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नगरायुक्त और मेयर के मतभेद बन जाएं विकास में बाधा
Updated Sat, 12 May 2018 11:57 PM IST
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सहारनपुर। नगरायुक्त और मेयर के बीच मतभेद किसी से छिपे नहीं हैं। आलम यह है कि विकास से जुड़े कई मामलों में दोनों की राय अलग-अलग है। पिछले दिनों पुल खुमरान पर दुकानों के ध्वस्तीकरण को लेकर भी दोनों में मतभेद रहे थे। नगरायुक्त की कार्रवाई के खिलाफ मेयर ने शासन में शिकायत की थी। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि दोनों के बीच के मतभेद आगामी दिनों में स्मार्ट सिटी योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों को प्रभावित करेंगे।
सहारनपुर स्मार्ट सिटी योजना के चयनित शहरों में शामिल हो चुका है। इसके तहत शहर में अनेक विकास कार्य कराए जाने हैं। चूंकि अतिक्रमण शहर की प्रमुख समस्याओं में से एक है। ऐसे में नगर निगम ने 50 वर्ष पुराने रिकार्ड के आधार पर शहर की सड़कों से अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया है। करीब दो महीने पहले मेयर संजीव वालिया ने भी व्यापारियों की बैठक बुलाकर उन्हें इससे अवगत कराया था। मेयर का कहना था कि मुख्यमंत्री अतिक्रमण को लेकर सख्त हैं और अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी कर चुके हैं। मगर अब इसी अतिक्रमण को लेकर नगरायुक्त और मेयर की राय अलग-अलग हो चुकी है। सात मई को नगर निगम की टीम ने पुल खुमरान पर बने दो अवैध तथा चार आवंटित दुकानों को ध्वस्त कर दिया। नगर निगम का कहना था कि पुल खुमरान का चौड़ीकरण किया जाना है। दुकानें पुल की जद में आ रही हैं। साथ ही दुकानों की वजह से सड़क भी संकरी हो रही है, जिसकी वजह से दिन भर जाम रहता है। सूत्रों ने बताया कि पुल खुमरान पर ध्वस्त की गई छह दुकानों में से मेयर केवल दो दुकानों को तोड़े जाने के पक्ष में थे। मगर प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों ने सभी को ध्वस्त कर दिया। व्यापारियों द्वारा किए गए घेराव और सरकार के खिलाफ नारेबाजी को देखते हुए मेयर ने शासन से दुकानों को ध्वस्त किए जाने की शिकायत की। अब नगर निगम पांवधोई नदी पर बने फड़ों को हटाने की तैयारी में है। 74 फड़े चिह्नित किए गए हैं। नगर निगम नोटिस भेजने की तैयारी में है, मगर मेयर फड़े हटाने के पक्ष में नहीं हैं। नगर निगम अफसरों का कहना है कि फड़े हटाए बिना पांवधोई को कब्जामुक्त और स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता। साथ ही वन-वे यातायात की सोच भी साकार नहीं हो सकेगी। ऐसे में नगर निगम अधिकारियों और मेयर में मतभेद हो गए हैं।
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पुल खुमरान की दुकानें नगरायुक्त ने नहीं तुड़वाई, बल्कि इसमें जिला प्रशासन का बड़ा रोल रहा। इसके अलावा नगर निगम सब्जी मंडी के फड़ों को हटाने की तैयारी में है। मगर फड़े हटाने से पहले हम फड़ा स्वामियों के साथ बैठकर बात करेंगे। कोशिश यही रहेगी कि उनके लिए पहले कही वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जाए, क्योंकि नदी को भी साफ और कब्जामुक्त बनाया जाना है। रही बात नगरायुक्त और मेरे बीच मतभेद की तो यह अफवाह है।
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संजीव वालिया, महापौर।
