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बेटियां राष्ट्र का गौरव हैं
Updated Sun, 13 Aug 2017 01:39 AM IST
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बेटियां राष्ट्र का गौरव हैं
सहारनपुर। भारतीय किसान मजदूर मंच और लोक कल्याण सेवा समिति के तत्वाधान में शनिवार को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मेधावी बेटियों को सम्मानित किया गया।
देहरादून रोड स्थित एक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मंच के प्रदेश अध्यक्ष नीरपाल सिंह ने कहा कि बेटियां राष्ट्र का गौरव हैं, बेटियों के बिना सृष्टि अधूरी है। बेेटियां हो तो घर स्वर्ग सा लगता है। उन्होंने कहा कि आज देश में बेटियां हर क्षेत्र में बड़ी बड़ी कामयाबी हासिल कर रही हैं। वह शिक्षा से लेकर खेल जगत में बड़ा मुकाम बना रही हैं। समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का आह्वान करते हुए उन्होंने दहेज प्रथा को समाज में कैंसर करार दिया। कार्यक्रम की आयोजक लोक कल्याण सेवा समिति की चीफ कोर्डिनेटर आरती शर्मा और शाहिस्ता ने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में झंडे गाड़ रहीं हैं। उन्हें तो बस समाज और परिवार का सपोर्ट की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में गुलफशा, कांता, रशीदा, साहना परवीन, तब्बसुम, आशफा, अंजुम, अलीशा, फरहा नाज, रानी मलिक, मोनिका, साबिया, को शिक्षा और कला के क्षेत्र एवं गुलिस्ता मलिक को संगीत के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान सपन कुमार, अरविंद मलिक, रोहित कुमार, नूरजहां, समरीन, मुस्कान, सलमा, नरगिस, उजमा, ईरम, रशीदा, शुमायला, शहजादी, महक, शाजिया, जैनब, रूबी प्रवीन, हुमा, अंजलि, राधा, आदि रहे।
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सहारनपुर। भारतीय किसान मजदूर मंच और लोक कल्याण सेवा समिति के तत्वाधान में शनिवार को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मेधावी बेटियों को सम्मानित किया गया।
देहरादून रोड स्थित एक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मंच के प्रदेश अध्यक्ष नीरपाल सिंह ने कहा कि बेटियां राष्ट्र का गौरव हैं, बेटियों के बिना सृष्टि अधूरी है। बेेटियां हो तो घर स्वर्ग सा लगता है। उन्होंने कहा कि आज देश में बेटियां हर क्षेत्र में बड़ी बड़ी कामयाबी हासिल कर रही हैं। वह शिक्षा से लेकर खेल जगत में बड़ा मुकाम बना रही हैं। समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का आह्वान करते हुए उन्होंने दहेज प्रथा को समाज में कैंसर करार दिया। कार्यक्रम की आयोजक लोक कल्याण सेवा समिति की चीफ कोर्डिनेटर आरती शर्मा और शाहिस्ता ने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में झंडे गाड़ रहीं हैं। उन्हें तो बस समाज और परिवार का सपोर्ट की आवश्यकता है।
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कार्यक्रम में गुलफशा, कांता, रशीदा, साहना परवीन, तब्बसुम, आशफा, अंजुम, अलीशा, फरहा नाज, रानी मलिक, मोनिका, साबिया, को शिक्षा और कला के क्षेत्र एवं गुलिस्ता मलिक को संगीत के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान सपन कुमार, अरविंद मलिक, रोहित कुमार, नूरजहां, समरीन, मुस्कान, सलमा, नरगिस, उजमा, ईरम, रशीदा, शुमायला, शहजादी, महक, शाजिया, जैनब, रूबी प्रवीन, हुमा, अंजलि, राधा, आदि रहे।
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