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कैश मेमो नहीं दिया तो होगी कार्रवाई
Updated Fri, 10 Aug 2018 12:30 AM IST
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सहारनपुर। अधोमानक या बिना बिल के कीटनाशक बेचने वालों पर कृषि रक्षा विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उन्होंने कीटनाशक विक्रेताओं के लिए किसानों को कैश मेमो देना अनिवार्य करते हुए चेतावनी दी कि यदि किसी विक्रेता ने बिना बिल के कीटनाशक बेचा तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जनपद में करीब 600 कीटनाशक विक्रेताओं की दुकानें हैं। इनमें निजी के साथ ही गन्ना विकास समितियां, कृषि रक्षा इकाई और सहकारी समितियों की दुकानें भी शामिल हैं। आमतौर पर कीटनाशक विक्रेता किसानों को खरीदे गए पेस्टीसाइड का बिल नहीं देते। जिससे किसान कीटनाशक के अधोमानक होने के बाद भी विक्रेेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाता। इसे देखते हुए कृषि रक्षा विभाग ने कीटनाशक विक्रेताओं को खरीदे गए पेस्टीसाइड का बिल किसानों को देना अनिवार्य कर दिया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिप्रा ने बताया कि जो विक्रेता किसानों को कैश मेमो नहीं देंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि कैश मेमो पाना किसानों को अधिकार है। उन्होंने कहा कि बगैर लाइसेंस या कागजात पूरे नहीं मिलने पर कीटनाशक की दुकान चलाने वालों के विरुद्ध भी कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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जनपद में करीब 600 कीटनाशक विक्रेताओं की दुकानें हैं। इनमें निजी के साथ ही गन्ना विकास समितियां, कृषि रक्षा इकाई और सहकारी समितियों की दुकानें भी शामिल हैं। आमतौर पर कीटनाशक विक्रेता किसानों को खरीदे गए पेस्टीसाइड का बिल नहीं देते। जिससे किसान कीटनाशक के अधोमानक होने के बाद भी विक्रेेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाता। इसे देखते हुए कृषि रक्षा विभाग ने कीटनाशक विक्रेताओं को खरीदे गए पेस्टीसाइड का बिल किसानों को देना अनिवार्य कर दिया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिप्रा ने बताया कि जो विक्रेता किसानों को कैश मेमो नहीं देंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि कैश मेमो पाना किसानों को अधिकार है। उन्होंने कहा कि बगैर लाइसेंस या कागजात पूरे नहीं मिलने पर कीटनाशक की दुकान चलाने वालों के विरुद्ध भी कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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