{"_id":"6688791884349f09490a0cd7","slug":"56-buses-running-on-the-roads-even-after-expiry-of-their-term-saharanpur-news-c-30-1-sah1001-126841-2024-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: मियाद पूरी होने के बाद भी सड़कों पर दौड़ रहीं 56 बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: मियाद पूरी होने के बाद भी सड़कों पर दौड़ रहीं 56 बसें
विज्ञापन
सहारनपुर। मियाद पूरी होने के बावजूद रोडवेज की 56 बसों का अभी भी संचालन किया जाएगा। परिवहन निगम मुख्यालय को भेजी गई शर्तें पूरी करने वाली बसों की नीलाम कराने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यह बसें मानक दूरी से अधिक चुकी हैं। निगम की ओर से सभी तैयारी कर ली गई थी।
परिवहन निगम सहारनपुर परिक्षेत्र के छह डिपो में 600 से अधिक रोडवेज बसों का बेड़ा है। बीएस-6 बसों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है, ताकि यात्रियों को सफर के दौरान कोई परेशानी नहीं हो। पिछले दिनों ने परिवहन निगम से मुख्यालय ने शर्तें पूरी करने वाली बसों की सूची डिपोवार मांगी थी। यहां से 56 बसों की लिस्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी गई, ताकि इन बसों को नीलाम किए जा सके। इनमें सबसे ज्यादा 34 बसें सहारनपुर-छुटमलपुर डिपो की हैं। परिवहन निगम अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मुख्यालय ने नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगाई है। बसों की स्थिति को देखते हुए उन्हें पांच साल और चलाने के लिए कहा गया है।
यह है मानक
मानक है कि बस 11 लाख किमी चल जाए या फिर दस साल का समय पूरा हो जाए तो वह नीलामी की श्रेणी में आ जाती है। जिले में 56 बसें 11 लाख किमी से अधिक चल चुकी हैं। 11 लाख से अधिक चलने वाली बसों में सफर जोखिम भरा हो सकता है।
विज्ञापन
-- -- -- -
-- किस डिपो की कितनी बसें
सहारनपुर डिपो - 13
छुटमलपुर डिपो - 21
मुजफ्फरनगर डिपो - 17
खतौली डिपो - 05
-- -- -- --
वर्जन
मानक दूरी से अधिक चल चुकी रोडवेज बसों को नीलाम होनी थी, लेकिन फिलहाल मुख्यालय ने नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगाई है। चार डिपो से 56 बसों की सूची बनाकर भेजी थी।
- अक्षय कुमार, सेवा प्रबंधक, परिवहन निगम
विज्ञापन
परिवहन निगम सहारनपुर परिक्षेत्र के छह डिपो में 600 से अधिक रोडवेज बसों का बेड़ा है। बीएस-6 बसों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है, ताकि यात्रियों को सफर के दौरान कोई परेशानी नहीं हो। पिछले दिनों ने परिवहन निगम से मुख्यालय ने शर्तें पूरी करने वाली बसों की सूची डिपोवार मांगी थी। यहां से 56 बसों की लिस्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी गई, ताकि इन बसों को नीलाम किए जा सके। इनमें सबसे ज्यादा 34 बसें सहारनपुर-छुटमलपुर डिपो की हैं। परिवहन निगम अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मुख्यालय ने नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगाई है। बसों की स्थिति को देखते हुए उन्हें पांच साल और चलाने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
यह है मानक
मानक है कि बस 11 लाख किमी चल जाए या फिर दस साल का समय पूरा हो जाए तो वह नीलामी की श्रेणी में आ जाती है। जिले में 56 बसें 11 लाख किमी से अधिक चल चुकी हैं। 11 लाख से अधिक चलने वाली बसों में सफर जोखिम भरा हो सकता है।
विज्ञापन
सहारनपुर डिपो - 13
छुटमलपुर डिपो - 21
मुजफ्फरनगर डिपो - 17
खतौली डिपो - 05
वर्जन
मानक दूरी से अधिक चल चुकी रोडवेज बसों को नीलाम होनी थी, लेकिन फिलहाल मुख्यालय ने नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगाई है। चार डिपो से 56 बसों की सूची बनाकर भेजी थी।
- अक्षय कुमार, सेवा प्रबंधक, परिवहन निगम