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पीड़ितों को नियमानुसार आर्थिक सहायता देने का आदेश
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सहारनपुर। जातीय हिंसा के पीड़ितों में शब्बीरपुर गांव के अनुसूचित जाति के लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी सौंपी, जिसमें दंगा पीड़ितों को एससी-एसटी एक्ट के तहत मिलने वाला अनुदान नियमानुसार दिलाने का आदेश दिया गया है।
शब्बीरपुर गांव में मई 2017 में हुई जातीय हिंसा में उत्तर प्रदेश शासन के सांप्रदायिकता नियंत्रण प्रकोष्ठ गृह विभाग लखनऊ की संस्तुति पर 37 लोगों को अनुदान दिया था। परंतु अनुसूचित जाति के इन 37 पीड़ितों में से 18 पीड़ितों के नाम मुकदमे में शामिल नहीं होने से एससी-एसटी एक्ट के तहत मिलने वाला अनुदान नहीं मिल पाया था। इनमें से 6 पीड़ित भोपाल सिंह, मुनेश, राजकुमार, इन्द्र, कपिल देव और श्याम सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके एससी-एसटी एक्ट के तहत मिलने वाला अनुदान दिलाने की मांग की। इस पर हाईकोर्ट ने याचिका पर आदेश दिया है कि दो महीने के भीतर इसका निस्तारण किया जाए और नियमानुसार पीड़ित को अनुदान दिलाया जाए। पीड़ित पक्ष के भोपाल सिंह, मुनेश, राजकुमार, इन्द्र, कपिल देव और श्याम सिंह का कहना है कि यदि हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ, तो वह फिर से न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
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शब्बीरपुर गांव में मई 2017 में हुई जातीय हिंसा में उत्तर प्रदेश शासन के सांप्रदायिकता नियंत्रण प्रकोष्ठ गृह विभाग लखनऊ की संस्तुति पर 37 लोगों को अनुदान दिया था। परंतु अनुसूचित जाति के इन 37 पीड़ितों में से 18 पीड़ितों के नाम मुकदमे में शामिल नहीं होने से एससी-एसटी एक्ट के तहत मिलने वाला अनुदान नहीं मिल पाया था। इनमें से 6 पीड़ित भोपाल सिंह, मुनेश, राजकुमार, इन्द्र, कपिल देव और श्याम सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके एससी-एसटी एक्ट के तहत मिलने वाला अनुदान दिलाने की मांग की। इस पर हाईकोर्ट ने याचिका पर आदेश दिया है कि दो महीने के भीतर इसका निस्तारण किया जाए और नियमानुसार पीड़ित को अनुदान दिलाया जाए। पीड़ित पक्ष के भोपाल सिंह, मुनेश, राजकुमार, इन्द्र, कपिल देव और श्याम सिंह का कहना है कि यदि हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ, तो वह फिर से न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
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