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रोकुंगा मैं किस तरह, आंसू सारी रात

Mon, 09 Apr 2018 01:05 AM IST
Updated Mon, 09 Apr 2018 01:05 AM IST
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रोकुंगा मैं किस तरह, आंसू सारी रात
सहारनपुर। साहित्यिक संस्था ‘समन्वय’ की ओर से जयपुर से आए साहित्यकार और कवि बनज कुमार बनज के सम्मान में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।
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प्रद्युमन नगर स्थित कलानिधि सभागार में आयोजित गोष्ठी में सबसे पहले संस्था अध्यक्ष डॉ. ओपी गौड़ ने बनज को माल्यार्पण कर, श्रीफल, स्मृति चिह्न देकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर बनज ने अपने दोहों और गीतों से आयोजन को सार्थकता प्रदान की। उन्होंने अपने दोहों की शुरूआत तरह तरह के यात्री, एक सफर में साथ, स्टेशन सब के अलग, जो कुदरत के हाथ से की। इसके बाद उन्होंने तुमने तो बस कह दिया, कलकरना अब बात, रोकूंगा मैं किस तरह, आंसू सारी रात सुनाकर वाहवाही लटी। गीतकार राजेंद्र राजन के गीतों और ग़जलों ने काव्य गोष्ठी को शिखर तक पहुंचा दिया। राजन ने समझ में एक जरा सी बात भी मुश्किल से आती है, लतीफ़ों पर भी अब खुलकर हंसी मुश्किल से आती है सुनाया। इस मौके पर हरिराम पथिक, जयप्रकाश शर्मा, शिवराज राजू, डॉ. वीरेंद्र आजम, डॉ. विजेंद्र पाल शर्मा, मंजरी मनोज और मोहित संगम ने भी काव्यपाठ किया। संचालन संस्था सचिव डॉ. आरपी सारस्वत ने किया। गोष्ठी में नित्यानंद जोशी, अजय त्यागी, वीणा सारस्वत, दीपा सैनी आदि मौजूद रहीं।
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