{"_id":"5b7d9ae642c79246325494d2","slug":"71534958310-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम प्रधान और सचिव की जांच न करने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम प्रधान और सचिव की जांच न करने का आरोप
Updated Wed, 22 Aug 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। एक ग्रामीण ने ग्राम प्रधान और सचिव पर सरकारी धन में गड़बड़झाला एवं अधिकारियों पर मामले की जांच नहीं करने का आरोप लगाया है।
नकुड़ ब्लॉक के गांव रणदेवा निवासी रामकुमार शर्मा का कहना है कि ग्राम प्रधान और सचिव सरकारी धन की बंदरबांट कर रहे हैं। ग्राम पंचायत में 2015 से लेकर आज तक कोई विकास कार्य नहीं हुआ। सरकारी धन को हड़पने का काम किया जा रहा है। इसकी शिकायत उसने दो माह पूर्व डीएम से की थी। डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। आरोप है कि मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने आज तक जांच नहीं की। वह अब मुख्यमंत्री से मिलकर कार्रवाई की मांग करेगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वाईपी सिंह का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। उन्होंने खुद ग्राम रणदेवा दौरा किया था। ग्राम प्रधान और सचिव स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में लगे हैं। इसलिए उन्होंने कार्य पूरा होने तक का समय मांगा है। ग्राम प्रधान और सचिव का पक्ष सुनने और कार्यों से संबंधित दस्तावेज की जांच के बाद जिलाधिकारी को रिपोर्ट देंगे।
विज्ञापन
नकुड़ ब्लॉक के गांव रणदेवा निवासी रामकुमार शर्मा का कहना है कि ग्राम प्रधान और सचिव सरकारी धन की बंदरबांट कर रहे हैं। ग्राम पंचायत में 2015 से लेकर आज तक कोई विकास कार्य नहीं हुआ। सरकारी धन को हड़पने का काम किया जा रहा है। इसकी शिकायत उसने दो माह पूर्व डीएम से की थी। डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। आरोप है कि मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने आज तक जांच नहीं की। वह अब मुख्यमंत्री से मिलकर कार्रवाई की मांग करेगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वाईपी सिंह का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। उन्होंने खुद ग्राम रणदेवा दौरा किया था। ग्राम प्रधान और सचिव स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में लगे हैं। इसलिए उन्होंने कार्य पूरा होने तक का समय मांगा है। ग्राम प्रधान और सचिव का पक्ष सुनने और कार्यों से संबंधित दस्तावेज की जांच के बाद जिलाधिकारी को रिपोर्ट देंगे।