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रेल प्रशासन के खिलाफ रेल कर्मियों ने प्रदर्शन कर मनाया काला दिवस
Updated Tue, 05 Sep 2017 12:47 AM IST
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सहारनपुर। नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन ने खतौली में हुए रेल हादसे में रेल प्रशासन द्वारा 16 गैंगमैनों को बर्खास्त करने के विरोध में काला दिवस मनाया। कर्मचारियों ने रेल प्रशासन पर बिना जांच के ही 16 गैंगमैनों को बर्खास्त करने का आरोप लगाया।
ऑल इंडिया मेंस फेडरेशन के आह्वान पर नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के कार्यकर्ता सहारनपुर रेलवे स्टेशन परिसर में एकत्रित हुए और रेलवे प्रशासन पर बिना जांच के ही कार्रवाई करने का आरोप लगाया। शाखा सचिव परमजीत सिंह ने कहा कि बिना जांच किए किसी कर्मचारी को बर्खास्त नहीं किया जा सकता। पहले जांच कमेटी बिठाई जाती है तथा कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाता है। उसके बाद जांच में जो भी दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन खतौली की रेल दुर्घटना के मामले में बिना जांच के ही 16 कर्मचारी बाहर कर दिए गए। जिस कारण उनके परिवार पर गंभीर संकट आ गया है। विनीत ने कहा कि रेल अधिकारी जबरदस्ती गैंगमैनों से अपने घरों पर काम करवाते हैं। जिससे ट्रैक पर काम करने वाले गैंगमैनों पर काम का अधिक बोझ रहता है।
अवतार सिंह ने कहा कि सेफ्टी कैटेगरी में रेलवे प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण यात्रियों की जान को खतरा बढ़ गया है, जबकि छोटे कर्मचारियों पर आरोप लगाकर कार्रवाई की जा रही है, जो सरासर गलत है। इस मौके पर कर्मचारियों ने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन करने वालों में इंद्रजीत अनेजा, पंकज कुमार, राजकुमार, अनिल कुमार, फूल सिंह, कृष्ण कुमार, राकेश शर्मा, हरी किशोर, नितिन, सत्येंद्र, राजकिशोर, प्रवीन कुमार, दिलशाद अहमद, अमित कुमार, दिनेश, राजीव कुमार, महेश चंद शामिल रहे।
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ऑल इंडिया मेंस फेडरेशन के आह्वान पर नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के कार्यकर्ता सहारनपुर रेलवे स्टेशन परिसर में एकत्रित हुए और रेलवे प्रशासन पर बिना जांच के ही कार्रवाई करने का आरोप लगाया। शाखा सचिव परमजीत सिंह ने कहा कि बिना जांच किए किसी कर्मचारी को बर्खास्त नहीं किया जा सकता। पहले जांच कमेटी बिठाई जाती है तथा कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाता है। उसके बाद जांच में जो भी दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन खतौली की रेल दुर्घटना के मामले में बिना जांच के ही 16 कर्मचारी बाहर कर दिए गए। जिस कारण उनके परिवार पर गंभीर संकट आ गया है। विनीत ने कहा कि रेल अधिकारी जबरदस्ती गैंगमैनों से अपने घरों पर काम करवाते हैं। जिससे ट्रैक पर काम करने वाले गैंगमैनों पर काम का अधिक बोझ रहता है।
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अवतार सिंह ने कहा कि सेफ्टी कैटेगरी में रेलवे प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण यात्रियों की जान को खतरा बढ़ गया है, जबकि छोटे कर्मचारियों पर आरोप लगाकर कार्रवाई की जा रही है, जो सरासर गलत है। इस मौके पर कर्मचारियों ने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन करने वालों में इंद्रजीत अनेजा, पंकज कुमार, राजकुमार, अनिल कुमार, फूल सिंह, कृष्ण कुमार, राकेश शर्मा, हरी किशोर, नितिन, सत्येंद्र, राजकिशोर, प्रवीन कुमार, दिलशाद अहमद, अमित कुमार, दिनेश, राजीव कुमार, महेश चंद शामिल रहे।
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