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जिले के 994 किसान पा रहे स्वर्ग में भी सम्मान
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सहारनपुर। जनपद के 994 किसानों के स्वर्गवासी होने के बावजूद उनके खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की धनराशि पहुंच रही है। यह खुलासा कृषि विभाग की ओर से 37416 किसानों की पात्रता के सत्यापन के दौरान हुआ है। कृषि विभाग ने इनकी सम्मान निधि पर तत्काल रोक लगा दी है। इनके अलावा 507 अपात्र किसानों को भी किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। अपात्रों से सम्मान निधि की वसूली करने की विभाग ने तैयारी कर ली है।
शासन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ लेने वाले वर्ष 2020-21 के पांच प्रतिशत और वर्ष 2021-22 के दस प्रतिशत किसानों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे। शासन ने सत्यापन के लिए किसानों का चयन रेंडम आधार पर किया। सत्यापन के लिए भेजे गए किसानों की पात्रता की जांच कृषि विभाग के कर्मचारियों ने गांव- गांव जाकर की। सत्यापन के दौरान इन किसानों में से 1501 किसान अपात्र पाए गए। इनमें से 994 किसानों की मृत्य़ु हो चुकी है। जिनके खाते में सम्मान निधि की धनराशि पहुुंच रही है। सत्यापन में पाए गए मृतकों को अपात्रता की श्रेणी में डाल दिया गया है। इनकी सम्मान निधि को बंद करा दिया गया है। संवाद
शासन के निर्देश पर कराए जा रहे सत्यापन में जनपद में 1501 किसान ऐसे मिले हैं जिनके अपात्र और मृतक होने का बावजूद उनके खाते में किसान सम्मान निधि की राशि जा रही थी। इस पर तत्काल रोक लगा दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है किसानों की मृत्यु के बाद कितनी किस्त उनके खाते में पहुंची हैं। अपात्र किसानों और मृतक किसानों के परिजनों से सम्मान निधि की वसूली की जाएगी। - डॉक्टर राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि।
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सत्यापन रिपोर्ट
वर्ष 2020-21 के 13722 किसानों की पात्रता का सत्यापन किया गया। 12864 किसान सही पाए गए। 733 किसान अपात्र एवं मृतक पाए गए। 125 किसानों का सत्यापन अभी लंबित है।
वर्ष 2021-22 के 23694 किसानों का सत्यापन कराया गया। इनमें से 22533 किसान पात्र मिले। जबकि 768 किसान अपात्र एवं मृतक पाए गए। 393 किसानों का सत्यापन अभी लंबित है।
नोट: कृषि विभाग के 16 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार।
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शासन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ लेने वाले वर्ष 2020-21 के पांच प्रतिशत और वर्ष 2021-22 के दस प्रतिशत किसानों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे। शासन ने सत्यापन के लिए किसानों का चयन रेंडम आधार पर किया। सत्यापन के लिए भेजे गए किसानों की पात्रता की जांच कृषि विभाग के कर्मचारियों ने गांव- गांव जाकर की। सत्यापन के दौरान इन किसानों में से 1501 किसान अपात्र पाए गए। इनमें से 994 किसानों की मृत्य़ु हो चुकी है। जिनके खाते में सम्मान निधि की धनराशि पहुुंच रही है। सत्यापन में पाए गए मृतकों को अपात्रता की श्रेणी में डाल दिया गया है। इनकी सम्मान निधि को बंद करा दिया गया है। संवाद
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शासन के निर्देश पर कराए जा रहे सत्यापन में जनपद में 1501 किसान ऐसे मिले हैं जिनके अपात्र और मृतक होने का बावजूद उनके खाते में किसान सम्मान निधि की राशि जा रही थी। इस पर तत्काल रोक लगा दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है किसानों की मृत्यु के बाद कितनी किस्त उनके खाते में पहुंची हैं। अपात्र किसानों और मृतक किसानों के परिजनों से सम्मान निधि की वसूली की जाएगी। - डॉक्टर राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि।
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सत्यापन रिपोर्ट
वर्ष 2020-21 के 13722 किसानों की पात्रता का सत्यापन किया गया। 12864 किसान सही पाए गए। 733 किसान अपात्र एवं मृतक पाए गए। 125 किसानों का सत्यापन अभी लंबित है।
वर्ष 2021-22 के 23694 किसानों का सत्यापन कराया गया। इनमें से 22533 किसान पात्र मिले। जबकि 768 किसान अपात्र एवं मृतक पाए गए। 393 किसानों का सत्यापन अभी लंबित है।
नोट: कृषि विभाग के 16 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार।