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20 हजार की आबादी पेयजल को तरसी
Updated Fri, 08 Jun 2018 12:40 AM IST
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लखनौती (सहारनपुर)। तीन वर्ष पूर्व गांव लखनौती में करोड़ों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी शोपीस बनकर रह गई है। भीषण गर्मी और रजमान के चलते करीब 20 हजार की आबादी शुद्ध पेयजल को तरस रही है। ग्रामीण नलकूपों का पीला और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
गंगोह ब्लाक के गांव लखनौती में मुस्तकम ग्राम पेयजल योजना के तहत करीब तीन करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2015 में पानी की टंकी का निर्माण किया गया था। इससे लखनौती के अलावा चमनपुरा, गुरूनानकपुरा, पनाहपुर, हरनामगढ़, भगवानपुर आदि मजरे जुडे़ हैं। पूर्व ग्राम पंचायत सदस्य मुकेश, बाबूराम, विनोद, लालू खान, जनेश्वर प्रसाद, अमित कुमार, मुस्तफा, रमेश, कालूराम, वाहिद, सलमान आदि ग्रामीणों का कहना है कि जब से टंकी लगी है एक या दो बार ही इसका पानी घरों तक पहुंचा है। जब भी टंकी चलती है तो सड़कों में दबी पाइप लाइन फट जाती है। इससे नालियों का गंदा पानी पाइपों के माध्यम से घरों में पहुंचता है। ग्रामीण शुद्ध पेयजल को तरस रहे हैं। भीषण गर्मी और रमजान के महीने में नलकूपों से पीला और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। पाइप फटने से गांवों की सड़कें भी खराब हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार और अन्य अधिकारियों ने मानकों के अनुरूप टंकी का निर्माण नहीं कराया और करोड़ों रुपयों का घोटाला किया है। ग्रामीणों ने रविवार को प्रदर्शन कर टंकी का चालू कराकर शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की मांग की। उधर, अधिशासी अभियंता दीपक सिंह का कहना है कि टंकी ग्राम पंचायत को हैंडओवर की जा चुकी है।
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गंगोह ब्लाक के गांव लखनौती में मुस्तकम ग्राम पेयजल योजना के तहत करीब तीन करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2015 में पानी की टंकी का निर्माण किया गया था। इससे लखनौती के अलावा चमनपुरा, गुरूनानकपुरा, पनाहपुर, हरनामगढ़, भगवानपुर आदि मजरे जुडे़ हैं। पूर्व ग्राम पंचायत सदस्य मुकेश, बाबूराम, विनोद, लालू खान, जनेश्वर प्रसाद, अमित कुमार, मुस्तफा, रमेश, कालूराम, वाहिद, सलमान आदि ग्रामीणों का कहना है कि जब से टंकी लगी है एक या दो बार ही इसका पानी घरों तक पहुंचा है। जब भी टंकी चलती है तो सड़कों में दबी पाइप लाइन फट जाती है। इससे नालियों का गंदा पानी पाइपों के माध्यम से घरों में पहुंचता है। ग्रामीण शुद्ध पेयजल को तरस रहे हैं। भीषण गर्मी और रमजान के महीने में नलकूपों से पीला और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। पाइप फटने से गांवों की सड़कें भी खराब हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार और अन्य अधिकारियों ने मानकों के अनुरूप टंकी का निर्माण नहीं कराया और करोड़ों रुपयों का घोटाला किया है। ग्रामीणों ने रविवार को प्रदर्शन कर टंकी का चालू कराकर शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की मांग की। उधर, अधिशासी अभियंता दीपक सिंह का कहना है कि टंकी ग्राम पंचायत को हैंडओवर की जा चुकी है।
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