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दिवालहेड़ी गांव में कुर्क जमीन प्रशासन ने नीलाम कराई
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:29 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। तहसील का बकाया लाखों रुपये जमा न करने पर दिवालहेड़ी गांव में कुर्क की गई जमीन के आधे भाग की शुक्रवार को नीलामी कराई गई। सरकारी बोली 8.78 लाख रुपये के मुकाबले 5.12 लाख रुपये अधिक में उक्त जमीन की नीलामी संपन्न हुई।
जिलाधिकारी पीके पांडेय के आदेश पर तहसीलदार परमानंद झा ने नीलामी की प्रक्रिया आरंभ कराई। नीलामी प्रक्रिया में ग्रामीण राजकृष्ण, अरविंद कुमार व अनुज कुमार ने भाग लिया। खसरा नंबर 322 में दर्ज 1 बीघा 22 बिस्से (पक्की) जमीन के आधे भाग को नीलाम किया गया। तहसीलदार ने बताया कि उक्त जमीन बिजेंद्र पुत्र नारायण के नाम थी। जिस पर 8.80 लाख रुपये का राजस्व बकाया था। लेकिन, बाकीदार ने उक्त रकम जमा नहीं कराई। जिस पर उक्त जमीन को 30 सितंबर 2014 में कुर्क कर लिया गया था। नीलामी प्रक्रिया सरकारी बोली 8.78 लाख रुपये से आरंभ हुई। तीनों बोलीकारों ने बारी-बारी से नीलामी प्रक्रिया को पूरा करना आरंभ किया। लेकिन, अनुज कुमार पुत्र पृथ्वी सिंह ने 13.60 लाख रुपये में अंतिम बोली लगाई। जिसके जवाब में अरविंद कुमार ने भी अंतिम बोली 14 लाख रुपये में लगाकर उक्त जमीन पर अपना दावा जता दिया। इसके बाद किसी ने बोली नहीं लगाई। तहसीलदार ने बताया कि उक्त रकम का चौथाई भाग बोलीकार अरविंद कुमार से मौके पर ही जमा करवा लिया गया। इसे सरकारी खजाने में जमा करा दिया गया है।
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जिलाधिकारी पीके पांडेय के आदेश पर तहसीलदार परमानंद झा ने नीलामी की प्रक्रिया आरंभ कराई। नीलामी प्रक्रिया में ग्रामीण राजकृष्ण, अरविंद कुमार व अनुज कुमार ने भाग लिया। खसरा नंबर 322 में दर्ज 1 बीघा 22 बिस्से (पक्की) जमीन के आधे भाग को नीलाम किया गया। तहसीलदार ने बताया कि उक्त जमीन बिजेंद्र पुत्र नारायण के नाम थी। जिस पर 8.80 लाख रुपये का राजस्व बकाया था। लेकिन, बाकीदार ने उक्त रकम जमा नहीं कराई। जिस पर उक्त जमीन को 30 सितंबर 2014 में कुर्क कर लिया गया था। नीलामी प्रक्रिया सरकारी बोली 8.78 लाख रुपये से आरंभ हुई। तीनों बोलीकारों ने बारी-बारी से नीलामी प्रक्रिया को पूरा करना आरंभ किया। लेकिन, अनुज कुमार पुत्र पृथ्वी सिंह ने 13.60 लाख रुपये में अंतिम बोली लगाई। जिसके जवाब में अरविंद कुमार ने भी अंतिम बोली 14 लाख रुपये में लगाकर उक्त जमीन पर अपना दावा जता दिया। इसके बाद किसी ने बोली नहीं लगाई। तहसीलदार ने बताया कि उक्त रकम का चौथाई भाग बोलीकार अरविंद कुमार से मौके पर ही जमा करवा लिया गया। इसे सरकारी खजाने में जमा करा दिया गया है।
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