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प्रदर्शन कर तत्कालीन थाना प्रभारी का पुतला फूंका
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प्रदर्शन कर तत्कालीन थाना प्रभारी का पुतला फूंका
सहारनपुर। अनुज उर्फ कोटा की मौत के मामले में गुर्जर समाज के युवाओं ने रामपुर मनिहारन थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुतला फूंका। चेतावनी दी कि यदि इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
शुक्रवार को गुर्जर समाज के युवा जैन कॉलेज चौक पर इकट्ठा हुए। रोहताश गुर्जर, पंकज उमरी, बासित तोमर, विश्वजीत गुर्जर और उज्ज्वल माजरा ने कहा कि गांव घाटेड़ा निवासी अनुज उर्फ कोटा को रामपुर मनिहारान के तत्कालीन इंस्पेक्टर एसके राणा ने फोन करके गाली गलौज की और 36 घंटे के भीतर एनकाउंटर करने की धमकी दी थी। इसके बाद 20 दिसंबर को अनुज कोटा का गोली लगा शव सहारनपुर में टेलीफोन एक्सचेंज मार्ग पर मिला था। उन्होंने कहा कि जिस तरह से तत्कालीन इंस्पेक्टर ने अनुज को धमकाया, उससे जाहिर है कि अनुज की हत्या में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही। साथ ही अनुज के परिवार की महिलाओं के बारे में भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। उनकी मांग है कि तत्कालीन इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यदि कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान रजत अहमदपुर, आदित्य नल्हेड़ा, अमित चौधरी, अदनान चौधरी, मनीष साढ़ोली, अक्षय अहमदपुर, शैलेष नंदी, सौरभ नंदी, सचिन चौधरी, अंकित, राहुल चौधरी आदि मौजूद रहे।
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सहारनपुर। अनुज उर्फ कोटा की मौत के मामले में गुर्जर समाज के युवाओं ने रामपुर मनिहारन थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुतला फूंका। चेतावनी दी कि यदि इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
शुक्रवार को गुर्जर समाज के युवा जैन कॉलेज चौक पर इकट्ठा हुए। रोहताश गुर्जर, पंकज उमरी, बासित तोमर, विश्वजीत गुर्जर और उज्ज्वल माजरा ने कहा कि गांव घाटेड़ा निवासी अनुज उर्फ कोटा को रामपुर मनिहारान के तत्कालीन इंस्पेक्टर एसके राणा ने फोन करके गाली गलौज की और 36 घंटे के भीतर एनकाउंटर करने की धमकी दी थी। इसके बाद 20 दिसंबर को अनुज कोटा का गोली लगा शव सहारनपुर में टेलीफोन एक्सचेंज मार्ग पर मिला था। उन्होंने कहा कि जिस तरह से तत्कालीन इंस्पेक्टर ने अनुज को धमकाया, उससे जाहिर है कि अनुज की हत्या में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही। साथ ही अनुज के परिवार की महिलाओं के बारे में भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। उनकी मांग है कि तत्कालीन इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यदि कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान रजत अहमदपुर, आदित्य नल्हेड़ा, अमित चौधरी, अदनान चौधरी, मनीष साढ़ोली, अक्षय अहमदपुर, शैलेष नंदी, सौरभ नंदी, सचिन चौधरी, अंकित, राहुल चौधरी आदि मौजूद रहे।
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