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पांवधोई पर बने फड़ों को उनके स्वामियों से बात किए बिना नहीं हटाया जाएगा। उनको हम शहर में किसी एक जगह पर जमीन मुहैया कराएंगे, जहां सबको शिफ्ट किया जाएगा। रही बात मेयर के साथ मतभेद होने की तो ऐसी चर्चाएं बेबुनियाद हैं, जिनमें कुछ भी सच्चाई नहीं है।
- गौरव वर्मा, नगरायुक्त।
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सहारनपुर स्मार्ट सिटी योजना के चयनित शहरों में शामिल हो चुका है। इसके तहत शहर में अनेक विकास कार्य कराए जाने हैं। चूंकि अतिक्रमण शहर की प्रमुख समस्याओं में से एक है। ऐसे में नगर निगम ने 50 वर्ष पुराने रिकार्ड के आधार पर शहर की सड़कों से अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया है। करीब दो महीने पहले मेयर संजीव वालिया ने भी व्यापारियों की बैठक बुलाकर उन्हें इससे अवगत कराया था। मेयर का कहना था कि मुख्यमंत्री अतिक्रमण को लेकर सख्त हैं और अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी कर चुके हैं। मगर अब इसी अतिक्रमण को लेकर नगरायुक्त और मेयर की राय अलग-अलग हो चुकी है। सात मई को नगर निगम की टीम ने पुल खुमरान पर बने दो अवैध तथा चार आवंटित दुकानों को ध्वस्त कर दिया। नगर निगम का कहना था कि पुल खुमरान का चौड़ीकरण किया जाना है। दुकानें पुल की जद में आ रही हैं। साथ ही दुकानों की वजह से सड़क भी संकरी हो रही है, जिसकी वजह से दिन भर जाम रहता है। सूत्रों ने बताया कि पुल खुमरान पर ध्वस्त की गई छह दुकानों में से मेयर केवल दो दुकानों को तोड़े जाने के पक्ष में थे। मगर प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों ने सभी को ध्वस्त कर दिया। व्यापारियों द्वारा किए गए घेराव और सरकार के खिलाफ नारेबाजी को देखते हुए मेयर ने शासन से दुकानों को ध्वस्त किए जाने की शिकायत की। अब नगर निगम पांवधोई नदी पर बने फड़ों को हटाने की तैयारी में है। 74 फड़े चिह्नित किए गए हैं। नगर निगम नोटिस भेजने की तैयारी में है, मगर मेयर फड़े हटाने के पक्ष में नहीं हैं। नगर निगम अफसरों का कहना है कि फड़े हटाए बिना पांवधोई को कब्जामुक्त और स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता। साथ ही वन-वे यातायात की सोच भी साकार नहीं हो सकेगी। ऐसे में नगर निगम अधिकारियों और मेयर में मतभेद हो गए हैं।
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पुल खुमरान की दुकानें नगरायुक्त ने नहीं तुड़वाई, बल्कि इसमें जिला प्रशासन का बड़ा रोल रहा। इसके अलावा नगर निगम सब्जी मंडी के फड़ों को हटाने की तैयारी में है। मगर फड़े हटाने से पहले हम फड़ा स्वामियों के साथ बैठकर बात करेंगे। कोशिश यही रहेगी कि उनके लिए पहले कही वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जाए, क्योंकि नदी को भी साफ और कब्जामुक्त बनाया जाना है। रही बात नगरायुक्त और मेरे बीच मतभेद की तो यह अफवाह है।
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संजीव वालिया, महापौर।
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पांवधोई पर बने फड़ों को उनके स्वामियों से बात किए बिना नहीं हटाया जाएगा। उनको हम शहर में किसी एक जगह पर जमीन मुहैया कराएंगे, जहां सबको शिफ्ट किया जाएगा। रही बात मेयर के साथ मतभेद होने की तो ऐसी चर्चाएं बेबुनियाद हैं, जिनमें कुछ भी सच्चाई नहीं है।
- गौरव वर्मा, नगरायुक्त।