{"_id":"5a42ab2d4f1c1b3c3d8c02c5","slug":"51514318637-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीजी और एलएलबी के 163 विद्यार्थियों को परीक्षा से रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीजी और एलएलबी के 163 विद्यार्थियों को परीक्षा से रोका
Updated Wed, 27 Dec 2017 01:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। जेवी जैन कॉलेज प्रशासन ने कम उपस्थिति की वजह से परीक्षाओं से बाहर किए गए 163 विद्यार्थियों की एक और लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में विधि विभाग के साथ ही पीजी के विद्यार्थियों की संख्या 100 से अधिक है। कॉलेज की कार्रवाई से संबंधित विद्यार्थियों में हड़कंप मचा है, जो अब कॉलेज के चक्कर लगा रहे हैं।
परीक्षाओं में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों की कक्षाओं में उपस्थिति कम से कम 75 फीसदी होना अनिवार्य है। कॉलेज ने करीब दो महीने पहले एलएलबी के 104 ऐसे विद्यार्थियों की सूची जारी की थी। इनकी उपस्थिति पूरी नहीं थी। कॉलेज ने इनको परीक्षाओं में शामिल न करने का निर्णय लिया था। ये विद्यार्थी तब से आंदोलन की राह पर हैं। विश्वविद्यालय ने भी उक्त विद्यार्थियों के संबंध में जांच शुरू की है। जांच कमेटी करीब 15 दिन पहले कॉलेज आकर लौटी थी। जांच के बाद विश्वविद्यालय का फैसला अभी तक नहीं आ सका है। इसी बीच कॉलेज प्रशासन ने मंगलवार को 163 विद्यार्थियों की एक ओर सूची जारी की है, जिनको परीक्षा से रोक दिया गया है। इनमें 116 विद्यार्थी एमए, एमएससी और एमकॉम के हैं, जबकि 47 विद्यार्थी लॉ विभाग के यानी एलएलबी के हैं। दूसरी सूची ने संबंधित विद्यार्थियों में हड़कंप मचा दिया है।
इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को रोका
परीक्षा से रोके गए विद्यार्थियों में एमए, एमएससी और एमकॉम के प्रथम और तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थी शामिल हैं। इनके अलावा एलएलबी के प्रथम, तृतीय और पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को रोका गया है। यानी अभी तक जितने भी विद्यार्थी रोके गए हैं वह एलएलबी और पीजी के हैं। चर्चा है कि अगली सूची बीएससी, बीकॉम, बीए या अन्य कक्षाओं की जारी होगी।
विज्ञापन
कम उपस्थिति के कारण पीजी और एलएलबी के 163 विद्यार्थी अगली परीक्षाओं में शामिल नहीं हो सकेंगे। यह विश्वविद्यालय का नियम है, जिसमें कॉलेज अपने स्तर से कुछ नहीं कर सकता है। यदि संबंधित विद्यार्थियों को कोई आपत्ति है तो वह विश्वविद्यालय से संपर्क करें।
डॉ. एके जैन, कार्यवाहक प्राचार्य।
विज्ञापन
परीक्षाओं में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों की कक्षाओं में उपस्थिति कम से कम 75 फीसदी होना अनिवार्य है। कॉलेज ने करीब दो महीने पहले एलएलबी के 104 ऐसे विद्यार्थियों की सूची जारी की थी। इनकी उपस्थिति पूरी नहीं थी। कॉलेज ने इनको परीक्षाओं में शामिल न करने का निर्णय लिया था। ये विद्यार्थी तब से आंदोलन की राह पर हैं। विश्वविद्यालय ने भी उक्त विद्यार्थियों के संबंध में जांच शुरू की है। जांच कमेटी करीब 15 दिन पहले कॉलेज आकर लौटी थी। जांच के बाद विश्वविद्यालय का फैसला अभी तक नहीं आ सका है। इसी बीच कॉलेज प्रशासन ने मंगलवार को 163 विद्यार्थियों की एक ओर सूची जारी की है, जिनको परीक्षा से रोक दिया गया है। इनमें 116 विद्यार्थी एमए, एमएससी और एमकॉम के हैं, जबकि 47 विद्यार्थी लॉ विभाग के यानी एलएलबी के हैं। दूसरी सूची ने संबंधित विद्यार्थियों में हड़कंप मचा दिया है।
विज्ञापन
इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को रोका
परीक्षा से रोके गए विद्यार्थियों में एमए, एमएससी और एमकॉम के प्रथम और तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थी शामिल हैं। इनके अलावा एलएलबी के प्रथम, तृतीय और पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को रोका गया है। यानी अभी तक जितने भी विद्यार्थी रोके गए हैं वह एलएलबी और पीजी के हैं। चर्चा है कि अगली सूची बीएससी, बीकॉम, बीए या अन्य कक्षाओं की जारी होगी।
विज्ञापन
कम उपस्थिति के कारण पीजी और एलएलबी के 163 विद्यार्थी अगली परीक्षाओं में शामिल नहीं हो सकेंगे। यह विश्वविद्यालय का नियम है, जिसमें कॉलेज अपने स्तर से कुछ नहीं कर सकता है। यदि संबंधित विद्यार्थियों को कोई आपत्ति है तो वह विश्वविद्यालय से संपर्क करें।
डॉ. एके जैन, कार्यवाहक प्राचार्य।