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Saharanpur News: जिले में 44 हजार मीट्रिक टन हुई गेहूं खरीद, 115 करोड़ रुपये का हुआ भुगतान
Sat, 20 Jun 2026 01:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 20 Jun 2026 01:11 AM IST
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सहारनपुर। गेहूं खरीद में जिले ने प्राप्त लक्ष्य का 74 फीसदी गेहूं खरीदा। इसके बावजूद जिला प्रदेश में 12 वें स्थान पर है। 96 गेहूं क्रय केंद्रों पर 13,381 किसानों ने गेहूं विक्रय किया। 15 जून को खरीद बंद हो चुकी है। इस वर्ष किसानों को करीब 115 करोड़ रुपये की धनराशि उनके खाते में भेजी गई है।
इस वर्ष का लक्ष्य 60 हजार मीट्रिक टन का था। जिलेभर में गेहूं खरीद 30 मार्च से 15 जून के बीच हुई। इस वर्ष 44,375.245 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। सबसे अधिक खरीद खाद्य विभाग के 11 क्रय केंद्रों पर हुई। यहां पर 7150 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन इन केंद्रों पर 8929.762 मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा गया। इसी तरह भारतीय खाद्य निगम के पांच केंद्रों ने भी लक्ष्य 3450 के सापेक्ष 3476 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा। मंडी परिषद ने 657.500 मीट्रिक टन गेहूं को किसानों से क्रय किया।
गेहूं उठान के मामले में जिले का प्रदेश में तीसरा स्थान है। क्रय केंद्रों से करीब 99 फीसदी गेहूं को एफसीआई के गोदामों में डिस्पैच कर दिया गया है। इस वर्ष अधिक गेहूं खरीद के पीछे सरकार द्वारा दिए गए मानकों की ढील को माना जा रहा है। मार्च और अप्रैल में बेमौसम बारिश से गेहूं फसल को नुकसान हुआ था।
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पिछले वर्ष से अधिक हुई गेहूं खरीद
जिले के वर्तमान 96 क्रय केंद्रों में पिछले वर्ष से अधिक गेहूं खरीद हुई है। पिछले वर्ष लक्ष्य के सापेक्ष 28 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था।, जबकि लक्ष्य भी करीब 58 हजार मीट्रिक टन का था। हालांकि इस बार भी लक्ष्य शत-प्रतिशत हासिल नहीं हुआ है, लेकिन खरीद पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक है।
जिले में गेहूं खरीद पूरी हो गई है। इस वर्ष 44 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जो लक्ष्य का 74 फीसदी है। करीब 115 करोड़ रुपये की राशि किसानों के खाते में भेजी गई है। - संजय श्रीवास्तव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
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इस वर्ष का लक्ष्य 60 हजार मीट्रिक टन का था। जिलेभर में गेहूं खरीद 30 मार्च से 15 जून के बीच हुई। इस वर्ष 44,375.245 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। सबसे अधिक खरीद खाद्य विभाग के 11 क्रय केंद्रों पर हुई। यहां पर 7150 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन इन केंद्रों पर 8929.762 मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा गया। इसी तरह भारतीय खाद्य निगम के पांच केंद्रों ने भी लक्ष्य 3450 के सापेक्ष 3476 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा। मंडी परिषद ने 657.500 मीट्रिक टन गेहूं को किसानों से क्रय किया।
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गेहूं उठान के मामले में जिले का प्रदेश में तीसरा स्थान है। क्रय केंद्रों से करीब 99 फीसदी गेहूं को एफसीआई के गोदामों में डिस्पैच कर दिया गया है। इस वर्ष अधिक गेहूं खरीद के पीछे सरकार द्वारा दिए गए मानकों की ढील को माना जा रहा है। मार्च और अप्रैल में बेमौसम बारिश से गेहूं फसल को नुकसान हुआ था।
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पिछले वर्ष से अधिक हुई गेहूं खरीद
जिले के वर्तमान 96 क्रय केंद्रों में पिछले वर्ष से अधिक गेहूं खरीद हुई है। पिछले वर्ष लक्ष्य के सापेक्ष 28 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था।, जबकि लक्ष्य भी करीब 58 हजार मीट्रिक टन का था। हालांकि इस बार भी लक्ष्य शत-प्रतिशत हासिल नहीं हुआ है, लेकिन खरीद पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक है।
जिले में गेहूं खरीद पूरी हो गई है। इस वर्ष 44 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जो लक्ष्य का 74 फीसदी है। करीब 115 करोड़ रुपये की राशि किसानों के खाते में भेजी गई है। - संजय श्रीवास्तव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।