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दिन भर उड़ती रहीं चोटी कटने की अफवाहें
Updated Sat, 12 Aug 2017 01:19 AM IST
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सहारनपुर। चोटी कटने की अफवाहों की सिलसिला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिन भर खाताखेड़ी और देहात क्षेत्रों में चोटी कटने की अफवाहें उड़ती रहीं। लेकिन कोई यह नहीं बता पाया कि चोटी किसने काटीं।
शुक्रवार को सुबह से ही चोट कटने की अफवाहें उड़ने लगीं। मोहल्ला खाताखेड़ी से पहले दो महिलाओं की चोटी कटने की अफवाह उड़ी और फिर चार महिलाओं के चोटी कटने की अफवाह उड़ी। खाताखेड़ी के लोगों का कहना था कि न तो कोई किसी के घर में आ रहा और न ही किसी को घर से निकलते हुए देखा। परिवार के लोगों के बीच चोटी कोई कैसे काट सकता है। चोटी कटने के मामले देहात क्षेत्रों में भी हुए। लेकिन कोई इस घटना की पुष्टि नहीं कर सकता कि चोटी कोई बाहर से आकर काट गया। अब लोग इसे मात्र अफवाह मान रहे हैं और घटनाएं महिलाओं द्वारा स्वयं किए जाने अथवा परिवार के किसी सदस्य द्वारा ही किया जाना माना जा रहा है। जिन क्षेत्रों में ये घटनाएं हो रहीं हैं वे सभी पिछड़े इलाके हैं और साक्षरता भी इन इलाकों में कम हैं, जिसके चलते अंध विश्वास के भ्रम में लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि चोटी काटने का एक भी मामला ऐसा नहीं पाया गया है, जिसमें कोई आरोपी सामने आ सका हो। पुलिस टीमों ने जांच के बाद यही पाया है कि चोटी काटने वाला कोई नहीं है। कुछ लोग इस प्रकार की अफवाह का फायदा उठाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।
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शुक्रवार को सुबह से ही चोट कटने की अफवाहें उड़ने लगीं। मोहल्ला खाताखेड़ी से पहले दो महिलाओं की चोटी कटने की अफवाह उड़ी और फिर चार महिलाओं के चोटी कटने की अफवाह उड़ी। खाताखेड़ी के लोगों का कहना था कि न तो कोई किसी के घर में आ रहा और न ही किसी को घर से निकलते हुए देखा। परिवार के लोगों के बीच चोटी कोई कैसे काट सकता है। चोटी कटने के मामले देहात क्षेत्रों में भी हुए। लेकिन कोई इस घटना की पुष्टि नहीं कर सकता कि चोटी कोई बाहर से आकर काट गया। अब लोग इसे मात्र अफवाह मान रहे हैं और घटनाएं महिलाओं द्वारा स्वयं किए जाने अथवा परिवार के किसी सदस्य द्वारा ही किया जाना माना जा रहा है। जिन क्षेत्रों में ये घटनाएं हो रहीं हैं वे सभी पिछड़े इलाके हैं और साक्षरता भी इन इलाकों में कम हैं, जिसके चलते अंध विश्वास के भ्रम में लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि चोटी काटने का एक भी मामला ऐसा नहीं पाया गया है, जिसमें कोई आरोपी सामने आ सका हो। पुलिस टीमों ने जांच के बाद यही पाया है कि चोटी काटने वाला कोई नहीं है। कुछ लोग इस प्रकार की अफवाह का फायदा उठाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।
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