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मंडी शुल्क को जीएसटी में समाहित किया जाए
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:41 AM IST
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सहारनपुर। नगर विधायक संजय गर्ग ने जीएसटी लागू होने के बाद भी मंडी शुल्क लेने पर एतराज जताते हुए सरकार से वक्तव्य देने की मांग की। उन्होंने कहा कि दिल्ली और बिहार जैसे पड़ोसी राज्यों में मंडी शुल्क नहीं होने से प्रदेश के गल्ला एवं किराना व्यापारी बाजार में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे हैं।
विधानसभाध्यक्ष को नियम 51 के तहत दिए पत्र में नगर विधायक ने कहा कि जीएसटी में एक राष्ट्र एक टैक्स की परिकल्पना की गई है। जीएसटी लागू होने के बावजूद उत्तर प्रदेश मेें मंडी शुल्क को इसमें समाहित करते हुए समाप्त नहीं किया गया है। इसके कारण प्रदेश के गल्ला एवं किराना व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के व्यापारियों से किसान की दाल और धान की फसल को कारखानों में प्रोसेसिंग करने के बाद भी मंडी शुल्क वसूला जा रहा है। इसके अलावा मंडी समिति के अधिकारी उनका अनावश्यक उत्पीड़न करते हैं। इसके चलते व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से प्रदेश में मंडी शुल्क को समाप्त कर जीएसटी में समाहित किए जाने के लिए शासन को उचित निर्देश देने की मांग की।
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विधानसभाध्यक्ष को नियम 51 के तहत दिए पत्र में नगर विधायक ने कहा कि जीएसटी में एक राष्ट्र एक टैक्स की परिकल्पना की गई है। जीएसटी लागू होने के बावजूद उत्तर प्रदेश मेें मंडी शुल्क को इसमें समाहित करते हुए समाप्त नहीं किया गया है। इसके कारण प्रदेश के गल्ला एवं किराना व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के व्यापारियों से किसान की दाल और धान की फसल को कारखानों में प्रोसेसिंग करने के बाद भी मंडी शुल्क वसूला जा रहा है। इसके अलावा मंडी समिति के अधिकारी उनका अनावश्यक उत्पीड़न करते हैं। इसके चलते व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से प्रदेश में मंडी शुल्क को समाप्त कर जीएसटी में समाहित किए जाने के लिए शासन को उचित निर्देश देने की मांग की।
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