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कृत्रिम गर्भाधान से होगी सिर्फ बछिया ही पैदा
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कृत्रिम गर्भाधान की नई तकनीक से होगी सिर्फ बछिया पैदा
सहारनपुर। सड़कों पर आवारा घूमने वाले पशुओं का सही इस्तेमाल और गायों की संख्या बढ़ाने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत कृत्रिम गर्भाधान की नई तकनीक के जरिए गाय से सिर्फ बछिया ही पैदा होगी। सेक्स सोर्टिड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान होगा। इसका सफल परीक्षण हो चुका है। पशु पालन विभाग सेक्स सोर्टिड सीमन पशु पालकों को उपलब्ध कराएगा और इसकी कीमत भी बेहद कम होगी।
गोवंश को लेकर सरकार गंभीर है, जहां एक तरफ गो-संरक्षण केंद्र बना जा रहे हैं, वहीं आवारा पशुओं के सही इस्तेमाल और गायों की संख्या बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। इसके तहत कृत्रिम गर्भाधान की नई तकनीक से गाय से सिर्फ बछिया पैदा होगी। सहारनपुर में भी पशुपालन विभाग इसका ट्रायल कर चुका है। पशु पालन विभाग सेक्स सोर्टिड सीमन की सप्लाई कम होने की वजह से अभी तक पशु पालकों को यह उपलब्ध नहीं करा पा रहा है, लेकिन मार्च माह से पशु पालकों को यह सीमन उपलब्ध कराया जाएगा। इसकी कीमत 1250 रुपये होगी। विभाग का दावा है कि कृत्रिम गर्भाधान की नई तकनीक से पैदा होने वाले बछिया बड़ी होकर अत्यधिक मात्रा में दूध देखी और यह अधिक स्वस्थ होगी।
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तो आवास नहीं घूमेगा गोवंश
सहारनपुर। आवारा घूमने वाले गोवंश पुलिस-प्रशासन के लिए भी समस्या बनता रहा है। इसके लिए गो-संरक्षण केंद्र बना जा रहे हैं। तीतरो में बड़ा गोवंश संरक्षण केंद्र बन रहा और अब शासन के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत स्तर पर गो-संरक्षण केंद्र बनाने के लिए जमीन की तलाश की जाएगी। इसके लिए पशु पालन विभाग ने काम शुरू कर दिया है। अभी तक देखा जाता था कि बछड़ा पैदा होने पर पशु पालक उसे आवारा घूमने के लिए छोड़ देते थे, लेकिन अब कृत्रिम गर्भाधान के जरिए बछिया ही पैदा होगी। ऐसे में आवारा घूमने वाले गोवंश में कमी आएगी, जो सांड़ खुलेआम घूम रहे हैं। उनका प्रयोग कृत्रिम गर्भाधान की नई तकनीक के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विभाग का दावा है कि 492 गायों पर इस योजना का परीक्षण किया। इनमें से 85 फीसदी ने बछिया को ही जन्म दिया है।
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सहारनपुर में भी बनेगा फार्म
सहारनपुर। कृत्रिम गर्भाधान की नई तकनीक के तहत सेक्स सोर्टिड सीमन तैयार करने को सहारनपुर में फार्म बनाया जाएगा। अभी तक हापुड़ के बाबूगढ़ में सेक्स सोर्टिड सीमन तैयार किया जा रहा है, जहां से इसकी पूरी तरह सप्लाई नहीं हो पा रही है। पशु पालन विभाग ने फार्म बनाने के लिए सहारनपुर में जमीन की तलाश शुरू कर दी है।
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बोले अधिकारी...
