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आस्थावान मनुष्य के लिए कुछ भी असंभव नहीं
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:17 AM IST
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आस्थावान मनुष्य के लिए कुछ भी असंभव नहीं
सहारनपुर। आत्मानुभवी महाराज ने कहा कि आस्थावान मनुष्य अज्ञानता के अंधकार को चीरता हुआ स्वयं प्रकाशमय बन जाता है। सूर्य का अस्तित्व सिद्ध करने के लिए मशाल की जरूरत नहीं होती है। उसी प्रकार आस्थावान मनुष्य के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।
चंद्र नगर स्थित महाराणा प्रताप पार्क में चल रही श्रीमद्भागवत में आत्मानुभवी महाराज ने कहा कि हमें सर्वोच्च शक्ति के अहसास को कभी अपने से दूर नहीं करना चाहिए। सभी जीव जगत के अंदर ईश्वरीय शक्ति का संचार है। ईश्वर सत्ता का साक्षात्कार करने के लिए मन की आंखों को खोलना होगा। शुद्ध अंत:करण से सर्वव्यापक ईश्वर सत्ता को पहचाना जा सकता है। भागवत कथा हमें शांति और प्रेम का संदेश प्रदान करती है। भगवान कृष्ण ने रसखान और रहीम जैसे भक्तों को अपने गले लगाकर संसार में सद्भावना स्थापित की और प्रेम की पराकाष्ठा का बोध कराया। इसलिए प्रेम सद्भावना के साथ ही भारत देश एक सूत्र में बंधकर प्रगति करेगा और विश्व गुरु बनकर दुनिया का नेतृत्व करेगा। चौधरी ओमवीर सिंह, विक्रम सपरा, नीरज सिंघल, अरूण शास्त्री, पंडित मोहन, नंदनी, सोनिया, कविता, ममता, नेहा, रेखा, किरण, सरोज, नीलम, केला देवी, प्रिया आदि मौजूद रहे।
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सहारनपुर। आत्मानुभवी महाराज ने कहा कि आस्थावान मनुष्य अज्ञानता के अंधकार को चीरता हुआ स्वयं प्रकाशमय बन जाता है। सूर्य का अस्तित्व सिद्ध करने के लिए मशाल की जरूरत नहीं होती है। उसी प्रकार आस्थावान मनुष्य के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।
चंद्र नगर स्थित महाराणा प्रताप पार्क में चल रही श्रीमद्भागवत में आत्मानुभवी महाराज ने कहा कि हमें सर्वोच्च शक्ति के अहसास को कभी अपने से दूर नहीं करना चाहिए। सभी जीव जगत के अंदर ईश्वरीय शक्ति का संचार है। ईश्वर सत्ता का साक्षात्कार करने के लिए मन की आंखों को खोलना होगा। शुद्ध अंत:करण से सर्वव्यापक ईश्वर सत्ता को पहचाना जा सकता है। भागवत कथा हमें शांति और प्रेम का संदेश प्रदान करती है। भगवान कृष्ण ने रसखान और रहीम जैसे भक्तों को अपने गले लगाकर संसार में सद्भावना स्थापित की और प्रेम की पराकाष्ठा का बोध कराया। इसलिए प्रेम सद्भावना के साथ ही भारत देश एक सूत्र में बंधकर प्रगति करेगा और विश्व गुरु बनकर दुनिया का नेतृत्व करेगा। चौधरी ओमवीर सिंह, विक्रम सपरा, नीरज सिंघल, अरूण शास्त्री, पंडित मोहन, नंदनी, सोनिया, कविता, ममता, नेहा, रेखा, किरण, सरोज, नीलम, केला देवी, प्रिया आदि मौजूद रहे।
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