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हिम्मत है तो गन्ने के भाव को लेकर बोलें अखिलेश, मैं भी सराहना करूंगा : जयंत
Fri, 04 Sep 2026 01:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 04 Sep 2026 01:03 AM IST
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संशोधित- रामपुर मनिहारन स्थित गोचर कृषि इंटर कॉलेज में आयोजित स्वाभिमान रैली में मंच पर उप
सहारनपुर। रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि गन्ने का भाव विपक्ष के एजेंडे में नहीं है। हम भी चाहते हैं कि गन्ने के रेट को लेकर अखिलेश यादव दो-चार बार सोच समझकर बोल दें, अगर हिम्मत है तो बोल दें। किसानों के लिए कोई अच्छी मांग करें। मैं भी सराहना करूंगा। ऐसे वक्त में चीनी का भाव को लेकर हाय-हाय और एथेनॉल का विरोध कर रहे हैं। शायद उन्हें रसगुल्ला दिखाई दे रहा है। मेरा, किसान और किसानी का विरोध करते-करते समाजवादी लोग अब चौधरी अजित सिंह की विचारधारा का भी विरोध करने लगे हैं। कहा कि वह गन्ने के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं को पत्र लिखेंगे और यदि वे तैयार हुए तो लखनऊ रसगुल्ले का पैकेट भी भेजेंगे।
जयंत चौधरी बृहस्पतिवार को रामपुर मनिहारान में गोचर कृषि इंटर कॉलेज प्रबंधन समिति द्वारा आयोजित स्वाभिमान रैली को संबोधित कर रहे थे। कहा कि विपक्ष में रहते हुए कई ऐसी बातें कही जाती हैं, जिनसे चार अतिरिक्त वोट मिल जाएं, लेकिन गन्ने के मुद्दे पर बात करने के लिए विपक्ष तैयार नहीं है। गन्ना, मक्का और धान से एथेनॉल बनने से किसानों को अतिरिक्त बाजार मिलता है और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता मजबूत होती है। चौधरी अजित सिंह ने भी अपने राजनीतिक जीवन में एथेनॉल के पक्ष को मजबूती से उठाया था। रैली में चौधरी चरण सिंह की विरासत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।
जयंत ने कहा कि चौधरी चरण सिंह का परिवार कोई एक परिवार नहीं, बल्कि किसान समाज है। पाल, यादव, गुर्जर और जाट समेत तमाम किसान समुदाय उनकी विरासत का हिस्सा हैं। अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव के चलते वातावरण गरमा रहा है। शत्रु व विरोधियों की जुबान से लोकदल का नाम नहीं हट पा रहा है। समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा। इस बार विधानसभा चुनाव में जब 400 सीट पार होंगी तो गन्ने का दाम भी 400 के पार पहुंचेगा। जयंत ने पीडीए पर भी तंज कसते हुए कहा कि पीडीए में सब चीज का नाम बदल जाता है। पीडीए वालों को पीडीए की फुल फॉर्म का ही पता नहीं है। पीडीए ही उनकी पीड़ा है। उन्होंने गोचर कृषि इंटर कॉलेज में मिनी खेल स्टेडियम बनवाने की भी घोषणा की। जयंत चौधरी के साथ उनकी पत्नी चारू चौधरी और बेटी साहिरा चौधरी भी पहुंचीं थीं।
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जयंत चौधरी बृहस्पतिवार को रामपुर मनिहारान में गोचर कृषि इंटर कॉलेज प्रबंधन समिति द्वारा आयोजित स्वाभिमान रैली को संबोधित कर रहे थे। कहा कि विपक्ष में रहते हुए कई ऐसी बातें कही जाती हैं, जिनसे चार अतिरिक्त वोट मिल जाएं, लेकिन गन्ने के मुद्दे पर बात करने के लिए विपक्ष तैयार नहीं है। गन्ना, मक्का और धान से एथेनॉल बनने से किसानों को अतिरिक्त बाजार मिलता है और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता मजबूत होती है। चौधरी अजित सिंह ने भी अपने राजनीतिक जीवन में एथेनॉल के पक्ष को मजबूती से उठाया था। रैली में चौधरी चरण सिंह की विरासत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।
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जयंत ने कहा कि चौधरी चरण सिंह का परिवार कोई एक परिवार नहीं, बल्कि किसान समाज है। पाल, यादव, गुर्जर और जाट समेत तमाम किसान समुदाय उनकी विरासत का हिस्सा हैं। अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव के चलते वातावरण गरमा रहा है। शत्रु व विरोधियों की जुबान से लोकदल का नाम नहीं हट पा रहा है। समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा। इस बार विधानसभा चुनाव में जब 400 सीट पार होंगी तो गन्ने का दाम भी 400 के पार पहुंचेगा। जयंत ने पीडीए पर भी तंज कसते हुए कहा कि पीडीए में सब चीज का नाम बदल जाता है। पीडीए वालों को पीडीए की फुल फॉर्म का ही पता नहीं है। पीडीए ही उनकी पीड़ा है। उन्होंने गोचर कृषि इंटर कॉलेज में मिनी खेल स्टेडियम बनवाने की भी घोषणा की। जयंत चौधरी के साथ उनकी पत्नी चारू चौधरी और बेटी साहिरा चौधरी भी पहुंचीं थीं।
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