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मंदिर की संपति बचाने के लिए आठ को महापंचायत
Updated Mon, 02 Apr 2018 01:04 AM IST
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मंदिर की संपत्ति बचाने के लिए आठ को महापंचायत
नकुड़। नगर में श्री रघुरानाथ जी मंदिर की करोड़ों रुपये की संपत्ति के विवाद में मंदिर की प्रबंध समिति ने नगर वासियों के समक्ष संपत्ति को बचाने के लिए आगे आने की गुहार लगाई है। समिति ने संपत्ति को बचाने के लिये आठ अप्रैल को महापंचायत बुलाई है।
नगर में सुधीर मित्तल के प्रतिष्ठान पर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रबंध समिति के अध्यक्ष और महामंत्री होने का दावा करने वाले सुधीर मित्तल व सुखबीर सिंह कोरी ने कहा कि जिन लोगों का नगर से विगत 40 वर्षों से कोई संबंध नहीं है वे मंदिर की करोड़ों रुपये की संपत्ति को हड़पने के लिये हर दांवपेंच अपना रहे हैं। आरोप लगाया कि मंडलायुक्त ने विगत वर्ष ही तहसीलदार को मंदिर की संपत्ति का रिसीवर नियुक्त कर उन्हें मंदिर की संपत्ति का हिसाब किताब रखने के निर्देश दिये थे। परंतु तहसीलदार ने तब से आज तक मंदिर के रिसीवर का चार्ज तक नहीं लिया। जबकि दूसरा पक्ष मंदिर की कृषि भूमि में फसल उगाने व बोने जोतने में लगातार बाधा उत्पन्न कर रहा है। इससे मंदिर को भारी नुकसान हो रहा है। मंदिर की प्रबंध समिति ने बताया कि मंदिर की संपत्ति को बचाने के लिये आगे की रणनीति बनाने के लिये आगामी 8 अप्रैल को आर्यसमाज मंदिर में महापंचायत होगी। जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। उन्होंने महापंचायत में सर्व समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है। गौरतलब है कि नगर के बीचोबीच स्थित रघुनाथ जी मंदिर की सात बीघा जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच कोर्ट में मामला विचाराधीन है। इस मौके पर प्रबंध राजन शर्मा, ऋषिपाल शर्मा, नारायणदत्त शर्मा, सुरेंद्र चौहान, सुनील गोयल, धीरज सिंघल, आलोक जैन आदि रहे।
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नकुड़। नगर में श्री रघुरानाथ जी मंदिर की करोड़ों रुपये की संपत्ति के विवाद में मंदिर की प्रबंध समिति ने नगर वासियों के समक्ष संपत्ति को बचाने के लिए आगे आने की गुहार लगाई है। समिति ने संपत्ति को बचाने के लिये आठ अप्रैल को महापंचायत बुलाई है।
नगर में सुधीर मित्तल के प्रतिष्ठान पर आयोजित प्रेस वार्ता में प्रबंध समिति के अध्यक्ष और महामंत्री होने का दावा करने वाले सुधीर मित्तल व सुखबीर सिंह कोरी ने कहा कि जिन लोगों का नगर से विगत 40 वर्षों से कोई संबंध नहीं है वे मंदिर की करोड़ों रुपये की संपत्ति को हड़पने के लिये हर दांवपेंच अपना रहे हैं। आरोप लगाया कि मंडलायुक्त ने विगत वर्ष ही तहसीलदार को मंदिर की संपत्ति का रिसीवर नियुक्त कर उन्हें मंदिर की संपत्ति का हिसाब किताब रखने के निर्देश दिये थे। परंतु तहसीलदार ने तब से आज तक मंदिर के रिसीवर का चार्ज तक नहीं लिया। जबकि दूसरा पक्ष मंदिर की कृषि भूमि में फसल उगाने व बोने जोतने में लगातार बाधा उत्पन्न कर रहा है। इससे मंदिर को भारी नुकसान हो रहा है। मंदिर की प्रबंध समिति ने बताया कि मंदिर की संपत्ति को बचाने के लिये आगे की रणनीति बनाने के लिये आगामी 8 अप्रैल को आर्यसमाज मंदिर में महापंचायत होगी। जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। उन्होंने महापंचायत में सर्व समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है। गौरतलब है कि नगर के बीचोबीच स्थित रघुनाथ जी मंदिर की सात बीघा जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच कोर्ट में मामला विचाराधीन है। इस मौके पर प्रबंध राजन शर्मा, ऋषिपाल शर्मा, नारायणदत्त शर्मा, सुरेंद्र चौहान, सुनील गोयल, धीरज सिंघल, आलोक जैन आदि रहे।
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