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Saharanpur News: हिंडन के आसपास चल रही 42 औद्योगिक इकाइयों की होगी जांच

Thu, 23 Mar 2023 12:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Thu, 23 Mar 2023 12:30 AM IST
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42 industrial units running around Hindon will be investigated
हिन्डन नदी।
सहारनपुर। हिंडन नदी के आसपास करीब 42 औद्योगिक इकाइयां चल रहीं हैं। हिंडन को स्वच्छ बनाने के लिए एनजीटी ने नदी को प्रदूषित करने वाली इकाइयों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। ऐसे में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जनपद में संचालित इकाइयों की जांच कराने की बात कही है। यदि किसी इकाई द्वारा नदी को किसी भी तरह से दूषित करना पाया जाता है तो उक्त इकाई के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
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हिंडन नदी की हालत किसी से छिपी नहीं है। नदी का उद्गम सहारनपुर में शिवालिक की पहाड़ियों से है। जहां तक नदी आबादी से दूर है या उसके आसपास औद्योगिक इकाइयां नहीं हैं, वहां तक पानी पूरी तरह अविरल है। इस पानी को पीया जा सकता है, लेकिन आबादी और औद्योगिक इकाइयों के पास से गुजरने के बाद नदी लगातार दूषित हो रही है।
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जनपद में कई औद्योगिक इकाइयां ऐसी रही हैं, जिनका केमिकलयुक्त पानी हिंडन और उसकी सहायक नदियों ढमोला, पांवधोई, कृष्णा आदि में डाला जा रहा है। समय-समय पर ऐसी इकाइयों पर कार्रवाई की गई है, लेकिन अब एनजीटी और सख्त हो गया है।
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क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार उद्गम स्थल से दिल्ली तक हिंडन नदी के आसपास करीब 350 औद्योगिक इकाइयां हैं। इनमें से 42 इकाइयां सहारनपुर जनपद में हैं। उक्त औद्योगिक इकाइयां प्रदूषण को रोकने के लिए नियमों का पालन कर रहीं हैं या नहीं। हिंडन नदी को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचा रही हैं तो इसकी जांच की जाएगी। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित इकाई पर कार्रवाई होगी।
पांवधोई और ढमोला भी कर रही गंदा
महानगर के बीच से होकर गुजरने वाली पांवधोई नदी और ढमोला नदी हिंडन की सहायक नदियां हैं। उक्त दोनों नदियों को लेकर भी एनजीटी कई बार सख्ती कर चुका है। तीन साल पहले नगर निगम पर जुर्माना लगने से बचा था। ढमोला और पांवधोई नदी में शहर भर के नाले और सीवर डाले जा रहे हैं। तटों पर बसे लोगों ने अपने सेफ्टी टैंक के मुंह ढमोला और पांवधोई में खोले हुए हैं। एनजीटी की कार्रवाई से बचने के लिए ढमोला और पांवधोई नदी में अक्सीजन का स्तर बढ़ाने के लिए छोटे मोटे प्रयास किए जाते रहे हैं।
एसटीपी बनने के बाद होगा सुधार
जल निगम ग्रामीण जल्द ही मल्हीपुर रोड पर 135 एमएलडी का एसटीपी बनाने जा रहा है। शहर भर के नालों और सीवर को टेप कर उक्त एसटीपी तक लाया जाएगा। उसके बाद दूषित पानी को साफ कर ढमोला नदी में छोड़ा जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि एसटीपी बनने के बाद पांवधोई और ढमोला नदी में सीवर और नाले सीधे नहीं डाले जाएंगे। जिसके बाद दोनों नदियां और उनके साथ हिंडन भी साफ होगी।

-हिंडन नदी को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पूरी तरह गंभीर है। इसके आसपास संचालित औद्योगिक इकाइयों पर हमारी पैनी नजर है। जनपद में करीब 42 इकाइयां इसके आसपास संचालित हैं। जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि कोई इकाई हिंडन को गंदा तो नहीं कर रही है। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
- डॉ. डीसी पांडेय, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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