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मर्द और औरत को ता ीम हासिल करने का बराबर का हक: लतीफ
Updated Thu, 26 Apr 2018 12:28 AM IST
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छात्राओं को बुखारी शरीफ का अंतिम पाठ पढ़ाया गया
देवबंद। मदरसा दारुल उलूम निस्वां में तालीम निस्वां कांफ्रेंस शीर्षक से हुए कार्यक्रम में खत्म बुखारी शरीफ का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत कारी मो. शाहनवाज की तिलावत-ए-कलाम पाक व उस्ताद मौलाना नाजिम कासमी की नात-ए-पाक से हुआ। इस अवसर पर प्रसिद्ध आलिम मौलाना जमील अहमद ने बुखारी शरीफ का अंतिम पाठ पढ़ाते हुए कहा कि इल्म-ए-हदीस अहम फन है। छात्राओं को चाहिए कि वो मेहनत और लगन के साथ तालीम हासिल करें। दारुल उलूम निस्वां के संस्थापक व मोहतमिम मौलाना अब्दुल लतीफ ने कहा कि जो लोग लड़कियों की तालीम के खिलाफ हैं उन्हें जान लेना चाहिए कि तालीम मर्द और औरत के लिए जरूरी और लाजिम है। नायब मोहतमिम मौलाना नजीफ अहमद कासमी, मौलाना नसीम कासमी, मौलाना इमरान कासमी, मौलाना रहीमुद्दीन कासमी, मौलाना गुफरान कासमी, अशरफ उस्मानी, मौ. खालिद, मौलाना महमूद कासमी, शमशाद कुरैशी, शकील अहमद कासमी रहे।
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देवबंद। मदरसा दारुल उलूम निस्वां में तालीम निस्वां कांफ्रेंस शीर्षक से हुए कार्यक्रम में खत्म बुखारी शरीफ का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत कारी मो. शाहनवाज की तिलावत-ए-कलाम पाक व उस्ताद मौलाना नाजिम कासमी की नात-ए-पाक से हुआ। इस अवसर पर प्रसिद्ध आलिम मौलाना जमील अहमद ने बुखारी शरीफ का अंतिम पाठ पढ़ाते हुए कहा कि इल्म-ए-हदीस अहम फन है। छात्राओं को चाहिए कि वो मेहनत और लगन के साथ तालीम हासिल करें। दारुल उलूम निस्वां के संस्थापक व मोहतमिम मौलाना अब्दुल लतीफ ने कहा कि जो लोग लड़कियों की तालीम के खिलाफ हैं उन्हें जान लेना चाहिए कि तालीम मर्द और औरत के लिए जरूरी और लाजिम है। नायब मोहतमिम मौलाना नजीफ अहमद कासमी, मौलाना नसीम कासमी, मौलाना इमरान कासमी, मौलाना रहीमुद्दीन कासमी, मौलाना गुफरान कासमी, अशरफ उस्मानी, मौ. खालिद, मौलाना महमूद कासमी, शमशाद कुरैशी, शकील अहमद कासमी रहे।