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ओडीएफ योजना की धीमी रफ्तार पर डीएम की फटकार

Fri, 14 Jul 2017 12:43 AM IST
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:43 AM IST
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ओडीएफ योजना की धीमी रफ्तार पर डीएम की फटकार
सहारनपुर। जिलाधिकारी प्रमोद कुमार पांडेय ने ओडीएफ योजना की धीमी गति पर नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने शौचालय विहीन घरों में अभियान चलाकर शौचालय के निर्माण कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि मंदिरों के आस-पास व मुख्य मार्गों पर समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करायें। शहरी क्षेत्र में सड़क को तत्काल गड्ढामुक्त करने के भी निर्देश दिये।
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डीएम पीके पांडेय ने वृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में नगर पंचायतों व नगर पालिका परिषद द्वारा चलाई जा रही ओडीएफ योजना के कार्यों समीक्षा की। उन्होंने नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो सर्वे जनवरी माह में कराया गया था उसकी पोर्टल पर फीडिंग हर स्थिति में 31 जुलाई तक करा दी जाए। उन्होंने सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति के संबंध में भी निर्धारित संख्या से कम निर्माण होने पर नाराजगी व्यक्त की। नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों में 294 शौचालय निर्मित होने थे जिसके सापेक्ष 161 शौचालयों का ही निर्माण पूरा कराया जा सका है। अधिशासी अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे जहां नगर निकायों एवं ग्राम सभा के साथ ही अन्य शासकीय भूमि कूड़ा निस्तारण के लिए उपलब्ध नहीं है। ऐसे में दो-दो निकाय डंपिंग ग्राउंड हेतु संयुक्त रूप से निजी क्षेत्र की भूमि को चिन्हित कर उसके प्रस्ताव उपलब्ध करायें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जाधारियों को चिह्नित कर एक टीम गठित कर तत्काल अवैध कब्जा हटवाया जाये और जिन मामालों में न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है वहां प्रभावी पैरवी की जायें। पटरी व ठेला दुकानदारों की वीडियोग्राफी कराते हुए उन्हें मुख्य मार्ग से हटा कर वेडिंग जोन में भूमि चिन्हित कर पंजीकरण कराया जाये। जिन निकायों की वसूली मानके अनुरूप 15 फीसदी से कम है उनके अधिकारियों का तत्काल स्पष्टीकरण भी मांगा। खाद्य एवं सुरक्षा निरीक्षकों को निर्देश दिये है कि वे प्रत्येक माह 100 नमूने लेकर मिलावट करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने मण्डी समिति के सचिवों द्वारा मानक के अनुरूप शुल्क वसूली न करने पर नाराजगी व्यक्त की। बैठक में अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन एसके दूबे, सभी नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, मण्डी समितियों के सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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