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जिला अस्पताल से बिना इलाज लौट रहे टीबी के मरीज
Updated Thu, 03 May 2018 12:05 AM IST
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सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल स्थित टीबी सेनेटोरियम से प्रतिदिन सौ से अधिक मरीज बिना इलाज के ही लौट रहे हैं, जिसे लेकर तीमारदारों में नाराजगी है। इलाज न मिलने की मुख्य वजह पर्याप्त बेड और चिकित्सक न होना है। दो चिकित्सकों के बाहर होने की वजह से सारा काम एक ही चिकित्सक पर आ गया है, जिसकी वजह से अव्यवस्था बन रही है।
टीबी सेनेटोरियम में प्रतिदिन 150 से 200 नए मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। जिनका बाकायदा रजिस्ट्रेशन होता है। मरीजों को देखने के लिए तीन चिकित्सक कार्यरत हैं, मगर पिछले करीब एक सप्ताह से एक ही चिकित्सक के भरोसे टीबी सेनेटोरियम चल रहा है। इसकी वजह से प्रतिदिन सौ से अधिक मरीज बिना इलाज के लौट रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि डॉ. टंडन की आंख का ऑपरेशन हुआ है, जिसकी वजह से वह अवकाश पर चल रहे हैं, जबकि दूसरे चिकित्सक डॉ. अमित श्रीवास्तव बाहर मीटिंग में गए हुए हैं। ऐसे में डॉ. विनोद वर्मा पर पर पूरा काम आ गया है। जिसकी वजह से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। तीमारदार अरविंद कुमार और मनीष का आरोप है कि तीन दिन पहले मरीजों की अधिक संख्या होने की वजह से स्टाफ ने मरीजों को बाहर निकाल दिया। इसे लेकर तीमारदारों में नाराजगी है। उधर, डॉ. विनोद वर्मा का कहना है कि मरीजों की इलाज में वह अपनी शत प्रतिशत सेवा दे रहे हैं।
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मात्र 40 बेड की व्यवस्था
टीबी सेनेटोरियम में दो वार्ड बने हैं, जिनमें से साउथ वार्ड टीबी के सामान्य मरीजों के लिए है। इसमें मात्र 40 बेड लगे हैं, जबकि टीबी सेनेटोरियम में प्रतिदिन 200 तक नए मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में ऐसे मरीज होते हैं, जिनको भर्ती करने की स्थिति होती है। मगर चूंकि बेड पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को लौटा दिया जाता है।
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एमडीआर के लिए नया वार्ड बनाया
टीबी सेनेटोरियम में नया वार्ड बनाया गया है, जो टीबी के गंभीर एमडीआर मरीजों के लिए बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि वार्ड में बेड आदि की व्यवस्था कर दी गई है। कुछ उपकरण आने बाकी हैं। संभवत: दस दिन के भीतर इस वार्ड को चालू कर दिया जाएगा। जिसके बाद एमडीआर मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
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हमारे दो चिकित्सक अलग-अलग कारणों से अपनी सेवा नहीं दे पा रहे हैं। रही बात मरीजों को इलाज न मिलने की तो यह बात बेबुनियाद है। जिन मरीजों को भर्ती करना जरूरी होता है उन्हें भर्ती किया जा रहा है। चिकित्सकों की कमी को देखते हुए हमने देवबंद से एक चिकित्सक को बुलाया गया है, जिससे ओपीडी चलती रहे। जल्द ही दोनों चिकित्सक लौट आएंगे, जिसके बाद स्थिति सामान्य होगी।
डॉ. राजेश जैन, जिला क्षय रोग अधिकारी।
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टीबी सेनेटोरियम में प्रतिदिन 150 से 200 नए मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। जिनका बाकायदा रजिस्ट्रेशन होता है। मरीजों को देखने के लिए तीन चिकित्सक कार्यरत हैं, मगर पिछले करीब एक सप्ताह से एक ही चिकित्सक के भरोसे टीबी सेनेटोरियम चल रहा है। इसकी वजह से प्रतिदिन सौ से अधिक मरीज बिना इलाज के लौट रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि डॉ. टंडन की आंख का ऑपरेशन हुआ है, जिसकी वजह से वह अवकाश पर चल रहे हैं, जबकि दूसरे चिकित्सक डॉ. अमित श्रीवास्तव बाहर मीटिंग में गए हुए हैं। ऐसे में डॉ. विनोद वर्मा पर पर पूरा काम आ गया है। जिसकी वजह से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। तीमारदार अरविंद कुमार और मनीष का आरोप है कि तीन दिन पहले मरीजों की अधिक संख्या होने की वजह से स्टाफ ने मरीजों को बाहर निकाल दिया। इसे लेकर तीमारदारों में नाराजगी है। उधर, डॉ. विनोद वर्मा का कहना है कि मरीजों की इलाज में वह अपनी शत प्रतिशत सेवा दे रहे हैं।
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मात्र 40 बेड की व्यवस्था
टीबी सेनेटोरियम में दो वार्ड बने हैं, जिनमें से साउथ वार्ड टीबी के सामान्य मरीजों के लिए है। इसमें मात्र 40 बेड लगे हैं, जबकि टीबी सेनेटोरियम में प्रतिदिन 200 तक नए मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में ऐसे मरीज होते हैं, जिनको भर्ती करने की स्थिति होती है। मगर चूंकि बेड पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को लौटा दिया जाता है।
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एमडीआर के लिए नया वार्ड बनाया
टीबी सेनेटोरियम में नया वार्ड बनाया गया है, जो टीबी के गंभीर एमडीआर मरीजों के लिए बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि वार्ड में बेड आदि की व्यवस्था कर दी गई है। कुछ उपकरण आने बाकी हैं। संभवत: दस दिन के भीतर इस वार्ड को चालू कर दिया जाएगा। जिसके बाद एमडीआर मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
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हमारे दो चिकित्सक अलग-अलग कारणों से अपनी सेवा नहीं दे पा रहे हैं। रही बात मरीजों को इलाज न मिलने की तो यह बात बेबुनियाद है। जिन मरीजों को भर्ती करना जरूरी होता है उन्हें भर्ती किया जा रहा है। चिकित्सकों की कमी को देखते हुए हमने देवबंद से एक चिकित्सक को बुलाया गया है, जिससे ओपीडी चलती रहे। जल्द ही दोनों चिकित्सक लौट आएंगे, जिसके बाद स्थिति सामान्य होगी।
डॉ. राजेश जैन, जिला क्षय रोग अधिकारी।