फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   7.5 lakh rupees being spent daily on cleaning the city

स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 : शहर की सफाई पर रोज खर्च हो रहे 7.5 लाख रुपये

Fri, 12 Mar 2021 09:43 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Mar 2021 09:43 PM IST
विज्ञापन
7.5 lakh rupees being spent daily on cleaning the city
शहर की सफाई पर रोज खर्च हो रहे 7.5 लाख रुपये
विज्ञापन

सहारनपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 का परिणाम भी आने वाला है। बीते वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में जिले के नगर निकाय का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा था। इस बार भी काफी प्रयासों के बावजूद कमियां दूर नहीं हो पाई हैं। दावे तो खूब किए गए लेकिन निकायों में जगह-जगह गंदगी से अटी नालियां सहित तमाम ऐसे कारण हैं जो रैंकिंग को बेहतरी में रोड़ा बनते रहे। स्वच्छता को लेकर हुए कार्य और कमियों पर एक रिपोर्ट...
- शत प्रतिशत घरों से नहीं उठ रहा कूड़ा
सहारनपुर। बीते वर्ष नगर निगम सहारनपुर स्वच्छ सर्वेक्षण में 49वें स्थान पर था। लाख कोशिशों के बावजूद इस वर्ष भी पंजीकृत 139000 घरों के सापेक्ष करीब 90 हजार घरों से ही कचरा इकट्ठा हो पा रहा है। सड़कों पर रखे 49 लाख रुपये की कीमत के डस्टबिन भी गायब हो चुके हैं। हालांकि निगम ने 140 डलावघरों में से 102 को खत्म किया है। कचरा उठान के लिए सुबह 10 बजे तक का समय निर्धारित है, मगर कुछ जगह कचरा दोपहर तक दिखाई दे जाता है। सफाई कर्मियों के वेतन सहित सफाई कार्यों पर प्रतिदिन साढ़े सात लाख रुपये के हिसाब से प्रतिमाह दो करोड़ से ज्यादा रकम खर्च होती है। बावजूद शहर की बाहरी कॉलोनियों में गंदगी का आलम है।
विज्ञापन

-------
नए शामिल किए गए क्षेत्र में सफाई व्यवस्था खराब
रामपुर मनिहारान। स्वच्छता को लेकर नगर पंचायत ने कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने को 15 बीघा भूमि खरीदी है, जिसकी चहारदीवारी कराई गई है। पीरबनी, तेलीपुरा, नाजिरपुर में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। कचरा प्रबंधन में 35 लाख की लागत से एमआरएफ (मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनाया गया है। कूड़ा उठान के लिए 21 लाख रुपये में चार छोटे वाहन खरीदे गए। सफाईकर्मियों के वेतन पर प्रतिमाह 15 लाख रुपये खर्च होते हैं। बावजूद कई इलाकों में गंदगी रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
बन रहा एमआरएफ सेंटर
चिलकाना। नगर पंचायत में स्वच्छता अभियान के तहत एमआरएफ सेंटर बनाए जा रहे हैं, जिसके लिए 39 लाख रुपये में आठ बीघा भूमि खरीदी गई है। अधिशासी अधिकारी जितेंद्र राणा ने बताया कि कस्बे में 50 सफाई कर्मचारी सफाई कार्य में लगे हुए हैं। इनपर प्रति माह करीब चार लाख रुपए खर्च हो रहा है।
------
हर माह 15 लाख खर्च फिर भी गंदगी
नानौता। नगर पंचायत ने कूड़ा निस्तारण को लेकर लगभग 12 बीघा भूमि खरीदी है। कूड़ा निस्तारण प्रोजेक्ट के लिए करीब 70 लाख रुपए खर्च कर डंपिंग ग्राउंड का निर्माण कराया है। 60 सफाई कर्मचारियों व अन्य मद में करीब 15 लाख रुपए का खर्च किया जाता हैं। इसके बावजूद कई जगह कचरा उठान समय से नहीं हो रहा है।
-----
देवबंद में खर्च हो रहे प्रतिमाह चार लाख
देवबंद। नगरपालिका द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत गांव झबीरन में डंपिंग ग्राउंड बनाया है। यहां प्रतिदिन 50 टन कचरा डाला जाता है। कचरा प्रबंधन व उसके निस्तारण पर करीब चार लाख रुपये प्रतिमाह खर्च होते हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए 12 गाड़ियां लगाई गई हैं। बावजूद नगर के अनेक इलाकों में गंदगी रहती है, खासकर नालियां गंदगी से अटी हुई हैं।

-----
डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन खरीदी
बेहट। नगर पंचायत ने कूड़ा निस्तारण को लेकर नौ बीघा भूमि खरीदी है। कचरा निस्तारण प्रोजेक्ट के लिए जिलाधिकारी से स्वीकृति मिल चुकी है। प्लांट लगाने के लिए 50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है। कचरा प्रबंधन में 33 लाख की लागत से एमआरएफ (मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी) बनाया जा रहा है। सफाईकर्मियों के वेतन पर प्रतिमाह करीब पांच लाख रुपये खर्च होते हैं। इसके बाद भी क्षेत्र में गंदगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed