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जयपुर नगम निगम में मुस्लिम कर्मचारियों पर लागू न करें वंदेमातरम गाना: उलमा
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:38 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। जयपुर में नगर निगम के मेयर अशोक लाहोटी के नए फरमान के बाद एक बार फिर से वंदेमातरम को लेकर बहस छिड़ गई है। मेयर ने निगम में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुबह कार्यालय आने पर राष्ट्रगान गाना व जाते समय राष्ट्रगीत (वंदेमातरम) गाने को अनिवार्य किया है। जिस पर देवबंदी उलमा ने कहा कि लाहोटी जाते समय गाने वाले राष्ट्रगीत को मुस्लिम कर्मचारियों पर लागू न करें। क्योंकि इस्लाम में केवल अल्लाह की ही इबादत होती है।
मंगलवार को दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती शरीफ खान ने कहा कि जयपुर नगर निगम के मेयर अशोक लाहोटी के फरमान की आफिस आने पर राष्ट्रगान (जन-गण-मन) गाने का मामला है तो हम इसकी मुखालफत (विरोध) नहीं करते, लेकिन जहां तक जाते समय राष्ट्रगीत (वंदेमातरम) गाने का मसला है तो इसका विरोध जरूर किया जाएगा। क्योंकि इस्लाम धर्म में केवल अल्लाह की इबादत हो सकती है। इसके अलावा किसी और की इबादत नहीं की जा सकती। इसलिए नगर निगम के मेयर को चाहिए कि वह कार्यालय में तैनात मुस्लिम कर्मचारियों को वंदेमातरम गीत से दूर रखें। साथ ही यह भी ख्याल रखें कि वह इस तरह के हुक्म न लागू करें। उन्होंने कहा कि जहां तक राष्ट्रगान गाने की बात है तो उसे गा सकते हैं, लेकिन वंदेमातरम के लिए इस्लाम में किसी भी तरह की न तो गुंजाइश है और न ही इसकी इजाजत है। इसलिए मुस्लिम कर्मचारियों को इसके लिए मजबूर न किया जाए। मुफ्ती शरीफ ने कहा कि हम पाकिस्तान के नहीं बल्कि हिंदुस्तान के हैं और यहीं पर रहेंगे।
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मंगलवार को दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती शरीफ खान ने कहा कि जयपुर नगर निगम के मेयर अशोक लाहोटी के फरमान की आफिस आने पर राष्ट्रगान (जन-गण-मन) गाने का मामला है तो हम इसकी मुखालफत (विरोध) नहीं करते, लेकिन जहां तक जाते समय राष्ट्रगीत (वंदेमातरम) गाने का मसला है तो इसका विरोध जरूर किया जाएगा। क्योंकि इस्लाम धर्म में केवल अल्लाह की इबादत हो सकती है। इसके अलावा किसी और की इबादत नहीं की जा सकती। इसलिए नगर निगम के मेयर को चाहिए कि वह कार्यालय में तैनात मुस्लिम कर्मचारियों को वंदेमातरम गीत से दूर रखें। साथ ही यह भी ख्याल रखें कि वह इस तरह के हुक्म न लागू करें। उन्होंने कहा कि जहां तक राष्ट्रगान गाने की बात है तो उसे गा सकते हैं, लेकिन वंदेमातरम के लिए इस्लाम में किसी भी तरह की न तो गुंजाइश है और न ही इसकी इजाजत है। इसलिए मुस्लिम कर्मचारियों को इसके लिए मजबूर न किया जाए। मुफ्ती शरीफ ने कहा कि हम पाकिस्तान के नहीं बल्कि हिंदुस्तान के हैं और यहीं पर रहेंगे।
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