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चीनी मिलों ने 97 लाख क्विंटल अधिक गन्ना पेराई की
Updated Sat, 28 Apr 2018 11:52 PM IST
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चीनी मिलों ने 97 लाख क्विंटल अधिक गन्ना पेराई की
सहारनपुर। किसानों की मेहनत, बीज एवं प्रजाति बदलाव के चलते जिले की चीनी मिलों ने गन्ना पेराई के पांच वर्ष का रिकार्ड ध्वस्त कर दिया है। इस बार पिछले सीजन की तुलना में अब तक 97 लाख क्विंटल अधिक गन्ना पेराई हो चुकी है। मिलों की गन्ना खरीद में हुई यह बढोत्तरी 27 प्रतिशत से भी अधिक है। उम्मीद है कि पेराई का आंकडा 480 लाख क्विंटल को पार कर सकता है।
बकाया भुगतान करने में चीनी मिलें भले ही किसानों को तरसा रहीं हों। लेकिन किसानों ने गन्ने की बंपर पैदावार कर मिलों को गन्ना सप्लाई करने में पिछले पांच वर्ष का रिकार्ड ध्वस्त कर दिया है। जिले की शुगर मिलें अब तक 454 लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर चुकी हैं जबकि पिछले वर्ष इन मिलों ने 357 लाख क्विंटल गन्ने की ही पेराई की थी। अब तक पिछले सीजन की अपेक्षा 97 लाख क्विंटल अधिक गन्ना पेराई हो चुकी है। यह वृद्धि करीब 27 प्रतिशत बैठती है। जिले की देवबंद, शेरमऊ, नानौता और सरसावा मिलों में पेराई कार्य अभी चल रहा है। उम्मीद है कि इस बार गन्ना पेराई का आंकड़ा 480 लाख क्विंटल को पार कर सकता है।
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एक नजर में पांच वर्षों के गन्ना पेराई के आंकडे़ लाख क्विंटल में
पेराई सत्र---------क्विंटल
2012-13---------- 353
2013-14---------- 264
2014-15--------- 295
2015-16---------- 216
2016-17---------- 357
2017-18---------- 454 अब तक
(गन्ना विभाग के आंकडों के अनुसार)
पूरा गन्ना खरीदकर ही होंगी मिल बंद
डीसीओ ने बताया कि प्रमुख सचिव और गन्ना आयुक्त संजय आर भुसरेड्डी मिलों की प्रतिदिन मानीटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दे रखे हैं कि चीनी मिल को बंदी की अनुमति तभी दी जाएगी जब उस चीनी मिल क्षेत्र में उपलब्ध समस्त पेराई योग्य गन्ने की आपूर्ति हो गई हो।
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जिले की मिलों ने अब तक 454 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। इसके बढकर 480 लाख क्विंटल होने की उम्मीद है। मिलों द्वारा अब तक की गई गन्ना पेराई ने पिछले पांच वर्ष के रिकार्ड को तोड़ दिया है। किसानों की मेहनत और बीज एवं प्रजाति बदलाव के चलते इस बार जिले में गन्ने का बंपर उत्पादन संभव हुआ है।
-डॉ. आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी।
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सहारनपुर। किसानों की मेहनत, बीज एवं प्रजाति बदलाव के चलते जिले की चीनी मिलों ने गन्ना पेराई के पांच वर्ष का रिकार्ड ध्वस्त कर दिया है। इस बार पिछले सीजन की तुलना में अब तक 97 लाख क्विंटल अधिक गन्ना पेराई हो चुकी है। मिलों की गन्ना खरीद में हुई यह बढोत्तरी 27 प्रतिशत से भी अधिक है। उम्मीद है कि पेराई का आंकडा 480 लाख क्विंटल को पार कर सकता है।
बकाया भुगतान करने में चीनी मिलें भले ही किसानों को तरसा रहीं हों। लेकिन किसानों ने गन्ने की बंपर पैदावार कर मिलों को गन्ना सप्लाई करने में पिछले पांच वर्ष का रिकार्ड ध्वस्त कर दिया है। जिले की शुगर मिलें अब तक 454 लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर चुकी हैं जबकि पिछले वर्ष इन मिलों ने 357 लाख क्विंटल गन्ने की ही पेराई की थी। अब तक पिछले सीजन की अपेक्षा 97 लाख क्विंटल अधिक गन्ना पेराई हो चुकी है। यह वृद्धि करीब 27 प्रतिशत बैठती है। जिले की देवबंद, शेरमऊ, नानौता और सरसावा मिलों में पेराई कार्य अभी चल रहा है। उम्मीद है कि इस बार गन्ना पेराई का आंकड़ा 480 लाख क्विंटल को पार कर सकता है।
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एक नजर में पांच वर्षों के गन्ना पेराई के आंकडे़ लाख क्विंटल में
पेराई सत्र---------क्विंटल
2012-13---------- 353
2013-14---------- 264
2014-15--------- 295
2015-16---------- 216
2016-17---------- 357
2017-18---------- 454 अब तक
(गन्ना विभाग के आंकडों के अनुसार)
पूरा गन्ना खरीदकर ही होंगी मिल बंद
डीसीओ ने बताया कि प्रमुख सचिव और गन्ना आयुक्त संजय आर भुसरेड्डी मिलों की प्रतिदिन मानीटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दे रखे हैं कि चीनी मिल को बंदी की अनुमति तभी दी जाएगी जब उस चीनी मिल क्षेत्र में उपलब्ध समस्त पेराई योग्य गन्ने की आपूर्ति हो गई हो।
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जिले की मिलों ने अब तक 454 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। इसके बढकर 480 लाख क्विंटल होने की उम्मीद है। मिलों द्वारा अब तक की गई गन्ना पेराई ने पिछले पांच वर्ष के रिकार्ड को तोड़ दिया है। किसानों की मेहनत और बीज एवं प्रजाति बदलाव के चलते इस बार जिले में गन्ने का बंपर उत्पादन संभव हुआ है।
-डॉ. आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी।