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कोटेदारों पर कार्रवाई के विरोध में वितरित नहीं करेंगे खाद्यान्न
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:05 AM IST
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सहारनपुर। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन ने कोटेदारों पर कार्रवाई के विरोध और दूसरी मांगों के समर्थन में प्रदेश व्यापी हड़ताल की घोषणा की है। इसके चलते कोटेदारों द्वारा पांच सितंबर से आरंभ होने वाला खाद्यान्न वितरण नहीं किया जाएगा।
संगठन के जिलाध्यक्ष चौधरी जसबीर ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ललित सिंह द्वारा खाद्य एवं रसद आयुक्त लखनऊ को पत्र लिखकर हड़ताल के निर्णय से अवगत करा दिया है। जिला कार्यकारिणी द्वारा भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन प्रेषित किया गया था, जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी के चलते हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कुछ कोटेदारों द्वारा की गई अनियमितता पर विभिन्न जिलों में अलग-अलग मापदंडों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। इलाहाबाद जिले में आरोपी विक्रेताओं से गड़बड़ी किए गए खाद्यान्न की रिकवरी की गई है, जबकि कुछ अन्य जिलों में विक्रेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों में भी खाद्यान्न की गड़बड़ी में केवल खाद्यान्न की रिकवरी अर्थदंड के रूप में किए जाने की व्यवस्था दी गई है। जसबीर जेहरा ने बताया कि इसके अलावा कोटेदारों की दो सौ रुपये प्रति क्विंटल कमीशन या तीस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय सहित अन्य मांगों पर भी अभी तक कोई निर्णय सरकार द्वारा नहीं लिया गया है।
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संगठन के जिलाध्यक्ष चौधरी जसबीर ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ललित सिंह द्वारा खाद्य एवं रसद आयुक्त लखनऊ को पत्र लिखकर हड़ताल के निर्णय से अवगत करा दिया है। जिला कार्यकारिणी द्वारा भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन प्रेषित किया गया था, जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी के चलते हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कुछ कोटेदारों द्वारा की गई अनियमितता पर विभिन्न जिलों में अलग-अलग मापदंडों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। इलाहाबाद जिले में आरोपी विक्रेताओं से गड़बड़ी किए गए खाद्यान्न की रिकवरी की गई है, जबकि कुछ अन्य जिलों में विक्रेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों में भी खाद्यान्न की गड़बड़ी में केवल खाद्यान्न की रिकवरी अर्थदंड के रूप में किए जाने की व्यवस्था दी गई है। जसबीर जेहरा ने बताया कि इसके अलावा कोटेदारों की दो सौ रुपये प्रति क्विंटल कमीशन या तीस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय सहित अन्य मांगों पर भी अभी तक कोई निर्णय सरकार द्वारा नहीं लिया गया है।
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