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एक्सईएन का वेतन रोकने के मामले में तत्कालीन डीएम कोर्ट में तलब
Updated Fri, 25 May 2018 12:40 AM IST
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सहारनपुर। अदालत ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता का वेतन रोकने और अभद्र व्यवहार करने के आरोप में सहारनपुर के पूर्व में रहे डीएम एके सिंह को 18 जुलाई को तलब किया है। सिंह फिलहाल लखनऊ में तैनात बताए गए हैं।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरके मेहतानी का आरोप है कि तीन अगस्त 2012 को उसने सहारनपुर में अधिशासी अभियंता के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। उसके बाद चार अगस्त को वह सरकारी कार्य से लखनऊ चला गया। आरोप है कि छह अगस्त को विकास भवन सभागार में शाम 4 बजे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक की गई। जिसकी उसे कोई सूचना नहीं मिली। जिस कारण वह बैठक में उपस्थित नहीं हो सका। जिस पर डीएम ने एक माह का वेतन रोकने के आदेश दे दिए। उसने कई बार डीएम से मिलकर वेतन अवमुक्त किए जाने की प्रार्थना की। प्रार्थना-पत्र भी दिया गया। बैठक में उपस्थित न हो पाने का कारण भी बताया। लेकिन उसका वेतन अवमुक्त नहीं किया गया। उसने डीएम पर एक लाख रुपये मांगने का आरोप भी लगाया।
आरोप है कि 5 जनवरी 2013 को वह तत्कालीन डीएम से मिलने के लिए कैंप कार्यालय पहुंचा और वेतन के संबंध में निवेदन किया तो डीएम ने उसके साथ गाली गलौज शुरू कर दी और उसे जेल भिजवाने की धमकी दी। उसके बाद उसे धक्का देकर अपमानित कर कैंप कार्यालय से बाहर निकाल दिया। उसकी गाड़ी और चालक को रोक लिया गया। वह रिक्शा में बैठकर अपने कार्यालय पहुंचा। इस मामले में उसने कोर्ट में वाद दायर किया। सीजेएम कोर्ट के वरिष्ठ लिपिक संदीप यादव ने बताया कि परिवादी द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तत्कालीन जिलाधिकारी एके सिंह को समन जारी कर 18 जुलाई 2018 को तलब किया है।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरके मेहतानी का आरोप है कि तीन अगस्त 2012 को उसने सहारनपुर में अधिशासी अभियंता के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। उसके बाद चार अगस्त को वह सरकारी कार्य से लखनऊ चला गया। आरोप है कि छह अगस्त को विकास भवन सभागार में शाम 4 बजे जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक की गई। जिसकी उसे कोई सूचना नहीं मिली। जिस कारण वह बैठक में उपस्थित नहीं हो सका। जिस पर डीएम ने एक माह का वेतन रोकने के आदेश दे दिए। उसने कई बार डीएम से मिलकर वेतन अवमुक्त किए जाने की प्रार्थना की। प्रार्थना-पत्र भी दिया गया। बैठक में उपस्थित न हो पाने का कारण भी बताया। लेकिन उसका वेतन अवमुक्त नहीं किया गया। उसने डीएम पर एक लाख रुपये मांगने का आरोप भी लगाया।
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आरोप है कि 5 जनवरी 2013 को वह तत्कालीन डीएम से मिलने के लिए कैंप कार्यालय पहुंचा और वेतन के संबंध में निवेदन किया तो डीएम ने उसके साथ गाली गलौज शुरू कर दी और उसे जेल भिजवाने की धमकी दी। उसके बाद उसे धक्का देकर अपमानित कर कैंप कार्यालय से बाहर निकाल दिया। उसकी गाड़ी और चालक को रोक लिया गया। वह रिक्शा में बैठकर अपने कार्यालय पहुंचा। इस मामले में उसने कोर्ट में वाद दायर किया। सीजेएम कोर्ट के वरिष्ठ लिपिक संदीप यादव ने बताया कि परिवादी द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तत्कालीन जिलाधिकारी एके सिंह को समन जारी कर 18 जुलाई 2018 को तलब किया है।
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