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ट्रैक्टर ट्राली की टक्कर से छात्र की मौत
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:47 AM IST
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चिलकाना (सहारनपुर)। ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा बाइक की टक्कर में बाइक सवार एक छात्र की मौत हो गई, जबकि उसके साथ उछलकर दूर गिरने की वजह से चोटिल हो गए।
ग्राम गोवर्धनपुर निवासी रविश सैनी (14) पुत्र मित्रसैन शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे बाइक से अपने साथियों को बैठाकर सुल्तानपुर के इंटर कॉलेज में पढ़ने के लिए जा रहा था। सुल्तानपुर-धौलाहेड़ी के बीच चिलकाना की तरफ से आ रहे ट्रैक्टर-ट्राली से रविश की बाइक की जबरदस्त टक्कर हो गई। हादसे में रविश के दो साथी तो उछल कर दूर जा गिरे, जबकि रविश ट्राली की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने रविश को सीएचसी सुल्तानपुर में भर्ती कराया। वहां, डॉक्टर न होने के कारण वार्ड ब्वाय ने प्राथमिक उपचार देकर सहारनपुर रेफर कर दिया। सहारनपुर में प्राइवेट चिकित्सक ने भी रविश की हालत गंभीर देखते हुए जॉलीग्रांट भेज दिया। छाती में गुम चोट लगने से रविश की हालत गंभीर होती चली गई। दोपहर करीब तीन बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रविश की खबर गांव में पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
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सीएचसी में अरसे से नहीं हैं डॉक्टर
चिलकाना। सीएचसी सुल्तानपुर में लंबे समय से डाक्टर नहीं है। फार्मेसिस्ट तथा चतुर्थ श्रेणी स्टाफ के भरोसे ही अस्पताल चल रहा है। एक संविदा डाक्टर भी निश्चित समय पर ही पहुंचता है। यदि अस्पताल में कोई डाक्टर होता तो रविश की जान बच सकती थी। लोगों ने जिला प्रशासन से सीएचसी में डाक्टरों की नियुक्ति की मांग की है।
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ग्राम गोवर्धनपुर निवासी रविश सैनी (14) पुत्र मित्रसैन शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे बाइक से अपने साथियों को बैठाकर सुल्तानपुर के इंटर कॉलेज में पढ़ने के लिए जा रहा था। सुल्तानपुर-धौलाहेड़ी के बीच चिलकाना की तरफ से आ रहे ट्रैक्टर-ट्राली से रविश की बाइक की जबरदस्त टक्कर हो गई। हादसे में रविश के दो साथी तो उछल कर दूर जा गिरे, जबकि रविश ट्राली की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने रविश को सीएचसी सुल्तानपुर में भर्ती कराया। वहां, डॉक्टर न होने के कारण वार्ड ब्वाय ने प्राथमिक उपचार देकर सहारनपुर रेफर कर दिया। सहारनपुर में प्राइवेट चिकित्सक ने भी रविश की हालत गंभीर देखते हुए जॉलीग्रांट भेज दिया। छाती में गुम चोट लगने से रविश की हालत गंभीर होती चली गई। दोपहर करीब तीन बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रविश की खबर गांव में पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
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सीएचसी में अरसे से नहीं हैं डॉक्टर
चिलकाना। सीएचसी सुल्तानपुर में लंबे समय से डाक्टर नहीं है। फार्मेसिस्ट तथा चतुर्थ श्रेणी स्टाफ के भरोसे ही अस्पताल चल रहा है। एक संविदा डाक्टर भी निश्चित समय पर ही पहुंचता है। यदि अस्पताल में कोई डाक्टर होता तो रविश की जान बच सकती थी। लोगों ने जिला प्रशासन से सीएचसी में डाक्टरों की नियुक्ति की मांग की है।
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