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केन्द्र सरकार जमीन देगी तो बनेंगे प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैट
Updated Sun, 09 Sep 2018 12:29 AM IST
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सहारनपुर। केन्द्र सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी तो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट बन पाएंगे। विकास प्राधिकरण ने चार हेक्टेयर जमीन के लिए राज्य सरकार के माध्यम से भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा है। पहले चरण में 750, दूसरे चरण में एक हजार और तीसरे चरण में 250 फ्लैट का निर्माण किया जाना है। एक साल से जमीन न मिलने के कारण प्राधिकरण मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा नहीं पहना पा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट तैयार करने की योजना करीब एक वर्ष पहली है। सहारनपुर विकास प्राधिकरण पर फ्लैट तैयार करने का जिम्मा है, जो पिछले एक साल से जमीन तलाश रहा है। अब विकास प्राधिकरण को मंडी समिति क्षेत्र में 4.7 हेक्टेयर भूमि मिली है, जो भारत सरकार की है। यह भूमि नगर निगम के कब्जे में है, जिसे फ्लैट बनाने के लिए काफी उपयुक्त माना जा रहा है। कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी और डीएम आलोक कुमार पांडेय के द्वारा उक्त भूमि का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। भारत सरकार को यह जमीन पहले राज्य सरकार को स्थानांतरित करनी होगी, तब जाकर फ्लैट निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
इनके लिए होंगे फ्लैट
विकास प्राधिकरण के द्वारा तैयार किए जाने वाले दो हजार फ्लैट शहरी गरीबों के लिए होंगे। इस श्रेणी में वह लोग आएंगे, जो शहर के निवासी हैं और वह या तो कच्चे आवासों में रह रहे हैं या फिर किराए के मकान में। विभागीय सूत्रों ने बताया कि फ्लैट पाने के लिए इन लोगों से आवेदन मांगे जाएंगे। आवेदनकर्ताओं में से पात्रों का चयन कर उन्हें सस्ते दाम पर फ्लैट मुहैया कराए जाएंगे।
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एक महीने में तीसरी जमीन
योजना के लिए पिछले एक साल में में विकास प्राधिकरण तीन जमीनें देख चुका है। कुछ ही दिन पहले शहर से सटे गांव घोघरेकी में जमीन देखी गई थी, जिसके लिए कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने सिंचाई विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। सिंचाई विभाग ने जमीन को फ्लैट के लिए सही नहीं माना है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जमीन हिंडन और नागदेवी नदी के तट पर है, जिसमें बरसाती बाढ़ आने का खतरा रहता है। इसके बाद प्राधिकरण ने दूसरी जमीन दिल्ली रोड पर तलाशी थी, जो चारागाह की निकली है। मंडी समिति क्षेत्र में चिह्नित की गई जमीन तीसरी है।
तीन चरणों में होगा निर्माण
शहर में बनने वाले दो हजार फ्लैट का निर्माण तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 750 फ्लैट बनाए जाएंगे। दूसरे चरण में एक हजार और तीसरे चरण में ढाई सौ फ्लैट बनेंगे। दो हजार फ्लैट के लिए करीब 6.5 हेक्टेयर भूमि चाहिए। यदि एकसाथ इतनी जमीन नहीं मिलती है तो अलग-अलग जगहों पर मिलने वाली दो से तीन जमीनों पर फ्लैट बनाए जाएंगे।
करीब साढ़े चार लाख होगी कीमत
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जाने वाले फ्लैट की कीमत आम आदमी के लिए करीब साढ़े चार लाख होगी। हालांकि एक फ्लैट पर सरकार कर करीब साढ़े छह लाख रुपये का खर्च आएगा, मगर बाकी के पैसों का निर्वहन केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी। सूत्रों ने बताया कि सरकार का मकसद हर शहरी गरीब को सस्ते दाम पर पक्की छत मुहैया कराना है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दो हजार फ्लैट बनाए जाने हैं। फ्लैट का निर्माण तीन चरणों में होगा। हाल ही में हमें मंडी समिति क्षेत्र में 4.7 हेक्टेयर भूमि मिली है जो भारत सरकार की है। फिलहाल यह भूमि नगर निगम के अंडर में है। कमिश्नर और डीएम की ओर से जमीन का प्रस्ताव भारत सरकार को शासन के माध्यम से भेजा गया है। जमीन मिलते ही फ्लैट्स का निर्माण कराया जाएगा।
