{"_id":"5b5cc8fe4f1c1b0c718b6bf4","slug":"81532807422-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन युवकों की मौत पर दूसरे दिन भी रहा मातम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन युवकों की मौत पर दूसरे दिन भी रहा मातम
Updated Sun, 29 Jul 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन युवकों की मौत पर दूसरे दिन भी रहा मातम
शाकंभरी। शुक्रवार रात सड़क हादसे में मारे गए तीन युवकों का शनिवार को गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। दो भाइयों सहित तीन मौतों पर अलीपुरा गांव में दूसरे दिन भी मातम छाया रहा। शवों के पहुंचने के बाद से सांत्वना देने वाले लोगों का तांता लगा रहा। गांव में ज्यादातर चूल्हे भी नहीं जले। सांसद और पूर्व विधायक ने भी मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी।
बता दें कि बेहट से दुकान बंद करके घर लौट रहे गांव अलीपुरा नोगावा निवासी वतन चौहान (27), उसके भाई अवनीश चौहान(24) और विनय( 25) निवासी चुहड़पुर कलां की हनुमान मन्दिर के पास सड़क पर पड़े टूटे हुए पेड़ से बाइक टकराने पर मौत हो गई थी। इनमें से वतन और अवनीश के शवों को तो परिजन बिना किसी कार्रवाई के घर ले गए थे जबकि विनय के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। अवनीश और विनय के शवों का सुबह 11 बजे बेहद मातमी माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। अलीपुरा नोगांवा में इस दुख के माहौल में ग्रामीणों के घर में एक चूल्हा भी नहीं जला। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने वालों का दिन भर तांता लगा रहा। सांसद राघव लखनपाल के अनुज राहुल शर्मा एवं पूर्व विधायक महावीर राणा भी मृतकों के घर पहुंचे। ढांढस बंधाते हुए सांत्वना दी। विनय का शव भी दोपहर दो बजे गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।
----
मेहंदी छूटने से पहले पति का साथ छुट गया
शाकंभरी। वतन की तो अभी 22 जुलाई को ही शादी हुई थी। शादी के मात्र छह दिन बाद ही ऐसा दर्दनाक हादसा होगा। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। वतन की पत्नी साधना अपने मायके थी। उसको जब वतन एवं उसके भाई की दुर्घटना के बारे में पता चला तो वह बेहोश होकर गिर पड़ी। उसके हाथों की मेहंदी भी अभी नहीं छूटी थी कि पति का साथ छूट गया। परिजनों ने उसे मुश्किल से संभाला। दो बेटों को एक साथ खो देने पर पिता का भी बुरा हाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शाकंभरी। शुक्रवार रात सड़क हादसे में मारे गए तीन युवकों का शनिवार को गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। दो भाइयों सहित तीन मौतों पर अलीपुरा गांव में दूसरे दिन भी मातम छाया रहा। शवों के पहुंचने के बाद से सांत्वना देने वाले लोगों का तांता लगा रहा। गांव में ज्यादातर चूल्हे भी नहीं जले। सांसद और पूर्व विधायक ने भी मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी।
बता दें कि बेहट से दुकान बंद करके घर लौट रहे गांव अलीपुरा नोगावा निवासी वतन चौहान (27), उसके भाई अवनीश चौहान(24) और विनय( 25) निवासी चुहड़पुर कलां की हनुमान मन्दिर के पास सड़क पर पड़े टूटे हुए पेड़ से बाइक टकराने पर मौत हो गई थी। इनमें से वतन और अवनीश के शवों को तो परिजन बिना किसी कार्रवाई के घर ले गए थे जबकि विनय के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। अवनीश और विनय के शवों का सुबह 11 बजे बेहद मातमी माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। अलीपुरा नोगांवा में इस दुख के माहौल में ग्रामीणों के घर में एक चूल्हा भी नहीं जला। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने वालों का दिन भर तांता लगा रहा। सांसद राघव लखनपाल के अनुज राहुल शर्मा एवं पूर्व विधायक महावीर राणा भी मृतकों के घर पहुंचे। ढांढस बंधाते हुए सांत्वना दी। विनय का शव भी दोपहर दो बजे गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।
विज्ञापन
----
मेहंदी छूटने से पहले पति का साथ छुट गया
शाकंभरी। वतन की तो अभी 22 जुलाई को ही शादी हुई थी। शादी के मात्र छह दिन बाद ही ऐसा दर्दनाक हादसा होगा। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। वतन की पत्नी साधना अपने मायके थी। उसको जब वतन एवं उसके भाई की दुर्घटना के बारे में पता चला तो वह बेहोश होकर गिर पड़ी। उसके हाथों की मेहंदी भी अभी नहीं छूटी थी कि पति का साथ छूट गया। परिजनों ने उसे मुश्किल से संभाला। दो बेटों को एक साथ खो देने पर पिता का भी बुरा हाल है।
विज्ञापन