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गोविंद में मन लगा हो तो हर कार्य बन जाता है पूजा
Updated Mon, 14 Aug 2017 12:32 AM IST
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गंगोह (सहारनपुर)। श्री लक्ष्मी नारायण मंडल के तत्वावधान में महादेव कुटी में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में प्रथम दिन कथाव्यास साध्वी भूमिका दीदी ने कहा कि यदि कार्य करते हुए मन गोविंद में लगा रहे तो हर कार्य पूजा हो सकता है। बताया कि प्रभु का संबंध ही सच्चा संबंध है।
मेन रोड स्थित महादेव कुटी में इससे पहले विधायक प्रदीप चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कथा का शुभारंभ किया। मुख्य पूजन प्रदीप गोयल ने कराया। रामकिशन गोयल, राकेश गोयल, कुमार फौजी, अखिल गुप्ता और मुकेश मित्तल ने माल्यार्पण किया। विधायक प्रदीप चौधरी ने परम पिता परमात्मा से जन कल्याण की कामना करते हुए कहा कि जरूरतमंदों और निसहायों की सेवा से ईश्वर अतिशीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। नर सेवा को भी इसीलिए नारायण सेवा कहा जाता है। इसके उपरांत रामचरित मानस पर चर्चा करते हुए शिवानंद गिरी महाराज ने कहा कि कलयुग में प्रभु नाम सुमिरन ही मानव कल्याण का एकमात्र सूत्र है। कथा व्यास आदित्यानंद महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व पर प्रकाश डाला। बताया कि भागवत महापुराण ही एक मात्र ऐसा पुराण है जिसके श्रवण मात्र से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य भागवत पुराण के तीन सोपान हैं। जब मनुष्य प्रथम सोपान को स्पर्श करके भक्तिमय हो जाता है, तो ज्ञान एवं वैराग्य स्वयं आ जाते हैं। संचालन प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद भारती ने किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया।
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मेन रोड स्थित महादेव कुटी में इससे पहले विधायक प्रदीप चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कथा का शुभारंभ किया। मुख्य पूजन प्रदीप गोयल ने कराया। रामकिशन गोयल, राकेश गोयल, कुमार फौजी, अखिल गुप्ता और मुकेश मित्तल ने माल्यार्पण किया। विधायक प्रदीप चौधरी ने परम पिता परमात्मा से जन कल्याण की कामना करते हुए कहा कि जरूरतमंदों और निसहायों की सेवा से ईश्वर अतिशीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। नर सेवा को भी इसीलिए नारायण सेवा कहा जाता है। इसके उपरांत रामचरित मानस पर चर्चा करते हुए शिवानंद गिरी महाराज ने कहा कि कलयुग में प्रभु नाम सुमिरन ही मानव कल्याण का एकमात्र सूत्र है। कथा व्यास आदित्यानंद महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व पर प्रकाश डाला। बताया कि भागवत महापुराण ही एक मात्र ऐसा पुराण है जिसके श्रवण मात्र से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य भागवत पुराण के तीन सोपान हैं। जब मनुष्य प्रथम सोपान को स्पर्श करके भक्तिमय हो जाता है, तो ज्ञान एवं वैराग्य स्वयं आ जाते हैं। संचालन प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद भारती ने किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया।
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