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भारतीय संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल
Updated Tue, 20 Jun 2017 12:47 AM IST
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व्यापारियों ने सौंपा जिलाधिकारी को ज्ञापन
सहारनपुर। जीएसटी प्रारूप में संशोधन की मांग को लेकर भारतीय संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने प्रदर्शन कर सोमवार को जिलाधिकारी पीके पांडे को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित जीएसटी में कई व्यवहारिक खामियां हैं।
सोमवार को डीएम को सौंपे ज्ञापन में भारतीय संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने कहा कि पूरे देश में कर मुक्त वस्तुओं को छोड़कर सभी पर कर की दर एक समान होनी चाहिए। कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष वैश्य ने कहा कि प्रस्तावित जीएसटी प्रारूप जल्दबाजी में लाया गया है। इसमें छोटी छोटी मानवीय भूल के लिए भी सजा का प्रावधान रखा गया है। जिससे व्यापारियों के लिए व्यापार करने में भारी परेशानी होगी। महानगर अध्यक्ष नितिन गर्ग और जिला महामंत्री आशीष प्रकाश गुप्ता ने कहा कि प्रस्तावित जीएसटी में वस्तुओं पर अलग अलग कर की दर की व्यवस्था की गई है। जिससे व्यापारियों को बिलिंग करने और विवरणी बनाने में परेशानी का सामना करना पडे़गा। नवाब गुर्जर, जितेंद्र कक्कड़, ममता सिंघल, गिरीराज वर्मा, अलंकार किशोर, दानिश काजमी आदि ने भी विचार रखे। अशोक वर्मा, शिवा गोयल, अजय शर्मा, सचिन गुप्ता, आयुषी सिंह, जोनी टांक, राजीव शर्मा, सुभाष कश्यप, संजीव वालिया, संजीव गर्ग, राजेश वर्मा, अब्दुल सलाम, यशपाल बब्बर, राजकुमार गुप्ता, शरद पंवार, राकेश वर्मा, अखिल जैन, संजय सैनी आदि रहे।
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सहारनपुर। जीएसटी प्रारूप में संशोधन की मांग को लेकर भारतीय संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने प्रदर्शन कर सोमवार को जिलाधिकारी पीके पांडे को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित जीएसटी में कई व्यवहारिक खामियां हैं।
सोमवार को डीएम को सौंपे ज्ञापन में भारतीय संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने कहा कि पूरे देश में कर मुक्त वस्तुओं को छोड़कर सभी पर कर की दर एक समान होनी चाहिए। कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष वैश्य ने कहा कि प्रस्तावित जीएसटी प्रारूप जल्दबाजी में लाया गया है। इसमें छोटी छोटी मानवीय भूल के लिए भी सजा का प्रावधान रखा गया है। जिससे व्यापारियों के लिए व्यापार करने में भारी परेशानी होगी। महानगर अध्यक्ष नितिन गर्ग और जिला महामंत्री आशीष प्रकाश गुप्ता ने कहा कि प्रस्तावित जीएसटी में वस्तुओं पर अलग अलग कर की दर की व्यवस्था की गई है। जिससे व्यापारियों को बिलिंग करने और विवरणी बनाने में परेशानी का सामना करना पडे़गा। नवाब गुर्जर, जितेंद्र कक्कड़, ममता सिंघल, गिरीराज वर्मा, अलंकार किशोर, दानिश काजमी आदि ने भी विचार रखे। अशोक वर्मा, शिवा गोयल, अजय शर्मा, सचिन गुप्ता, आयुषी सिंह, जोनी टांक, राजीव शर्मा, सुभाष कश्यप, संजीव वालिया, संजीव गर्ग, राजेश वर्मा, अब्दुल सलाम, यशपाल बब्बर, राजकुमार गुप्ता, शरद पंवार, राकेश वर्मा, अखिल जैन, संजय सैनी आदि रहे।
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