सहारनपुर। शिमला के मॉल रोड स्थित गेटी थियेटर में चल रही अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में सहारनपुर के 78 वर्षीय चित्रकार डॉ. डीसी अग्रवाल की दो पेंटिंग का चयन किया। कला प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी है।
डॉ. डीसी अग्रवाल जेवी जैन कॉलेज में चित्रकला विभाग के अध्यक्ष रहे हैं, जो 2002 में सेवानिवृत्त हुए थे। दोनों बच्चे बाहर हैं। ऐसे में वह अपना खाली समय कलाकृतियों को बनाने में खर्च करते हैं। सात से दस दिसंबर तक शिमला में अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी चल रही है। इसमें भारत, रोमानिया, फ्रांस और अमेरिका के कलाकारों ने अपनी कलाकृतियां सजाई हैं। डॉ. अग्रवाल ने अपनी दो पेंटिंग प्रदर्शित की। खास बात यह है कि उनकी दोनों पेंटिंग को सराहा है और चयनित किया है। उनकी पेंटिंग महात्मा गांधी के सपनों का भारत और देश की मौजूदा स्थिति पर रही। इसमें उन्होंने गांधी जी के चेहरे पर खून के आंध दर्शाए हैं। चेहरे के चारों ओर मॉबलिचिंग, भीड़ द्वारा हत्या करने, जातीय और सांप्रदायिक हिंसा आदि से जुड़ी खबरों की कटिंग को चस्पा किया है। डॉ. अग्रवाल ने दर्शाया है कि गांधी जी जिस तरह का भारत चाहते थे, आज वह भारत नहीं है। केवल उनकी 150वीं जयंती उत्सव मनाया जा रहा है, जबकि उनके सपनों का भारत कहीं गुम हो गया है। यदि गांधी जी आज जिंदा होते तो वह खून के आंसू रो रहे होते। डॉ. अग्रवाल की पेंटिंग का चयन होने पर कला प्रेमियों न उन्हें बधाई दी है।