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गुरुग्राम की घटना पर अलर्ट हुआ शिक्षा विभाग
Updated Tue, 19 Sep 2017 12:48 AM IST
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सहारनपुर,। गुरुग्राम के स्कूल में छात्र की गला रेतकर की गई हत्या के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग सतर्क हो गया है। डीआईओएस ने सभी बोर्ड के तमाम स्कूलों के प्रधानाचार्यों को बच्चों की सुरक्षा के लिए तमाम इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
घटना के बाद सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों के संगठन प्रोग्रेसिव स्कूल फोरम के पदाधिकारियों ने बैठक कर बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम उठाने को कहा था। मगर उसके बाद भी अनेक स्कूलों में व्यवस्था पुराने ढर्रे पर चल रही है। मिली जानकारी के अनुसार अनेक स्कूलों के सीसीटीवी कैमरे चालू स्थिति में नहीं हैं। अब डीआईओएस आरके तिवारी ने सभी स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं, जिससे घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। इतना ही नहीं, उन्होंने अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों के साथ समन्वय बनाकर चलने को कहा है।
स्कूलों को दिए गए निर्देश
- स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाएं, कैमरे चालू स्थिति में हों, जिनकी समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाए।
- स्कूलों में आने वाले सभी लोगों की गेट पर नाम और फोन नंबर सहित एंट्री दर्ज की जाए।
- स्कूलों की चारदीवारी दुरुस्त हो, जिसके ऊपर कंटीले तार लगे होने चाहिए।
- स्कूलों में कार्यरत स्टाफ का सत्यापन होना चाहिए साथ ही उनके मानसिक स्वास्थ्य की जांच भी समय-समय पर कराई जाए।
- छोटे बच्चों को टॉयलेट में विश्वसनीय कर्मचारियों की निगरानी में भेजा जाए।
- प्रत्येक महीने अभिभावकों और शिक्षकों की बैठक कराई जाए।
- समय-समय पर शिक्षकों और कर्मचारियों की वैरीफिकेशन कराया जाए।
- स्कूल में होने वाली किसी भी घटना की जानकारी तत्काल प्रबंध तंत्र और विभागीय अधिकारियों को दी जाए।
- शिक्षक और तमाम कर्मचारी बच्चों पर पैनी नजर रखें।
- बच्चे स्कूल में स्मार्ट फोन लेकर न आएं, ब्लू व्हेल गेम के प्रति सचेत करें।
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घटना के बाद सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों के संगठन प्रोग्रेसिव स्कूल फोरम के पदाधिकारियों ने बैठक कर बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम उठाने को कहा था। मगर उसके बाद भी अनेक स्कूलों में व्यवस्था पुराने ढर्रे पर चल रही है। मिली जानकारी के अनुसार अनेक स्कूलों के सीसीटीवी कैमरे चालू स्थिति में नहीं हैं। अब डीआईओएस आरके तिवारी ने सभी स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं, जिससे घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। इतना ही नहीं, उन्होंने अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों के साथ समन्वय बनाकर चलने को कहा है।
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स्कूलों को दिए गए निर्देश
- स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाएं, कैमरे चालू स्थिति में हों, जिनकी समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाए।
- स्कूलों में आने वाले सभी लोगों की गेट पर नाम और फोन नंबर सहित एंट्री दर्ज की जाए।
- स्कूलों की चारदीवारी दुरुस्त हो, जिसके ऊपर कंटीले तार लगे होने चाहिए।
- स्कूलों में कार्यरत स्टाफ का सत्यापन होना चाहिए साथ ही उनके मानसिक स्वास्थ्य की जांच भी समय-समय पर कराई जाए।
- छोटे बच्चों को टॉयलेट में विश्वसनीय कर्मचारियों की निगरानी में भेजा जाए।
- प्रत्येक महीने अभिभावकों और शिक्षकों की बैठक कराई जाए।
- समय-समय पर शिक्षकों और कर्मचारियों की वैरीफिकेशन कराया जाए।
- स्कूल में होने वाली किसी भी घटना की जानकारी तत्काल प्रबंध तंत्र और विभागीय अधिकारियों को दी जाए।
- शिक्षक और तमाम कर्मचारी बच्चों पर पैनी नजर रखें।
- बच्चे स्कूल में स्मार्ट फोन लेकर न आएं, ब्लू व्हेल गेम के प्रति सचेत करें।