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सहारनपुर में मिली 4000 वर्ष पुरानी सभ्यता
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:35 AM IST
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पुरातत्वविद डाॅ. भुवन विक्रम सिंह।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के रामपुर मनिहारान के गांव सकतपुर में चार हजार वर्ष पूर्व का इतिहास दफन है इसकी पुष्टि हो चुकी है। पुरातत्व विभाग की मानें तो अब तक चल रहे उत्खनन में मिले मिट्टी के बर्तन, मृदभांड, तांबे की कुल्हाड़ी, पत्थर का घोड़ा, ताम्र पत्र, सिल बट्टा व मिले मिट्टी के बर्तनों पर कारीगरी व सजावट आदि के प्रमाण मिल चुके हैं। शोध में पता चला है कि चार हजार वर्ष पूर्व भी मानव, कला कौशल को जानते थे।
आगरा उप मंडल पुरातत्व विभाग के पुरातत्व विद डा. भुवन विक्रम सिंह ने बताया कि गांव सकतपुर में उत्खनन के दौरान अब तक मिले अवशेषों का शोध में पता चला है कि वह चार हजार वर्ष पुरानी सभ्यता के हैं।
24 फरवरी से अब तक उत्खनन का कार्य बिना रुके किया जा रहा है। कुल 17 ट्रैंचों पर कार्य किया गया है। इनमें उस समय मानव किस प्रकार से मिट्टी के बर्तनों को पकाते थे। उस भट्टी के अवशेष भी मिले हैं।
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उन्होंने कहा कि अभी भी इस स्थान से मिले अवशेषों पर शोध किया जा रहा है। बताया कि वर्षा ऋतु शुरू होने और कार्य लगभग पूरा होने के चलते अब आगे उत्खनन नहीं होगा।
इस गांव में उत्खनन के दौरान मिली वस्तुएं व अवशेषों को धरोहर के रूप में रखा जाएगा। इतिहास के पन्नों में अब सकतपुर गांव का नाम हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस गांव के आस पास के गांवों में भी पौराणिक सभ्यता का इतिहास दफन है। इसके बारे में पुख्ता जानकारी प्राप्त की जाएगी।
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आगरा उप मंडल पुरातत्व विभाग के पुरातत्व विद डा. भुवन विक्रम सिंह ने बताया कि गांव सकतपुर में उत्खनन के दौरान अब तक मिले अवशेषों का शोध में पता चला है कि वह चार हजार वर्ष पुरानी सभ्यता के हैं।
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24 फरवरी से अब तक उत्खनन का कार्य बिना रुके किया जा रहा है। कुल 17 ट्रैंचों पर कार्य किया गया है। इनमें उस समय मानव किस प्रकार से मिट्टी के बर्तनों को पकाते थे। उस भट्टी के अवशेष भी मिले हैं।
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उन्होंने कहा कि अभी भी इस स्थान से मिले अवशेषों पर शोध किया जा रहा है। बताया कि वर्षा ऋतु शुरू होने और कार्य लगभग पूरा होने के चलते अब आगे उत्खनन नहीं होगा।
इस गांव में उत्खनन के दौरान मिली वस्तुएं व अवशेषों को धरोहर के रूप में रखा जाएगा। इतिहास के पन्नों में अब सकतपुर गांव का नाम हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस गांव के आस पास के गांवों में भी पौराणिक सभ्यता का इतिहास दफन है। इसके बारे में पुख्ता जानकारी प्राप्त की जाएगी।