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शाकंभरी शुगर मिल चलवाने के लिए मंत्री से मिले किसान

Thu, 27 Sep 2018 12:29 AM IST
Updated Thu, 27 Sep 2018 12:29 AM IST
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शाकंभरी शुगर मिल चलवाने के लिए मंत्री से मिले किसान
बेहट (सहारनपुर)। चार सालों से बंद पड़ी शाकंभरी शुगर मिल टोड़रपुर को चालू कराने की मांग को लेकर क्षेत्रीय गन्ना किसानों का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को लखनऊ में गन्ना मंत्री एवं गन्ना आयुक्त से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य गन्ना मंत्री को ज्ञापन देकर मिल को चालू सत्र से चलवाए जाने की मांग रखी, जिस पर गन्ना मंत्री एवं गन्ना आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि या तो मिल चलेगी या फिर उसका विक्रय अथवा अधिग्रहण किया जाएगा।
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बता दें कि चार साल पहले शाकंभरी शुगर मिल टोड़रपुर को बीमार घोषित कर बंद कर दिया गया था, जिससे मिल से जुड़े 311 गांवों के लगभग 35 हजार गन्ना किसानों को झटका लगा था। मिल के बंद होने के बाद से क्षेत्रीय गन्ना किसान आर्थिक परेशानी से जूझ रहे है। 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की पैदावार करने वाले किसानों के अलावा मिल में कार्यरत हजारों मिल कर्मचारियों के चूल्हे भी ठंड़े हो गए। चार साल से गन्ना किसान एवं मिलकर्मी मिल को चालू किए जाने की मांग को आंदोलनरत है। कई बार मिल गेट पर किसान महापंचायत कर चुके हैं। बुधवार को क्षेत्रीय गन्ना किसानों का प्रतिनिधि मंडल दोपहर दो बजे लखनऊ में राज्य मंत्री सुरेश राणा एवं गन्ना आयुक्त संजय आर बुशरेड्डी से मिला। प्रतिनिधिमंडल में शामिल बेहट गन्ना विकास समिति के चेयरमैन सुधीर राणा, एडवोकेट ओमी पंवार, पूर्व चेयरमैन ठाकुर जसवीर सिंह, चौधरी ताहिर हसन, चिलकाना नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष चांद मियां, योगेश शर्मा, सतीश शर्मा, पवन राणा जीवाला, अब्दुल वहीद, चौधरी हाशिम आदि ने उन्हें ज्ञापन देकर मांग की कि मिल को चालू सत्र से चलावाया जाए, ताकि 80 लाख कुंतल गन्ने की पैदावार करने वाले क्षेत्रीय गन्ना किसानों को लाभ मिल सके। इस बार भी गन्ना किसानों ने 70 प्रतिशत अगेती प्रजाति के गन्ने की पैदावार की है। इस पर राज्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मिल को चालू कराने के लिए मिल मालिक से वार्ता की जाएगी। यदि मिल मालिक द्वारा मिल चलाने में असमर्थता जताई जाती है, तो मिल को बिकवाने की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा। यदि दोनों ही ऑप्शन नहीं चल पाते है, तो सरकार द्वारा मिल को अधिग्रहण कराए जाने की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा।
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