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मतों के ध्रुवीकरण के लिए बिगड़ने लगे नेताओं के बोल
Updated Wed, 08 Nov 2017 12:18 AM IST
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सहारनपुर। निकाय चुनाव को गर्मा रही सियासत में अब मतों के ध्रुवीकरण का बड़ा खेल शुरू हो रहा है। यही कारण है कि नेताओं के बोल बिगड़ने लगे हैं और भड़काऊ, आपत्तिजनक बयानों के जरिए यह कोशिश शुरू हुई है। निकाय चुनाव की शुरुआत के साथ ही यह सिलसिला चल गया है। पिछले कई चुनावों में आपत्तिजनक और भड़काऊ बयानों के जरिए मतों का ध्रुवीकरण करा चुके राजनीतिज्ञ निकाय चुनाव में भी सक्रिय हो रहे हैं।
पिछले कई चुनाव में सहारनपुर में मतों के ध्रुवीकरण का खेल चल रहा है। यहां भड़काऊ बयानों के जरिए चुनावी माहौल को पहले गर्माया गया और फिर मतदाताओं को अपने पाले में करने की पुरजोर कोशिश हुई। निकाय चुनाव में भी देवबंद से यह शुरुआत हो गई है। पूर्व विधायक माविया अली ने पीएम नरेन्द्र मोदी और सीएम आदित्यनाथ योगी पर विवादित बयान दिया। इसके बाद देवबंद के भाजपा नगराध्यक्ष गजराज राणा ने पलटवार करते हुए बेहद आपत्तिजनक बयान दे डाला है। उधर, शहर और देहात क्षेत्रों में हो रही चुनावी सभाओं में भी धीरे-धीरे सियासी धुरंधरों के सुर बदलने लगे हैं। यहां बता दें कि सहारनपुर में पिछले लोकसभा चुनाव में पूर्व विधायक इमरान मसूद के विवादित बयान का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद विधानसभा चुनाव में भी कई ऐसे वीडियो सामने आए। निकाय चुनाव में भी उन्हीं बातों को दोहरा कर राजनीतिक दलों से जुड़े नेता अपने पक्ष में माहौल बनाना चाहते हैं। दूसरी तरफ प्रशासन के सामने मतों का ध्रुवीकरण रोकना बड़ी चुनौती है, मगर प्रशासन के पास इसे रोकने की कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है। जिलाधिकारी पीके पांडेय का कहना है कि चुनाव में ध्रुवीकरण की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। प्रत्याशियों के कार्यक्रमों पर नजर रखी जाएगी और किसी तरह का माहौल बिगाड़ने की कोशिश पर कार्रवाई होगी।
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सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश
भले ही चुनाव आयोग सोशल मीडिया पर सख्ती और नजर का दावा कर रहा है, मगर सहारनपुर में सोशल मीडिया के जरिए चुनावी प्रचार-प्रसार के साथ माहौल बिगाड़ने वाले मैसेज वायरल किए जा रहे हैं। इसमें भावनाओं को भड़काने वाले पोस्ट, फोटो और वीडियो वायरल किए जा रहे हैं।
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पिछले कई चुनाव में सहारनपुर में मतों के ध्रुवीकरण का खेल चल रहा है। यहां भड़काऊ बयानों के जरिए चुनावी माहौल को पहले गर्माया गया और फिर मतदाताओं को अपने पाले में करने की पुरजोर कोशिश हुई। निकाय चुनाव में भी देवबंद से यह शुरुआत हो गई है। पूर्व विधायक माविया अली ने पीएम नरेन्द्र मोदी और सीएम आदित्यनाथ योगी पर विवादित बयान दिया। इसके बाद देवबंद के भाजपा नगराध्यक्ष गजराज राणा ने पलटवार करते हुए बेहद आपत्तिजनक बयान दे डाला है। उधर, शहर और देहात क्षेत्रों में हो रही चुनावी सभाओं में भी धीरे-धीरे सियासी धुरंधरों के सुर बदलने लगे हैं। यहां बता दें कि सहारनपुर में पिछले लोकसभा चुनाव में पूर्व विधायक इमरान मसूद के विवादित बयान का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद विधानसभा चुनाव में भी कई ऐसे वीडियो सामने आए। निकाय चुनाव में भी उन्हीं बातों को दोहरा कर राजनीतिक दलों से जुड़े नेता अपने पक्ष में माहौल बनाना चाहते हैं। दूसरी तरफ प्रशासन के सामने मतों का ध्रुवीकरण रोकना बड़ी चुनौती है, मगर प्रशासन के पास इसे रोकने की कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है। जिलाधिकारी पीके पांडेय का कहना है कि चुनाव में ध्रुवीकरण की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। प्रत्याशियों के कार्यक्रमों पर नजर रखी जाएगी और किसी तरह का माहौल बिगाड़ने की कोशिश पर कार्रवाई होगी।
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सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश
भले ही चुनाव आयोग सोशल मीडिया पर सख्ती और नजर का दावा कर रहा है, मगर सहारनपुर में सोशल मीडिया के जरिए चुनावी प्रचार-प्रसार के साथ माहौल बिगाड़ने वाले मैसेज वायरल किए जा रहे हैं। इसमें भावनाओं को भड़काने वाले पोस्ट, फोटो और वीडियो वायरल किए जा रहे हैं।
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