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कार्य बहिष्कार कर धरने पर रहे स्वास्थ्य विभाग के लिपिक
Updated Sat, 21 Apr 2018 12:48 AM IST
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सहारनपुर। पदोन्नति नहीं किए जाने समेत अनेक समस्याओं को लेकर यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन से जुड़े सहारनपुर शाखा के स्वास्थ्य कर्मचारी शुक्रवार को कार्य का बहिष्कार कर धरने पर रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर समस्याओं से अवगत कराते हुए निस्तारण की मांग दोहराई।
सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी को सौंपे गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम के ज्ञापन में तमाम समस्याओं का जिक्र किया गया। जिलाध्यक्ष देव कुमार ने कहा कि संगठन समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर समय-समय पर शासन और प्रशासन को अवगत कराता रहा है। मगर दोनों ही स्तर पर आज तक उनकी बात को अनसुना किया जाता रहा है। इसी वजह से कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा है। जब तक कर्मचारियों की समस्याएं दूर नहीं हो जाती हैं, संघर्ष जारी रहेगा। धरने में आरएस तिवारी, इलमचंद, मनदीप, पंकज कंवर, संगीता त्यागी, कामिनी चौधरी, दीपमाला शर्मा, अनूप सिंह लांबा, फरहत इकबाल, भावना रावत, रंजना भल्ला, ज्योति, अनिल कुमार, अनूप कुमार, राशिद, अथहर अली, बिनलकांत, मांगेराम, शशिकांत सैनी, अश्वनी, विशाल, सचिन, मनोज आदि शामिल रहे।
संगठन की प्रमुख मांगे
- स्थानांतरण नीति के विपरीत दिव्यांग, गंभीर रोगी तथा जनपदीय अध्यक्ष व मंत्री के किए गए स्थानांतरण निरस्त किए जाएं।
- प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक-एक कनिष्ठ सहायक का पद सृजित किया जाए।
- परिधि गत कार्यालयों में लिपिक वर्गीय नियमावली 2014 के तहत मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद सृजित किए जाएं।
- आशुलिपिक एवं स्टोर कीपर की पृथक से वरिष्ठता सूची निर्गत कर उनकी पदोन्नति की जाए।
- जिन कर्मियों के निलंबन के बाद जांच अधिकारी की जांच आख्या प्राप्त हो चुकी हैं, उन प्रकरणों में तत्काल निर्णय लेकर निलंबन समाप्त किया जाए।
- निदेशालय एवं परिधि गत कार्यालय में लिपिक संवर्ग का एकीकरण किया जाए।
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सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी को सौंपे गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम के ज्ञापन में तमाम समस्याओं का जिक्र किया गया। जिलाध्यक्ष देव कुमार ने कहा कि संगठन समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर समय-समय पर शासन और प्रशासन को अवगत कराता रहा है। मगर दोनों ही स्तर पर आज तक उनकी बात को अनसुना किया जाता रहा है। इसी वजह से कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा है। जब तक कर्मचारियों की समस्याएं दूर नहीं हो जाती हैं, संघर्ष जारी रहेगा। धरने में आरएस तिवारी, इलमचंद, मनदीप, पंकज कंवर, संगीता त्यागी, कामिनी चौधरी, दीपमाला शर्मा, अनूप सिंह लांबा, फरहत इकबाल, भावना रावत, रंजना भल्ला, ज्योति, अनिल कुमार, अनूप कुमार, राशिद, अथहर अली, बिनलकांत, मांगेराम, शशिकांत सैनी, अश्वनी, विशाल, सचिन, मनोज आदि शामिल रहे।
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संगठन की प्रमुख मांगे
- स्थानांतरण नीति के विपरीत दिव्यांग, गंभीर रोगी तथा जनपदीय अध्यक्ष व मंत्री के किए गए स्थानांतरण निरस्त किए जाएं।
- प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक-एक कनिष्ठ सहायक का पद सृजित किया जाए।
- परिधि गत कार्यालयों में लिपिक वर्गीय नियमावली 2014 के तहत मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद सृजित किए जाएं।
- आशुलिपिक एवं स्टोर कीपर की पृथक से वरिष्ठता सूची निर्गत कर उनकी पदोन्नति की जाए।
- जिन कर्मियों के निलंबन के बाद जांच अधिकारी की जांच आख्या प्राप्त हो चुकी हैं, उन प्रकरणों में तत्काल निर्णय लेकर निलंबन समाप्त किया जाए।
- निदेशालय एवं परिधि गत कार्यालय में लिपिक संवर्ग का एकीकरण किया जाए।