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सिंचाई विभाग की 450 बीघा भूमि कब्जा मुक्त कराई

Sun, 16 Feb 2020 12:39 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2020 12:39 AM IST
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450 bighas of land of Irrigation Department freed
सहारनपुर के दतौली रांगड में भूमि मुक्त कराते प्रशासन की टीम - फोटो : SAHARANPUR
सिंचाई विभाग की 450 बीघा भूमि कब्जा मुक्त कराई
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सहारनपुर। सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। अभियान के तहत सिंचाई विभाग की करीब 450 बीघा भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया है। जिसकी कीमत 28 करोड़ के करीब आंकी गई है। अब कब्जा मुक्त जमीन पर गाजियाबाद की तर्ज पर सिटी फारेस्ट के रूप में विकसित करने की योजना है।
एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम ग्राम दतौली रांघड़ के खसरा संख्या 454, ग्राम नजीबपुरा के खसरा संख्या 57, ग्राम सुल्तानपुर के खसरा संख्या 110, 120 व 124 में सिंचाई विभाग की लगभग 450 बीघा भूमि है। यह भूमि ग्राम सुल्तानपुर के इंद्रजीत, पलटू, सतपाल, धर्मपाल, नाथीराम, राजकुमार, विजयपाल, अतर सिंह, अमन, सुरेश, त्रिलोकचंद व गुलाब आदि को पट्टे पर दी गई थी। इन पट्टों की अवधि वर्ष 2015 में ही समाप्त हो चुकी थी, लेकिन पट्टेदार जमीन पर फसल बोते रहे। सिंचाई विभाग की ओर से इन्हें कई बार फसल हटाने की चेतावनी दी गई और नोटिस जारी किया, लेकिन इन्होंने जमीन खाली नहीं की। मंडलायुक्त के निर्देशानुसार राजस्व विभाग, सिंचाई विभाग, वन विभाग के अधिकारियों ने पुलिस मौजूदगी में जेसीबी और ट्रैक्टर के माध्यम से फसल हटाकर भूमि को कब्जा मुक्त कराया है। टीम में डीएफओ विजय सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई जलज शर्मा, देहात कोतवाली इंस्पेक्टर मुनेंद्र सिंह, एसडीओ संजीव वर्मा, संजीव कपिल, राजेश कश्यप, नेपाल सिंह, गुफरान अहमद, सतेंद्र कुमार मौजूद रहे।
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सिटी फॉरेस्ट के रूप में विकसित होगी भूमि
सहारनपुर। एसडीएम ने बताया कि मंडलायुक्त के निर्देशानुसार खाली कराई भूमि पर गाजियाबाद की तरह सिटी फॉरेस्ट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिसे विकसित करने की जिम्मेदारी वन संरक्षक वीके जैन को दी गई है। सिटी फॉरेस्ट के अंतर्गत फलदार व छायादार पेड़ लगाकर इसे हरे भरे वन और पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। सिटी फारेस्ट में कृत्रिम झील, साइकिल ट्रैक, बच्चों के झूले, ओपन जिम की व्यवस्था की जाएगी। भूमि नहर से लगी होने के कारण वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने पर भी विचार किया जाएगा। सिटी फॉरेस्ट के विकास का कार्य वन विभाग द्वारा किया जाएगा।
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