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हादसों को न्यौता दे रहे स्ट्रीट लाइट खंभों के बेस
Updated Thu, 24 May 2018 12:27 AM IST
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सहारनपुर। शहर भर में डिवाइडर के बीच में बनाए गए स्ट्रीट लाइटों के खंभों के सीमेंटेड बेस हादसों की वजह बन रहे हैं। आलम यह है कि चकराता रोड पर प्रतिदिन दुपहिया वाहन चालक इनसे टकराकर चोटिल हो रहे हैं। इतना ही नहीं, चौपहिया वाहनों को भी इनसे नुकसान पहुंच रहा है।
करीब ढाई वर्ष पहले चकराता रोड पर पुल जोगियान से गांव रसूलपुर तक डिवाइडर का निर्माण कराया गया था। इस डिवाइडर की चौड़ाई एक से डेढ़ फुट है। प्राधिकरण ने डिवाइडर बनने के बाद पथ प्रकाश के लिए इन डिवाइडर के बीच में स्ट्रीट लाइटों के खंभों के लिए सीमेंट के बेस बनवाए हैं। यह बेस करीब दो फुट चौड़े हैं, जिसकी वजह से वह बेस डिवाइडर से बाहर निकल रहे हैं। कोनेदार होने की वजह से यह किसी दिन बड़े खतरे का वजह बन सकते हैं। इतना ही नहीं, अकेले चकराता रोड पर कई सड़क हादसों की वजह यह बेस बन चुके हैं। करीब दो वर्ष पहले पुल जोगियान पर पेट्रोल पंप के सामने एक कार बेस से टकराकर पलट गई थी। इसी मार्ग पर डीआईओएस कार्यालय के बाहर चार दिन पहले एक युवक की बाइक खंभे के बेस के कोने से टकरा गई थी, जिसके बाद बाइक गिरने से बाइक सवार चोटिल हुआ था। इसी तरह देहरादून हाइवे पर भी डिवाइडर के बीच में स्ट्रीट लाइटों के सीमेंट के बेस बनाए गए हैं। देहरादून रोड पर पिछले दिनों साइड में ट्रक होने की वजह से एक कार स्ट्रीट लाइट के बेस से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। इन तमाम हादसों के बावजूद प्रशासन या प्राधिकरण सुधार को तैयार नहीं है।
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विकास प्राधिकरण के द्वारा बनवाए गए स्ट्रीट लाइटों के बेस यदि डिवाइडर से चौड़े हैं और हादसों का कारण बन रहे हैं तो यह गंभीर मामला है। जल्द ही तमाम डिवाइडर का सर्वे कराकर मामले को दिखवाया जाएगा। हादसों को रोकने के लिए जो भी संभव होगा कदम उठाया जाएगा।
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मनोज कुमार, वीसी, एसडीए
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करीब ढाई वर्ष पहले चकराता रोड पर पुल जोगियान से गांव रसूलपुर तक डिवाइडर का निर्माण कराया गया था। इस डिवाइडर की चौड़ाई एक से डेढ़ फुट है। प्राधिकरण ने डिवाइडर बनने के बाद पथ प्रकाश के लिए इन डिवाइडर के बीच में स्ट्रीट लाइटों के खंभों के लिए सीमेंट के बेस बनवाए हैं। यह बेस करीब दो फुट चौड़े हैं, जिसकी वजह से वह बेस डिवाइडर से बाहर निकल रहे हैं। कोनेदार होने की वजह से यह किसी दिन बड़े खतरे का वजह बन सकते हैं। इतना ही नहीं, अकेले चकराता रोड पर कई सड़क हादसों की वजह यह बेस बन चुके हैं। करीब दो वर्ष पहले पुल जोगियान पर पेट्रोल पंप के सामने एक कार बेस से टकराकर पलट गई थी। इसी मार्ग पर डीआईओएस कार्यालय के बाहर चार दिन पहले एक युवक की बाइक खंभे के बेस के कोने से टकरा गई थी, जिसके बाद बाइक गिरने से बाइक सवार चोटिल हुआ था। इसी तरह देहरादून हाइवे पर भी डिवाइडर के बीच में स्ट्रीट लाइटों के सीमेंट के बेस बनाए गए हैं। देहरादून रोड पर पिछले दिनों साइड में ट्रक होने की वजह से एक कार स्ट्रीट लाइट के बेस से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। इन तमाम हादसों के बावजूद प्रशासन या प्राधिकरण सुधार को तैयार नहीं है।
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विकास प्राधिकरण के द्वारा बनवाए गए स्ट्रीट लाइटों के बेस यदि डिवाइडर से चौड़े हैं और हादसों का कारण बन रहे हैं तो यह गंभीर मामला है। जल्द ही तमाम डिवाइडर का सर्वे कराकर मामले को दिखवाया जाएगा। हादसों को रोकने के लिए जो भी संभव होगा कदम उठाया जाएगा।
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मनोज कुमार, वीसी, एसडीए