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बाबू की हठधर्मिता के चलते अमीन की मौत का आरोप लगा हंगामा
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:34 AM IST
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नकुड़ (सहारनपुर)। संग्रह अमीन की मौत के मामले में परिजनों ने बड़े बाबू के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। मामले की सूचना से तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद एसडीएम व तहसीलदार ने मौके पर पहुंच कर परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर अंतिम संस्कार कराया। अमीन के परिवार वालों का आरोप है कि संग्रह कार्यालय में तैनात बड़े बाबू की हठधर्मिता के चलते उसकी मौत हुई है।
उत्तर प्रदेश राजस्व संग्रह अमीन संघ के तहसील अध्यक्ष विरेंद्र सैनी ने बताया कि तहसील नकुड़ के संग्रह अमीनों की प्रतिभूति जमा होने के बावजूद बड़े बाबू चंद्रहास पुंडीर ने संग्रह अमीनों के वेतन खातों पर गत 30 जनवरी को रोक लगा दी थी। बताया कि इसी बीच मृतक संग्रह अमीन रिषिपाल की तबीयत खराब हो गई और उपचार के लिए रुपये निकलवाने जब रिषिपाल बैंक गया तो खाते पर रोक होने के चलते रुपये नहीं मिले, जिससे रिषिपाल को गहरा सदमा लगा और उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। परिजनों द्वारा रिषिपाल को देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। संग्रह अमीनों को जब इस बाबत पता चला तो उनमें रोष फैल गया। संग्रह अमीनों ने तुरंत तहसीलदार से मिलकर मामले से अवगत करा खातों से रोक हटवाने की मांग की। संग्रह अमीन तहसीलदार से तीन बार मिले और खातों से रोक हटाने की मांग की। तहसीलदार ने बड़े बाबू को बुलाकर खातों से शीघ्र रोक हटवाने के निर्देश दिए, लेकिन बड़े बाबू ने तहसीलदार के निर्देश को दरकिनार कर रोक नहीं हटवाई। आरोप है कि सही उपचार नहीं मिलने के कारण रिषिपाल की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों और परिजनों ने बड़े बाबू पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया और कड़ी होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। मामला बढ़ता देख एसडीएम अमित आसेरी ने गांव मलकरपुर पहुंच ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया और कार्रवाई का आश्वासन देकर शव का अंतिम संस्कार कराया। उधर, इस बाबत तहसीलदार महेंद्र कुमार ने बताया कि अमीनों के वेतन खातों से रोक हटवा दी गई है। उन्होंने संग्रह अमीनों की मांग के बाद बड़े बाबू को वेतन खातों से रोक हटवाने के निर्देश दिये गये थे। लेकिन प्रथम दृष्टया जांच में बड़े बाबू चंद्रहास पुंडीर की लापरवाही सामने आई है। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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उत्तर प्रदेश राजस्व संग्रह अमीन संघ के तहसील अध्यक्ष विरेंद्र सैनी ने बताया कि तहसील नकुड़ के संग्रह अमीनों की प्रतिभूति जमा होने के बावजूद बड़े बाबू चंद्रहास पुंडीर ने संग्रह अमीनों के वेतन खातों पर गत 30 जनवरी को रोक लगा दी थी। बताया कि इसी बीच मृतक संग्रह अमीन रिषिपाल की तबीयत खराब हो गई और उपचार के लिए रुपये निकलवाने जब रिषिपाल बैंक गया तो खाते पर रोक होने के चलते रुपये नहीं मिले, जिससे रिषिपाल को गहरा सदमा लगा और उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। परिजनों द्वारा रिषिपाल को देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। संग्रह अमीनों को जब इस बाबत पता चला तो उनमें रोष फैल गया। संग्रह अमीनों ने तुरंत तहसीलदार से मिलकर मामले से अवगत करा खातों से रोक हटवाने की मांग की। संग्रह अमीन तहसीलदार से तीन बार मिले और खातों से रोक हटाने की मांग की। तहसीलदार ने बड़े बाबू को बुलाकर खातों से शीघ्र रोक हटवाने के निर्देश दिए, लेकिन बड़े बाबू ने तहसीलदार के निर्देश को दरकिनार कर रोक नहीं हटवाई। आरोप है कि सही उपचार नहीं मिलने के कारण रिषिपाल की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों और परिजनों ने बड़े बाबू पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया और कड़ी होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। मामला बढ़ता देख एसडीएम अमित आसेरी ने गांव मलकरपुर पहुंच ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया और कार्रवाई का आश्वासन देकर शव का अंतिम संस्कार कराया। उधर, इस बाबत तहसीलदार महेंद्र कुमार ने बताया कि अमीनों के वेतन खातों से रोक हटवा दी गई है। उन्होंने संग्रह अमीनों की मांग के बाद बड़े बाबू को वेतन खातों से रोक हटवाने के निर्देश दिये गये थे। लेकिन प्रथम दृष्टया जांच में बड़े बाबू चंद्रहास पुंडीर की लापरवाही सामने आई है। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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