सुखलाल भारती, उपाध्यक्ष, सहारनपुर विकास प्राधिकरण।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट तैयार करने की योजना करीब एक वर्ष पहली है। सहारनपुर विकास प्राधिकरण पर फ्लैट तैयार करने का जिम्मा है, जो पिछले एक साल से जमीन तलाश रहा है। अब विकास प्राधिकरण को मंडी समिति क्षेत्र में 4.7 हेक्टेयर भूमि मिली है, जो भारत सरकार की है। यह भूमि नगर निगम के कब्जे में है, जिसे फ्लैट बनाने के लिए काफी उपयुक्त माना जा रहा है। कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी और डीएम आलोक कुमार पांडेय के द्वारा उक्त भूमि का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। भारत सरकार को यह जमीन पहले राज्य सरकार को स्थानांतरित करनी होगी, तब जाकर फ्लैट निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
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इनके लिए होंगे फ्लैट
विकास प्राधिकरण के द्वारा तैयार किए जाने वाले दो हजार फ्लैट शहरी गरीबों के लिए होंगे। इस श्रेणी में वह लोग आएंगे, जो शहर के निवासी हैं और वह या तो कच्चे आवासों में रह रहे हैं या फिर किराए के मकान में। विभागीय सूत्रों ने बताया कि फ्लैट पाने के लिए इन लोगों से आवेदन मांगे जाएंगे। आवेदनकर्ताओं में से पात्रों का चयन कर उन्हें सस्ते दाम पर फ्लैट मुहैया कराए जाएंगे।
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एक महीने में तीसरी जमीन
योजना के लिए पिछले एक साल में में विकास प्राधिकरण तीन जमीनें देख चुका है। कुछ ही दिन पहले शहर से सटे गांव घोघरेकी में जमीन देखी गई थी, जिसके लिए कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने सिंचाई विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। सिंचाई विभाग ने जमीन को फ्लैट के लिए सही नहीं माना है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जमीन हिंडन और नागदेवी नदी के तट पर है, जिसमें बरसाती बाढ़ आने का खतरा रहता है। इसके बाद प्राधिकरण ने दूसरी जमीन दिल्ली रोड पर तलाशी थी, जो चारागाह की निकली है। मंडी समिति क्षेत्र में चिह्नित की गई जमीन तीसरी है।
तीन चरणों में होगा निर्माण
शहर में बनने वाले दो हजार फ्लैट का निर्माण तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 750 फ्लैट बनाए जाएंगे। दूसरे चरण में एक हजार और तीसरे चरण में ढाई सौ फ्लैट बनेंगे। दो हजार फ्लैट के लिए करीब 6.5 हेक्टेयर भूमि चाहिए। यदि एकसाथ इतनी जमीन नहीं मिलती है तो अलग-अलग जगहों पर मिलने वाली दो से तीन जमीनों पर फ्लैट बनाए जाएंगे।
करीब साढ़े चार लाख होगी कीमत
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जाने वाले फ्लैट की कीमत आम आदमी के लिए करीब साढ़े चार लाख होगी। हालांकि एक फ्लैट पर सरकार कर करीब साढ़े छह लाख रुपये का खर्च आएगा, मगर बाकी के पैसों का निर्वहन केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी। सूत्रों ने बताया कि सरकार का मकसद हर शहरी गरीब को सस्ते दाम पर पक्की छत मुहैया कराना है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दो हजार फ्लैट बनाए जाने हैं। फ्लैट का निर्माण तीन चरणों में होगा। हाल ही में हमें मंडी समिति क्षेत्र में 4.7 हेक्टेयर भूमि मिली है जो भारत सरकार की है। फिलहाल यह भूमि नगर निगम के अंडर में है। कमिश्नर और डीएम की ओर से जमीन का प्रस्ताव भारत सरकार को शासन के माध्यम से भेजा गया है। जमीन मिलते ही फ्लैट्स का निर्माण कराया जाएगा।
सुखलाल भारती, उपाध्यक्ष, सहारनपुर विकास प्राधिकरण।