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तीसरे दिन फोर्स नहीं मिलने से रुका अभियान
Updated Thu, 11 Jan 2018 12:49 AM IST
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तीसरे दिन फोर्स नहीं मिलने से रुका अभियान
सहारनपुर। दो दिन आधा-अधूरा अतिक्रमण हटाने के बाद अभियान का दम निकल गया है। बुधवार को पहले तो नगर निगम की टीम ही एकजुट नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस फोर्स नहीं मिलने की वजह से अभियान टाल दिया गया।
नगर निगम का चुनाव होने के बाद महापौर संजीव वालिया ने प्रदेश सरकार के आदेश का हवाला देते हुए अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने का दावा किया था। उन्होंने डीएम और नगरायुक्त से वार्ता के बाद सख्ती के साथ अतिक्रमण हटवाने की बात कही थी। चार जनवरी को नगर निगम की टीम ने अभियान की शुरूआत की। दिल्ली रोड पर केवल रेहड़ियों और खोखों को हटवाया गया, जबकि बड़े दुकानदारों के अतिक्रमण को छोड़ दिया गया। अभियान के चंद घंटों बाद फिर से रेहड़ियां सड़कों पर आ गईं।
मंगलवार को दूसरे दिन निगम की टीम पुलिस बल के साथ अंबाला रोड पर अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। मगर नगर निगम और पुलिसकर्मियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद पुलिस बीच में से ही वापस लौट गई। अभियान का तीसरा दिन बुधवार को था। घंटाघर से अंबाला रोड पर अतिक्रमण हटाया जाना था। पहले तो दोपहर एक बजे तक नगर निगम की टीम ही इकट्ठा नहीं हो सकी। नगर निगम की टीम किसी तरह तैयार हुई तो पुलिस ने साथ देने से मना कर दिया। अभियान का नेतृत्व कर रहे निगम के सहायक अभियंता बिजेंद्र पाल ने बताया कि पुलिस फोर्स नहीं मिलने की वजह से अभियान नहीं चल सका है। बिना पुलिस की मदद के अभियान को सफल बनाया जाना संभव नहीं है।
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सहारनपुर। दो दिन आधा-अधूरा अतिक्रमण हटाने के बाद अभियान का दम निकल गया है। बुधवार को पहले तो नगर निगम की टीम ही एकजुट नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस फोर्स नहीं मिलने की वजह से अभियान टाल दिया गया।
नगर निगम का चुनाव होने के बाद महापौर संजीव वालिया ने प्रदेश सरकार के आदेश का हवाला देते हुए अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने का दावा किया था। उन्होंने डीएम और नगरायुक्त से वार्ता के बाद सख्ती के साथ अतिक्रमण हटवाने की बात कही थी। चार जनवरी को नगर निगम की टीम ने अभियान की शुरूआत की। दिल्ली रोड पर केवल रेहड़ियों और खोखों को हटवाया गया, जबकि बड़े दुकानदारों के अतिक्रमण को छोड़ दिया गया। अभियान के चंद घंटों बाद फिर से रेहड़ियां सड़कों पर आ गईं।
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मंगलवार को दूसरे दिन निगम की टीम पुलिस बल के साथ अंबाला रोड पर अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। मगर नगर निगम और पुलिसकर्मियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद पुलिस बीच में से ही वापस लौट गई। अभियान का तीसरा दिन बुधवार को था। घंटाघर से अंबाला रोड पर अतिक्रमण हटाया जाना था। पहले तो दोपहर एक बजे तक नगर निगम की टीम ही इकट्ठा नहीं हो सकी। नगर निगम की टीम किसी तरह तैयार हुई तो पुलिस ने साथ देने से मना कर दिया। अभियान का नेतृत्व कर रहे निगम के सहायक अभियंता बिजेंद्र पाल ने बताया कि पुलिस फोर्स नहीं मिलने की वजह से अभियान नहीं चल सका है। बिना पुलिस की मदद के अभियान को सफल बनाया जाना संभव नहीं है।
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