फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   स्वच्छता के दूत श्रवण पर कश्मीर में फेंके पत्थर, तिरंगा भी छीना

स्वच्छता के दूत श्रवण पर कश्मीर में फेंके पत्थर, तिरंगा भी छीना

Sun, 01 Jul 2018 12:28 AM IST
Updated Sun, 01 Jul 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
स्वच्छता के दूत श्रवण पर कश्मीर में फेंके पत्थर, तिरंगा भी छीना
स्वच्छता के दूत श्रवण पर कश्मीर में फेंके पत्थर, तिरंगा भी छीना
विज्ञापन

सहारनपुर। कर्नाटक के 23 वर्षीय युवा सिविल इंजीनियर श्रवण नायक अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़कर स्वच्छता की अलख जगाने के लिए साइकिल पर निकले हैं। अभी तक आधा दर्जन राज्यों से होकर चार हजार किलोमीटर का सफर तय कर चुके श्रवण शनिवार को सहारनपुर पहुंचे। यहां उनका स्वागत किया गया। अमर उजाला के साथ खास बातचीत में उन्होंने अपने अनुभवों को साझा किया। कश्मीर में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उनको दौड़ा लिया गया। इतना ही नहीं उनपर पत्थर भी फेंके गए और तिरंगा तक छीन लिया गया। सेना की मदद से वह सकुशल वहां से निकलकर लौटे हैं।

श्रवण कुमार ने अमर उजाला को बताया कि अनेक गंभीर बीमारियों की वजह गंदगी रहती है। क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी दौलत है। ऐसे में वह देश की जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर स्वस्थ बनाना चाहते हैं। जन जागरूकता के लिए उन्होंने अपनी साइकिल यात्रा तीन मई 2018 को शुरू की थी। वह अभी तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एंड कश्मीर की यात्रा कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश में शनिवार को ही एंट्री की है। सभी जगह उन्हें बच्चों से लेकर बड़ों तक का पूरा सपोर्ट मिला है, मगर कश्मीर में उनकी जान मुश्किल से बची। उन्होंने बताया कि जम्मू में उनके साथ सामान्य व्यवहार हुआ, मगर कश्मीर में युवकों ने उन्हें घेर लिया तथा गाली-गलौज तथा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा छीन लिया। वह किसी तरह बचकर आगे निकले तो कुछ और युवाओं ने उन्हें दौड़ लिया और उनपर पत्थर भी फेंके। इसके बाद वह किसी तरह सेनिकों तक पहुंचे, जिन्होंने उन्हें संरक्षण दिया। बताया कि वह मंदिरों और गुरुद्वारों में रुक रुककर अपना सफर तय कर रहे हैं। गुरुद्वारों और मंदिरों में रुकने का आइडिया उन्हें रशिया के एक व्यक्ति से शिमला में मिला था। वहां मिले रशिया के एक व्यक्ति ने उन्हें भारत में बिना पैसे के घूमने का आइडिया दिया था, जिसमें उसने मंदिरों और गुरुद्वारों में ठहरकर आराम करने और भोजन करने की सलाह दी थी। उन्हीं की सीख पर वह घर से साइकिल लेकर निकला है। अगला पड़ा उत्तराखंड और उसके बाद अन्य राज्य हैं। घर में पिता राजेंद्र और मां कलावती हैं। पिता कपड़ा व्यापारी हैं। छोटी बहन श्रेया हैं। श्रवण ने बताया कि वह घर का एकलौता बेटा है। सभी के माता-पिता की तरह उसके माता-पिता के भी उसको लेकर कुछ सपने हैं। मगर उसके जुनून को देखते हुए माता-पिता और छोटी बहन भी पूरी तरह सपोर्ट में हैं। शनिवार को सहारनपुर पहुंचने पर श्रवण का अंबाला रोड स्थित काजमी कॉम्पलेक्स पर अंकित गुप्ता, मोहित जायसवाल, संचित अरोड़ा, नीरज सैनी और हर्षवर्धन आदि ने स्वागत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed