉमिक कॉरिडोर
दिल्ली से देहरादून तक करीब 210 किलोमीटर लंबाई का इकनॉमिक (ग्रीन) कॉरिडोर बन रहा है। सहारनपुर जिले के 30 गांवों से यह गुजरेगा। दिल्ली की तरफ से बागपत जिले में पहले चरण में कार्य होगा। उसकी टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। सहारनपुर जिले में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है। जिसके बाद निर्माण शुरू हो जाएगा। वर्ष 2024 से पहले इसका निर्माण पूरा हो सकता है।
एलिवेटेड हाईवे
इकनॉमिक कॉरिडोर के तहत ही सहारनपुर जिले में गणेशपुर से मोहंड तक और उससे आगे उत्तराखंड की सीमा में मिलाकर करीब 18 किलोमीटर का हाईवे बनना है, जिसमें करीब साढ़े तीन किलोमीटर का एलिवेटेड हाईवे यूपी की सीमा में बनेगा। इसमें उत्तर प्रदेश का करीब 47.7054 हेक्टेयर और उत्तराखंड की 9.6224 हेक्टेयर वन क्षेत्र शामिल है। वर्ष 2024 से पहले इसका निर्माण पूरा होगा।
अंबाला-शामली एक्सप्रेस-वे
इस एक्सप्रेस-वे की डीपीआर तैयार कराई जा रही है। नकुड़ और रामपुर मनिहारान क्षेत्र से गुजरने वाले इस एक्सप्रेस-वे से इन दोनों ही क्षेत्रों में विकास का पहिया रफ्तार पकड़ेगा।
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सहारनपुर। भारतमाला परियोजना के तहत एक नया एक्सप्रेस-वे बनने जा रहा है। यह एक्सप्रेस-वे अंबाला से शामली के बीच बनेगा, जिसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की तरफ से डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह एक्सप्रेस वे अंबाला से शामली तक करीब 110 किलोमीटर लंबाई का होगा। इसका आरओडब्ल्यू (राइट ऑफ वे) करीब 60 मीटर होगा। एनएचएआई के पीआईयू अंबाला द्वारा इसकी डीपीआर तैयार कराई जा रही है। यह दिल्ली से देहरादून तक बन रहे इकनॉमिक कॉरिडोर का इंटर कॉरिडोर होगा। यह सहारनपुर जिले की नकुड़ तहसील के गांवों और रामपुर मनिहारान के कुछ गांवों से होकर गुजरेगा और पूरी तरह ग्रीन कॉरिडोर होगा। इसका निर्माण होने पर जिले को एक और नया एक्सप्रेस मिल जाएगा, जिससे शामली की तरफ से सहारनपुर के रास्ते अंबाला जाने का रास्ता और सुगम हो जाएगा।
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वन विभाग से मांगी जानकारी
एनएचएआई के अंबाला पीआईयू से जनरल मैनेजर (तकनीकी) एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह ने इस संबंध में जिला वनाधिकारी से जानकारी मांगी है कि नकुड़ और रामपुर मनिहारान तहसील क्षेत्र में कहां कहां पर वन विभाग का वन क्षेत्र है। यह इसलिए पूछा जा रहा है, ताकि एक्सप्रेस-वे का एलाइनमेंट वन क्षेत्र से हटाकर तैयार किया जा सके।
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अगले वर्षों में पूरे होंगे यह अहम प्रोजेक्ट
-- दिल्ली सहारनपुर हाईवे
- 155.125 किलोमीटर लंबाई के इस हाईवे में शामली बाईपास से सहारनपुर तक करीब 62.779 लंबाई का फोरलेन हाईवे बन रहा है। सहारनपुर जिले में नानौता और रामपुर मनिहारान के बीच 85 प्रतिशत कार्य हो चुका है। रामपुर मनिहारान में अतिक्रमण हटने पर कार्य शुरू हुआ है। जंधेड़ी और रामपुर मनिहारान में रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनने बाकी हैं। जिसके लिए पाइल टेस्टिंग हो चुकी है। अप्रैल 2022 तक निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
इकनॉमिक कॉरिडोर
दिल्ली से देहरादून तक करीब 210 किलोमीटर लंबाई का इकनॉमिक (ग्रीन) कॉरिडोर बन रहा है। सहारनपुर जिले के 30 गांवों से यह गुजरेगा। दिल्ली की तरफ से बागपत जिले में पहले चरण में कार्य होगा। उसकी टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। सहारनपुर जिले में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है। जिसके बाद निर्माण शुरू हो जाएगा। वर्ष 2024 से पहले इसका निर्माण पूरा हो सकता है।
एलिवेटेड हाईवे
इकनॉमिक कॉरिडोर के तहत ही सहारनपुर जिले में गणेशपुर से मोहंड तक और उससे आगे उत्तराखंड की सीमा में मिलाकर करीब 18 किलोमीटर का हाईवे बनना है, जिसमें करीब साढ़े तीन किलोमीटर का एलिवेटेड हाईवे यूपी की सीमा में बनेगा। इसमें उत्तर प्रदेश का करीब 47.7054 हेक्टेयर और उत्तराखंड की 9.6224 हेक्टेयर वन क्षेत्र शामिल है। वर्ष 2024 से पहले इसका निर्माण पूरा होगा।
अंबाला-शामली एक्सप्रेस-वे
इस एक्सप्रेस-वे की डीपीआर तैयार कराई जा रही है। नकुड़ और रामपुर मनिहारान क्षेत्र से गुजरने वाले इस एक्सप्रेस-वे से इन दोनों ही क्षेत्रों में विकास का पहिया रफ्तार पकड़ेगा।