सहारनपुर। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वाईपी सिंह ने बताया कि कृत्रिम गर्भाधान की नई तकनीक सेक्स सोर्टिड सीमन से बछिया ही पैदा होगी। इसका सफल परीक्षण किया जा चुका है। मार्च माह से पशु पालकों को सीमन उपलब्ध कराया जाएगा। अभी हापुड़ के बाबूगढ़ में फार्म में यह सीमन तैयार कराया जा रहा है। प्राकृतिक पद्धति से एक सांड़ द्वारा एक वर्ष में 60 से 80 पशुओं में ही प्रजनन संभव होता है। प्राकृतिक विधि से प्रजनन कराने के लिए अनेक सांड़ों की आवश्यकता होती है। यह सभी सांड़ उच्च कोटि के नहीं हो सकते। इसलिए इनसे उत्पन्न संतानें उच्च कोटि की नहीं होगी। मगर, उच्च कोटि के एक सांड़ से कृत्रिम गर्भाधान के जरिए दो हजार बछिया तक पैदा हो सकती हैं।
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सहारनपुर। सड़कों पर आवारा घूमने वाले पशुओं का सही इस्तेमाल और गायों की संख्या बढ़ाने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत कृत्रिम गर्भाधान की नई तकनीक के जरिए गाय से सिर्फ बछिया ही पैदा होगी। सेक्स सोर्टिड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान होगा। इसका सफल परीक्षण हो चुका है। पशु पालन विभाग सेक्स सोर्टिड सीमन पशु पालकों को उपलब्ध कराएगा और इसकी कीमत भी बेहद कम होगी।
गोवंश को लेकर सरकार गंभीर है, जहां एक तरफ गो-संरक्षण केंद्र बना जा रहे हैं, वहीं आवारा पशुओं के सही इस्तेमाल और गायों की संख्या बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। इसके तहत कृत्रिम गर्भाधान की नई तकनीक से गाय से सिर्फ बछिया पैदा होगी। सहारनपुर में भी पशुपालन विभाग इसका ट्रायल कर चुका है। पशु पालन विभाग सेक्स सोर्टिड सीमन की सप्लाई कम होने की वजह से अभी तक पशु पालकों को यह उपलब्ध नहीं करा पा रहा है, लेकिन मार्च माह से पशु पालकों को यह सीमन उपलब्ध कराया जाएगा। इसकी कीमत 1250 रुपये होगी। विभाग का दावा है कि कृत्रिम गर्भाधान की नई तकनीक से पैदा होने वाले बछिया बड़ी होकर अत्यधिक मात्रा में दूध देखी और यह अधिक स्वस्थ होगी।
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तो आवास नहीं घूमेगा गोवंश
सहारनपुर। आवारा घूमने वाले गोवंश पुलिस-प्रशासन के लिए भी समस्या बनता रहा है। इसके लिए गो-संरक्षण केंद्र बना जा रहे हैं। तीतरो में बड़ा गोवंश संरक्षण केंद्र बन रहा और अब शासन के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत स्तर पर गो-संरक्षण केंद्र बनाने के लिए जमीन की तलाश की जाएगी। इसके लिए पशु पालन विभाग ने काम शुरू कर दिया है। अभी तक देखा जाता था कि बछड़ा पैदा होने पर पशु पालक उसे आवारा घूमने के लिए छोड़ देते थे, लेकिन अब कृत्रिम गर्भाधान के जरिए बछिया ही पैदा होगी। ऐसे में आवारा घूमने वाले गोवंश में कमी आएगी, जो सांड़ खुलेआम घूम रहे हैं। उनका प्रयोग कृत्रिम गर्भाधान की नई तकनीक के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विभाग का दावा है कि 492 गायों पर इस योजना का परीक्षण किया। इनमें से 85 फीसदी ने बछिया को ही जन्म दिया है।
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सहारनपुर में भी बनेगा फार्म
सहारनपुर। कृत्रिम गर्भाधान की नई तकनीक के तहत सेक्स सोर्टिड सीमन तैयार करने को सहारनपुर में फार्म बनाया जाएगा। अभी तक हापुड़ के बाबूगढ़ में सेक्स सोर्टिड सीमन तैयार किया जा रहा है, जहां से इसकी पूरी तरह सप्लाई नहीं हो पा रही है। पशु पालन विभाग ने फार्म बनाने के लिए सहारनपुर में जमीन की तलाश शुरू कर दी है।
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बोले अधिकारी...
सहारनपुर। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वाईपी सिंह ने बताया कि कृत्रिम गर्भाधान की नई तकनीक सेक्स सोर्टिड सीमन से बछिया ही पैदा होगी। इसका सफल परीक्षण किया जा चुका है। मार्च माह से पशु पालकों को सीमन उपलब्ध कराया जाएगा। अभी हापुड़ के बाबूगढ़ में फार्म में यह सीमन तैयार कराया जा रहा है। प्राकृतिक पद्धति से एक सांड़ द्वारा एक वर्ष में 60 से 80 पशुओं में ही प्रजनन संभव होता है। प्राकृतिक विधि से प्रजनन कराने के लिए अनेक सांड़ों की आवश्यकता होती है। यह सभी सांड़ उच्च कोटि के नहीं हो सकते। इसलिए इनसे उत्पन्न संतानें उच्च कोटि की नहीं होगी। मगर, उच्च कोटि के एक सांड़ से कृत्रिम गर्भाधान के जरिए दो हजार बछिया तक पैदा हो सकती हैं।