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नगर स्वास्थ्य अधिकारी का वेतन रोकने की तैयारी
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:01 AM IST
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सहारनपुर। नगर निगम में दो नगर स्वास्थ्य अधिकारी तैनात हैं। ऐसी स्थिति में चिकित्सा विभाग दो में से किसी एक नगर स्वास्थ्य अधिकारी का वेतन रोकने की तैयारी में है। इस संबंध में सीएमओ के द्वारा नगर निगम से संपर्क किया गया है, जिसमें एक नगर स्वास्थ्य अधिकारी का वेतन नगर निगम से देने की बात कही गई है।
नगर निगम में डॉ. गीताराम नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर तैनात थे। उन्हें करीब तीन महीने पहले हटा कर दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया था। उनकी जगह पूर्व में नगर स्वास्थ्य अधिकारी रह चुके डॉ. एके त्रिपाठी को पुन: लाया गया था। अपने स्थानांतरण को गलत ठहराते हुए डॉ. गीताराम कोर्ट चले गए थे, जहां से वह अपने स्थानांतरण पर स्टे ले आए थे। कोर्ट से स्टे होने की वजह से नगर निगम को उन्हें नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर पुन: तैनात करना पड़ा। पिछले करीब तीन महीने से नगर निगम में दो स्वास्थ्य अधिकारी काम कर रहे हैं, जिनमें डॉ. एके त्रिपाठी नगर स्वास्थ्य अधिकारी प्रथम और डॉ. गीताराम नगर स्वास्थ्य अधिकारी द्वितीय के तौर पर तैनात हैं। चिकित्सा विभाग ने दो नगर स्वास्थ्य अधिकारियों पर आपत्ति जताई है। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग के पास पहले ही चिकित्सकों की भारी कमी है। ऐसे हालात में नगर निगम में दो चिकित्सकों की तैनाती ठीक नहीं है। यदि दो नगर स्वास्थ्य अधिकारी ही रखने हैं तो एक का वेतन नगर निगम अपने खाते से दे। इस संबंध में सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी की ओर से नगरायुक्त से संपर्क किया गया है।
नगर निगम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर दो चिकित्सक तैनात हैं। चिकित्सा विभाग दूसरे चिकित्सक का वेतन का बोझ क्यों उठाए। इस संबंध में कार्यवाही चल रही है। नगरायुक्त से बात हुई है। या तो दोनों में से एक चिकित्सक को वापस आना होगा या फिर एक चिकित्सक का वेतन नगर निगम को खुद देना होगा।
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- डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ।
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नगर निगम में डॉ. गीताराम नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर तैनात थे। उन्हें करीब तीन महीने पहले हटा कर दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया था। उनकी जगह पूर्व में नगर स्वास्थ्य अधिकारी रह चुके डॉ. एके त्रिपाठी को पुन: लाया गया था। अपने स्थानांतरण को गलत ठहराते हुए डॉ. गीताराम कोर्ट चले गए थे, जहां से वह अपने स्थानांतरण पर स्टे ले आए थे। कोर्ट से स्टे होने की वजह से नगर निगम को उन्हें नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर पुन: तैनात करना पड़ा। पिछले करीब तीन महीने से नगर निगम में दो स्वास्थ्य अधिकारी काम कर रहे हैं, जिनमें डॉ. एके त्रिपाठी नगर स्वास्थ्य अधिकारी प्रथम और डॉ. गीताराम नगर स्वास्थ्य अधिकारी द्वितीय के तौर पर तैनात हैं। चिकित्सा विभाग ने दो नगर स्वास्थ्य अधिकारियों पर आपत्ति जताई है। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग के पास पहले ही चिकित्सकों की भारी कमी है। ऐसे हालात में नगर निगम में दो चिकित्सकों की तैनाती ठीक नहीं है। यदि दो नगर स्वास्थ्य अधिकारी ही रखने हैं तो एक का वेतन नगर निगम अपने खाते से दे। इस संबंध में सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी की ओर से नगरायुक्त से संपर्क किया गया है।
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नगर निगम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर दो चिकित्सक तैनात हैं। चिकित्सा विभाग दूसरे चिकित्सक का वेतन का बोझ क्यों उठाए। इस संबंध में कार्यवाही चल रही है। नगरायुक्त से बात हुई है। या तो दोनों में से एक चिकित्सक को वापस आना होगा या फिर एक चिकित्सक का वेतन नगर निगम को खुद देना होगा।
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- डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ।