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भगवान को पाने का प्रेम मार्ग सर्वश्रेष्ठ : छोटे ठाकुर
Updated Sun, 17 Jun 2018 12:40 AM IST
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भगवान को पाने का प्रेम मार्ग सर्वश्रेष्ठ : छोटे ठाकुर
देवबंद। श्रीमद्भागवत कथा में दूसरे दिन वृंदावन के कथा व्यास कृष्ण चंद छोटे ठाकुर महाराज ने ज्ञान, भक्ति और वैराग्य विषय पर प्रकाश डाला।
प्राचीन सिद्धपीठ श्री राधा-रूकमणि वल्लभ मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास ने कहा कि भगवान को प्राप्त करने के अनेक मार्ग हैं। इनमें प्रेम का मार्ग सर्वश्रेष्ठ है। ज्ञान, भक्ति और वैराग्य भी ईश्वर की प्राप्ति के श्रेष्ठ मार्ग हैं। किंतु प्रेम मार्ग में भगवान भक्त के हृदय की निश्चल सरलता और भाव देखते हैं। प्रेम से वशीभूत होकर भगवान स्वयं भक्त की ओर खींचे चले आते हैं। छोटे ठाकुर महाराज ने ध्रुव, प्रहलाद, नारद, मीरा, सूरदास समेत अन्य भक्तों के चरित्र का मनोहारी वर्ण किया, जिन्हें सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। श्री राधा कृष्ण के मनोहारी भजनों पर कथा मंडप में बैठे श्रद्धालु झूम उठे। थाली भरकर लाई खिचड़ी, ऊपर घी की बाटकी, जीमो रे म्हारो श्याम धनी, जिमावे बेटी जाट की भजन सुनकर श्रद्धालु जय जयकार कर उठे। दूसरे दिन कथा के यजमान रितेश बंसल और कल्पना बंसल रहे। इस मौके पर देवेंद्र दत्त शर्मा, देवीदयाल शर्मा, श्यामलाल भारती, सुधीर गर्ग, सुरेंद्र प्रजापति, सतीश गिरधर, प्रदीप गोयल, आदेश सैनी, सन्नी दत्ता, सागर शर्मा आदि रहे।
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देवबंद। श्रीमद्भागवत कथा में दूसरे दिन वृंदावन के कथा व्यास कृष्ण चंद छोटे ठाकुर महाराज ने ज्ञान, भक्ति और वैराग्य विषय पर प्रकाश डाला।
प्राचीन सिद्धपीठ श्री राधा-रूकमणि वल्लभ मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास ने कहा कि भगवान को प्राप्त करने के अनेक मार्ग हैं। इनमें प्रेम का मार्ग सर्वश्रेष्ठ है। ज्ञान, भक्ति और वैराग्य भी ईश्वर की प्राप्ति के श्रेष्ठ मार्ग हैं। किंतु प्रेम मार्ग में भगवान भक्त के हृदय की निश्चल सरलता और भाव देखते हैं। प्रेम से वशीभूत होकर भगवान स्वयं भक्त की ओर खींचे चले आते हैं। छोटे ठाकुर महाराज ने ध्रुव, प्रहलाद, नारद, मीरा, सूरदास समेत अन्य भक्तों के चरित्र का मनोहारी वर्ण किया, जिन्हें सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। श्री राधा कृष्ण के मनोहारी भजनों पर कथा मंडप में बैठे श्रद्धालु झूम उठे। थाली भरकर लाई खिचड़ी, ऊपर घी की बाटकी, जीमो रे म्हारो श्याम धनी, जिमावे बेटी जाट की भजन सुनकर श्रद्धालु जय जयकार कर उठे। दूसरे दिन कथा के यजमान रितेश बंसल और कल्पना बंसल रहे। इस मौके पर देवेंद्र दत्त शर्मा, देवीदयाल शर्मा, श्यामलाल भारती, सुधीर गर्ग, सुरेंद्र प्रजापति, सतीश गिरधर, प्रदीप गोयल, आदेश सैनी, सन्नी दत्ता, सागर शर्मा आदि रहे।