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एसडीए में बंधक प्लाटों को भी बेच डाला कालोनाइजर ने
Updated Thu, 02 Nov 2017 12:30 AM IST
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सहारनपुर। करोड़ों रुपये के गोलमाल में फंसे बिल्डर एवं कालोनाइजर सुशील गाबा के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। सुशील गाबा पर धोखाधड़ी का आरोप लगाने वालों पर ही एसडीए ने धोखाधड़ी का आरोप लगाया है और बंधक भूखंड को बेचने का आरोप लगाते हुए सदर कोतवाली में तहरीर दी है।
सहारनपुर विकास प्राधिकरण के सचिव सत्य प्रकाश शर्मा ने सदर कोतवाली में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि तिरुपति गार्डन का नक्शा 8 अप्रैल 2005 को सुमन पत्नी तरुण कुमार निवासी 41 ई, गिल कालोनी द्वारा एसडीए में जमा किया गया था। अभिलेखों के अनुसार प्रस्तावित भूमि ग्राम दराशिवपुरी के खसरे में थी, जो महायोजना 1985-2001 के अनुसार आवासीय भू उपयोग है। खतौनी के इन खसरा नंबर की भूमि में सुमन, स्वाति गोयल निवासी मिशन कंपाउंड एवं सुशील कुमार गाबा निवासी प्रेम वाटिका की भूमि आती है। नक्शा जमा करने के बाद स्वाति गोयल ने प्रस्तुत खसरा का विक्रय पत्र दाखिल किया। ले-आउट प्लान स्वीकृति के बाद आंतरिक विकास कार्य के लिए एसडीए द्वारा आंतरिक विकास की धनराशि के बराबर मूल्य के भूखंड बंधक कर लिए गए। इस नक्शे का परीक्षण एसडीए के अवर अभियंता पीके गुप्ता और सहायक अभियंता राकेश राणा ने किया। जिस पर वाह्य विकास शुल्क की धनराशि के पोस्ट डेटेड चैक जमा किए गए थे। आंतरिक विकास कार्यों की धनराशि शुल्क लगभग 48 लाख रुपये के बराबर की धनराशि के भूखंड बंधक किए गए थे। इसकी डीड भी विकास प्राधिकरण के हक में 23 मार्च 2005 को तिरुपति गार्डन की ओर से सुमन एवं स्वाति गोयल ने बराबर भूमि प्राधिकरण के हक में 23 सितंबर 2005 को सब रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्टर्ड कराई। इसके अनुसार इन प्लाटों के मालिक इन्हें नहीं बेच सकते थे। यह भी करार किया गया था कि एसडीए की अनुमति के बिना कोई भी प्लाट विक्रय नहीं करेंगे। लेकिन स्वाति गोयल ने इन भूखंडों में से कई मैसर्स क्लोन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राईवेट लिमिटेड, जे-27, उद्योग नगर पीरागढ़ी नई दिल्ली के डायरेक्टर सुशील गाबा को बेच दिए। स्वाति गोयल ने बंधक प्लाटों के 3 दिसंबर 2007 को दो बैनामें प्राधिकरण को धोखा देने एवं नाजायज लाभ कमाने की नीयत से क्लोन इन्फ्रास्ट्रक्चर को कर दिए।
इसी प्रकार स्वाति गोयल ने एसडीए में बंधक होने के बावजूद कुछ अन्य प्लाटों का गलत तरीके से एसडीए को नुकसान पहुंचाने की नीयत से कर दिए। इसकी कोई अनुमति एसडीए से नहीं ली गई। जिसका स्वाति गोयल को कोई अधिकार नहीं था।
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इस मामले में एसडीए सचिव सत्य प्रकाश शर्मा ने स्वाति गोयल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
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सहारनपुर विकास प्राधिकरण के सचिव सत्य प्रकाश शर्मा ने सदर कोतवाली में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि तिरुपति गार्डन का नक्शा 8 अप्रैल 2005 को सुमन पत्नी तरुण कुमार निवासी 41 ई, गिल कालोनी द्वारा एसडीए में जमा किया गया था। अभिलेखों के अनुसार प्रस्तावित भूमि ग्राम दराशिवपुरी के खसरे में थी, जो महायोजना 1985-2001 के अनुसार आवासीय भू उपयोग है। खतौनी के इन खसरा नंबर की भूमि में सुमन, स्वाति गोयल निवासी मिशन कंपाउंड एवं सुशील कुमार गाबा निवासी प्रेम वाटिका की भूमि आती है। नक्शा जमा करने के बाद स्वाति गोयल ने प्रस्तुत खसरा का विक्रय पत्र दाखिल किया। ले-आउट प्लान स्वीकृति के बाद आंतरिक विकास कार्य के लिए एसडीए द्वारा आंतरिक विकास की धनराशि के बराबर मूल्य के भूखंड बंधक कर लिए गए। इस नक्शे का परीक्षण एसडीए के अवर अभियंता पीके गुप्ता और सहायक अभियंता राकेश राणा ने किया। जिस पर वाह्य विकास शुल्क की धनराशि के पोस्ट डेटेड चैक जमा किए गए थे। आंतरिक विकास कार्यों की धनराशि शुल्क लगभग 48 लाख रुपये के बराबर की धनराशि के भूखंड बंधक किए गए थे। इसकी डीड भी विकास प्राधिकरण के हक में 23 मार्च 2005 को तिरुपति गार्डन की ओर से सुमन एवं स्वाति गोयल ने बराबर भूमि प्राधिकरण के हक में 23 सितंबर 2005 को सब रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्टर्ड कराई। इसके अनुसार इन प्लाटों के मालिक इन्हें नहीं बेच सकते थे। यह भी करार किया गया था कि एसडीए की अनुमति के बिना कोई भी प्लाट विक्रय नहीं करेंगे। लेकिन स्वाति गोयल ने इन भूखंडों में से कई मैसर्स क्लोन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राईवेट लिमिटेड, जे-27, उद्योग नगर पीरागढ़ी नई दिल्ली के डायरेक्टर सुशील गाबा को बेच दिए। स्वाति गोयल ने बंधक प्लाटों के 3 दिसंबर 2007 को दो बैनामें प्राधिकरण को धोखा देने एवं नाजायज लाभ कमाने की नीयत से क्लोन इन्फ्रास्ट्रक्चर को कर दिए।
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इसी प्रकार स्वाति गोयल ने एसडीए में बंधक होने के बावजूद कुछ अन्य प्लाटों का गलत तरीके से एसडीए को नुकसान पहुंचाने की नीयत से कर दिए। इसकी कोई अनुमति एसडीए से नहीं ली गई। जिसका स्वाति गोयल को कोई अधिकार नहीं था।
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इस मामले में एसडीए सचिव सत्य प्रकाश शर्मा ने स्वाति गोयल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।